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UT ऑस्टिन ने कविता राधाकृष्णन को नियुक्त किया अंतरिम नर्सिंग डीन

राधाकृष्णन ने कहा कि यूनिवर्सिटी ऑफ टेक्सास एट ऑस्टिन स्कूल ऑफ नर्सिंग की अंतरिम डीन के रूप में सेवा करना मेरे लिए सम्मान की बात है।

 कविता राधाकृष्णन कविता राधाकृष्णन / nursing.utexas.edu

ऑस्टिन की टेक्सास यूनिवर्सिटी ने कविता राधाकृष्णन को अपने स्कूल ऑफ नर्सिंग का अंतरिम डीन नियुक्त किया है। राधाकृष्णन 2012 से UT ऑस्टिन में नर्स वैज्ञानिक और फैकल्टी सदस्य के रूप में कार्यरत हैं। इससे पहले वह स्कूल में कई नेतृत्व पदों पर रह चुकी हैं। इनमें एसोसिएट डीन फॉर रिसर्च, असिस्टेंट डीन फॉर रिसर्च और लूसी बेन्स जॉनसन और इयान जे. टर्पिन सेंटर फॉर जेरोंटोलॉजिकल नर्सिंग की निदेशक शामिल हैं।

राधाकृष्णन ने कहा कि यूनिवर्सिटी ऑफ टेक्सास एट ऑस्टिन स्कूल ऑफ नर्सिंग की अंतरिम डीन के रूप में सेवा करना मेरे लिए सम्मान की बात है। आने वाले हफ्तों में मैं अपने कई सहयोगियों से मिलना चाहती हूं, उनके विचार सुनना चाहती हूं और इस उत्कृष्ट समुदाय की विशेषज्ञता से सीखना चाहती हूं।

उनकी रिसर्च डिजिटल तकनीकों के उपयोग पर केंद्रित है। यह विशेष रूप से बुजुर्गों और वंचित समुदायों में पुरानी बीमारियों के स्वयं प्रबंधन में मदद करने पर आधारित है। 2010 से उनका काम ऐसे तकनीकी तरीकों का अध्ययन कर रहा है जो लोगों को अपने घर और समुदाय में रहते हुए स्वास्थ्य स्थितियों का प्रबंधन करने में मदद करते हैं।

उन्होंने कहा कि मैं ‘एजिंग इन प्लेस’ की अवधारणा में विश्वास करती हूं। मेरा मानना है कि तकनीक, जब सोच-समझकर और नैतिक रूप से उपयोग की जाए, तो अधिक लोगों के लिए इसे संभव बना सकती है।

राधाकृष्णन की रिसर्च को कई संघीय और राज्य एजेंसियों का समर्थन मिला है। इनमें नेशनल इंस्टिट्यूट्स ऑफ हेल्थ और टेक्सास डिपार्टमेंट ऑफ हेल्थ एंड ह्यूमन सर्विसेज शामिल हैं। हृदय रोग के स्वयं प्रबंधन के लिए डिजिटल गेमिंग और जुड़े हुए सेंसर पर उनके शोध को नेशनल हार्ट, लंग एंड ब्लड इंस्टिट्यूट और नेशनल इंस्टिट्यूट ऑफ नर्सिंग रिसर्च से 6.8 मिलियन डॉलर से अधिक की फंडिंग मिली है।

वह वर्तमान में नेशनल इंस्टिट्यूट्स ऑफ हेल्थ द्वारा वित्तपोषित दो रैंडमाइज्ड कंट्रोल्ड ट्रायल की प्रमुख अन्वेषक हैं। इन अध्ययनों में हृदय रोग से पीड़ित लोगों में स्वयं प्रबंधन व्यवहार को समर्थन देने के लिए डिजिटल गेमिंग और जुड़े सेंसर के उपयोग की जांच की जा रही है। राधाकृष्णन डिजिटल हेल्थ और क्रॉनिक डिजीज मैनेजमेंट पर 50 से अधिक अकादमिक प्रकाशनों की लेखिका हैं।

उन्होंने अमेरिकन हार्ट एसोसिएशन की नीति टास्क फोर्स में टेलीहेल्थ के कार्यान्वयन पर विशेषज्ञ सलाहकार के रूप में भी काम किया है। इसके अलावा वह 2016 से 2020 तक ऑस्टिन शहर की एशियन अमेरिकन क्वालिटी ऑफ लाइफ कमीशन की बोर्ड कमिश्नर भी रहीं।

भारत में जन्मी राधाकृष्णन ने अपनी पढ़ाई की शुरुआत इंजीनियरिंग से की थी। बाद में उन्होंने नर्सिंग के क्षेत्र में प्रवेश किया। उन्होंने बताया कि यह बदलाव तब आया जब वह बोस्टन में इंजीनियरिंग की नौकरी खोजते समय एक अस्पताल में स्वयंसेवक के रूप में काम कर रही थीं। 

राधाकृष्णन के पास यूनिवर्सिटी ऑफ मैसाचुसेट्स एमहर्स्ट से नर्सिंग में डॉक्टरेट और बैचलर ऑफ साइंस की डिग्री है। इसके अलावा उनके पास यूनिवर्सिटी ऑफ टेक्सास एट आर्लिंग्टन से इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग में मास्टर डिग्री और यूनिवर्सिटी ऑफ मुंबई से इलेक्ट्रॉनिक्स इंजीनियरिंग में बैचलर डिग्री है। उन्होंने यूनिवर्सिटी ऑफ पेनसिल्वेनिया के न्यूकोर्टलैंड सेंटर फॉर ट्रांजिशंस एंड एजिंग में पोस्टडॉक्टोरल फेलोशिप भी पूरी की है।

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