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न्याय विभाग ने कई भारतीय मूल के वकीलों को बनाया इमिग्रेशन जज

अटॉर्नी जनरल पाम बॉन्डी ने कहा कि आव्रजन अदालतों में लंबित मामलों को कम करना सरकार की प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि नए न्यायाधीश इस लक्ष्य को पूरा करने में मदद करेंगे।

 द एक्जीक्यूटिव ऑफिस फॉर इमिग्रेशन रिव्यू द एक्जीक्यूटिव ऑफिस फॉर इमिग्रेशन रिव्यू / Wikipedia

अमेरिका के न्याय विभाग ने देश के अलग-अलग अदालतों में भारतीय मूल के छह वकीलों को आव्रजन न्यायाधीश नियुक्त किया है। यह घोषणा न्याय विभाग के आव्रजन समीक्षा कार्यालय ने की है। इन नियुक्तियों में शामिल न्यायाधीशों ने मार्च में आयोजित एक शपथ समारोह में पदभार संभाला है। यह समारोह अटॉर्नी जनरल पाम बॉन्डी की मौजूदगी में हुआ था।

1. डिंपल गुप्ता को वर्जीनिया के एनांडेल स्थित आव्रजन अदालत में न्यायाधीश बनाया गया है। वह इससे पहले खुफिया मामलों से जुड़ी संसदीय समिति में उप मुख्य कानूनी सलाहकार के रूप में काम कर चुकी हैं। उन्होंने केंद्रीय खुफिया एजेंसी और न्याय विभाग में भी कई अहम पदों पर काम किया है। डिंपल गुप्ता ने शिकागो विश्वविद्यालय से स्नातक और हार्वर्ड लॉ स्कूल से विधि की पढ़ाई की है।

2. अनुप्रिया कृष्णा को वर्जीनिया के स्टर्लिंग स्थित आव्रजन अदालत में न्यायाधीश नियुक्त किया गया है। वह इससे पहले आव्रजन अपील बोर्ड में वरिष्ठ वकील और सलाहकार के रूप में काम कर चुकी हैं। उन्होंने ओहायो स्टेट विश्वविद्यालय से स्नातक, क्लीवलैंड स्टेट विश्वविद्यालय से विधि की डिग्री और जॉर्ज वॉशिंगटन विश्वविद्यालय से उच्च विधि शिक्षा प्राप्त की है।

3. जिल के कृष्णन को डेट्रॉइट की आव्रजन अदालत में न्यायाधीश बनाया गया है। उन्होंने पहले आव्रजन और सीमा सुरक्षा एजेंसी में मुख्य वकील के रूप में काम किया था। इसके अलावा उन्होंने अपील अदालत में भी वकील और न्यायिक सहायक के रूप में सेवाएं दी हैं। उन्होंने नेब्रास्का विश्वविद्यालय से स्नातक और वेंडरबिल्ट विश्वविद्यालय से विधि की पढ़ाई की है।

4. रेवती मुनीर को ह्यूस्टन स्थित जेफरसन स्ट्रीट आव्रजन अदालत में न्यायाधीश नियुक्त किया गया है। उन्होंने लंबे समय तक नागरिकता और आव्रजन सेवाओं में काम किया है। वह शरण अधिकारी, प्रशिक्षण अधिकारी और राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े पदों पर भी कार्य कर चुकी हैं। उन्होंने टेक्सास क्रिश्चियन विश्वविद्यालय से स्नातक और साउदर्न मेथोडिस्ट विश्वविद्यालय से विधि की पढ़ाई की है।

5. आकाश व्यास को शिकागो की आव्रजन अदालत में न्यायाधीश बनाया गया है। उन्होंने पहले शिकागो में सरकारी वकील के रूप में काम किया और बाद में आव्रजन विभाग में जिम्मेदारी संभाली। उन्होंने पर्ड्यू विश्वविद्यालय से विज्ञान में स्नातक और इलिनोइस विश्वविद्यालय से विधि की डिग्री ली है। 

आपको बता दें कि ये शपथ समारोह वॉशिंगटन में न्याय विभाग के मुख्य सभागार में आयोजित हुआ था। इस दौरान आव्रजन समीक्षा कार्यालय के निदेशक डेरेन मार्गोलिन ने भी अपने विचार रखे थे। अटॉर्नी जनरल पाम बॉन्डी ने कहा कि आव्रजन अदालतों में लंबित मामलों को कम करना सरकार की प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि नए न्यायाधीश इस लक्ष्य को पूरा करने में मदद करेंगे। नव नियुक्त न्यायाधीश कानून के आधार पर फैसले करेंगे, न कि राजनीति के आधार पर।

न्याय विभाग के अनुसार लंबित मामलों की संख्या में पहले ही बड़ी कमी आई है। इन सभी न्यायाधीशों ने मार्च 2026 से मामलों की सुनवाई शुरू कर दी है।

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