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पन्नू मामले में अमेरिका को भारत से जांच रिपोर्ट का है इंतजार, प्रवक्ता ने दोहराई ये बात

अमेरिका ने कहा कि हमने भारत सरकार को स्पष्ट कर दिया है कि हम उन्हें पूरी जांच कराते हुए देखना चाहते हैं और हम उस जांच के नतीजों का इंतजार कर रहे हैं। गुरपतवंत सिंह पन्नू भारत द्वारा घोषित एक आतंकवादी है जिसके पास अमेरिकी और कनाडाई नागरिकता है।

अमेरिकी विदेश मंत्रालय के आधिकारिक प्रवक्ता मैथ्यू मिलर ने कहा कि वे भारतीय पक्ष की जांच के परिणामों की प्रतीक्षा कर रहे हैं। / @Samuel

अमेरिकी विदेश मंत्रालय ने भारत द्वारा घोषित आतंकवादी गुरपतवंत सिंह पन्नू के खिलाफ कथित हत्या की नाकाम साजिश की पूरी जांच कराने की अपनी प्रतिबद्धता बुधवार को दोहराई। अमेरिका ने कहा कि हमने भारत सरकार को स्पष्ट कर दिया है कि हम उन्हें पूरी जांच कराते हुए देखना चाहते हैं और हम उस जांच के नतीजों का इंतजार कर रहे हैं। गुरपतवंत सिंह पन्नू भारत द्वारा घोषित एक आतंकवादी है जिसके पास अमेरिकी और कनाडाई नागरिकता है।

अमेरिकी विदेश मंत्रालय की डेली प्रेस ब्रीफिंग में जब पूछा गया कि क्या अमेरिका को मामले में भारत की आंतरिक जांच की रिपोर्ट मिली है, तो अमेरिकी विदेश मंत्रालय के आधिकारिक प्रवक्ता मैथ्यू मिलर ने कोई भी विवरण साझा करने से इनकार कर दिया। उन्होंने कहा कि वे भारतीय पक्ष की जांच के परिणामों की प्रतीक्षा कर रहे हैं।

उन्होंने कहा कि मैं मीडिया में आई खबरों पर बात नहीं करने जा रहा हूं। मैं सिर्फ इतना कहूंगा कि हमने भारत सरकार को साफ कर दिया है कि हम उन्हें पूरी जांच करते देखना चाहते हैं। हम उस जांच के परिणामों की प्रतीक्षा करना जारी रखेंगे, लेकिन मेरे पास कुछ और कहने के लिए कोई अपडेट नहीं है।

इससे पहले एक न्यूज एजेंसी के साथ इंटरव्यू में भारत में अमेरिकी राजदूत एरिक गार्सेटी ने स्वीकार किया कि भारत और अमेरिका खालिस्तानी आतंकवादी गुरपतवंत सिंह पन्नू के खिलाफ कथित रूप से नाकाम हत्या की साजिश की जांच में एक साथ काम कर रहे हैं। बहरहाल, उन्होंने इस बात पर भी जोर दिया कि लक्ष्मण रेखा को पार नहीं किया जाना चाहिए और किसी भी देश का कोई भी सरकारी कर्मचारी किसी विदेशी नागरिक की कथित हत्या की साजिश में शामिल नहीं हो सकता। गार्सेटी ने कहा कि यह संप्रभुता और अधिकारों का एक बुनियादी मुद्दा है।

पन्नू की कथित हत्या की साजिश की चल रही जांच का जिक्र करते हुए गार्सेटी ने कहा कि तथ्य यह है कि नई दिल्ली और वाशिंगटन आपराधिक कार्रवाई के पीछे उन लोगों को पकड़ने के लिए मिलकर काम कर रहे हैं, जो दर्शाता है कि वर्तमान में भारत-अमेरिका संबंध कितने मजबूत और करीबी हैं।

अमेरिकी राजदूत की टिप्पणियों के जवाब में विदेश मंत्री एस जयशंकर ने एक अप्रैल को कहा था कि दी गई जानकारी के आधार पर मामले की जांच की जा रही है। उन्होंने कहा था कि अमेरिकी राजदूत एक राजदूत के तौर पर वही कहेंगे जो उन्हें लगता है कि उनकी सरकार का रुख है। जयशंकर ने एक संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा था कि मेरी सरकार का रुख यह है कि इस विशेष मामले में हमें कुछ सूचनाएं उपलब्ध कराई गई हैं, जिनकी हम जांच कर रहे हैं।

अमेरिकी न्याय विभाग के अभियोग के अनुसार, भारतीय नागरिक निखिल गुप्ता पर पन्नू की हत्या का आरोप लगाया गया है। वह अभी हिरासत में है। अमेरिकी न्याय विभाग ने दावा किया था कि एक भारतीय सरकारी कर्मचारी, जिसकी पहचान दायर अभियोग में नहीं की गई है, ने पन्नू की कथित हत्या के लिए गुप्ता को नियुक्त किया था, जिसे अमेरिकी अधिकारियों ने विफल कर दिया था। अमेरिकी राजदूत ने इस बात की सराहना की है कि भारत ने इस मामले की जांच के लिए एक आयोग का गठन किया है।

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