कार्नेगी हॉल में नए संगीत उत्सव का आगाज / John McLaughlin FB Post
न्यूयॉर्क के प्रतिष्ठित कार्नेगी हॉल में भारतीय लय एक बार फिर गूंजेगी। मार्च 2026 में तबला सम्राट उस्ताद जाकिर हुसैन के सम्मान में एक भव्य कार्यक्रम आयोजित होगा, वहीं मई 2027 से यहाँ एक संस्थागत 'भारतीय संगीत महोत्सव' की शुरुआत की जाएगी।
6 मार्च को 'स्टर्न ऑडिटोरियम / पेरलमैन स्टेज' पर 'जाकिर हुसैन इटरनल' का आयोजन होगा। यह उनके 75वें जन्मदिन का उत्सव है, जिसे 'जाकिर हुसैन इंस्टीट्यूट ऑफ म्यूजिक' और 'वर्ल्ड म्यूजिक इंस्टीट्यूट' द्वारा प्रस्तुत किया जा रहा है।
इस शाम में एक असाधारण अंतर-सांस्कृतिक समूह एक साथ आएगा, जिसमें सैक्सोफोनिस्ट चार्ल्स लॉयड, 'ग्रेटफुल डेड' के ड्रमर मिकी हार्ट, बैंजो वादक बेला फ्लेक, बासिस्ट एडगर मेयर और पियानोवादक विजय अय्यर शामिल हैं। इनके साथ ही भारतीय शास्त्रीय कलाकार और जाकिर हुसैन के तबला समूह के सदस्य भी प्रस्तुति देंगे।
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श्रद्धांजलि और उत्सव के रूप में परिकल्पित यह संगीत कार्यक्रम, हिंदुस्तानी शास्त्रीय परंपरा को जैज़ और वैश्विक संगीत के साथ जोड़ने की जाकिर हुसैन की अनूठी क्षमता को दर्शाता है। इस संवाद की शुरुआत उन्होंने 1970 में कार्नेगी हॉल में अपने गुरु और सहयोगी रवि शंकर के साथ की थी।
कार्नेगी हॉल का भारतीय संगीत से जुड़ाव दशकों पुराना है। पंडित रवि शंकर ने अपने भाई उदय शंकर के साथ शुरुआती प्रस्तुतियों के बाद वहाँ 29 बार प्रदर्शन किया। इस मंच पर सरोद उस्ताद अमजद अली खान और सितार वादक अनुष्का शंकर का भी स्वागत किया गया है, जो इस स्थान की वैश्विक पहचान को पुख्ता करता है।
इसी विरासत को आगे बढ़ाते हुए, कार्नेगी हॉल ने इस महीने की शुरुआत में अपने पहले भारतीय संगीत महोत्सव की घोषणा की, जो 21-23 मई, 2027 को आयोजित होगा। यह 2026-27 के सीजन का हिस्सा होगा।
इस वार्षिक तीन दिवसीय कार्यक्रम को 'इला और दिनेश पालीवाल फाउंडेशन' द्वारा 10 मिलियन डॉलर (लगभग 83 करोड़ रुपये) के दान से समर्थन दिया गया है। इस फाउंडेशन का नेतृत्व भारतीय-अमेरिकी दंपत्ति—गायिका व परोपकारी इला पालीवाल और व्यापारिक नेता दिनेश सी. पालीवाल कर रहे हैं।
न्यूयॉर्क में भारत के महावाणिज्य दूतावास ने इस घोषणा का स्वागत करते हुए इसे सांस्कृतिक आदान-प्रदान के लिए एक मील का पत्थर बताया है।
इला पालीवाल के परामर्श से नियोजित इस महोत्सव के तहत स्टर्न ऑडिटोरियम में एक मुख्य प्रदर्शन होगा और ज़ेंकेल हॉल (Zankel Hall) में दो शामें वाद्य और गायन प्रस्तुतियों, उभरते कलाकारों और समकालीन रचनाओं के लिए समर्पित होंगी।
चयनित संगीतकारों को 'कार्नेगी हॉल फेलो अवार्ड' से सम्मानित किया जाएगा। साथ ही, भारतीय शास्त्रीय संगीत के प्रति समझ गहरी करने के लिए शैक्षिक और सामुदायिक पहल भी की जाएंगी।
कुल मिलाकर, जाकिर हुसैन को दी जाने वाली यह श्रद्धांजलि और वार्षिक भारतीय संगीत महोत्सव की शुरुआत, कार्नेगी हॉल के भारतीय संगीत के साथ बढ़ते जुड़ाव को दर्शाती है। जो सिलसिला दशकों पहले महान उस्तादों के ऐतिहासिक कार्यक्रमों से शुरू हुआ था, वह अब एक स्थायी संस्थागत रूप ले रहा है।
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