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भारत में 19 अप्रैल से 7 चरणों में होंगे लोकसभा चुनाव, इस दिन आएंगे नतीजे

सीईसी राजीव कुमार ने बताया कि सात में से पहले चरण में 19 अप्रैल को 102 सीटों पर वोट डाले जाएंगे। दूसरे चरण में 26 अप्रैल को 89 सीटों पर मतदान होगा। तीसरे चरण में 7 मई को 94 सीटों के वोटर अपने मताधिकार का इस्तेमाल करेंगे। आखिरी चरण में 1 जून को 57 सीटों पर वोटिंग होगी।

मुख्य चुनाव आयुक्त राजीव कुमार ने आगामी चुनाव की तारीखों का ऐलान किया। / X @ECISVEEP

भारत में लोकसभा चुनाव की तारीखों का ऐलान हो गया है। मुख्य चुनाव आयुक्त राजीव कुमार ने चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार और सुखबीर सिंह संधु की मौजूदगी में प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि देश में सात चरणों में लोकसभा चुनाव होंगे। पहले चरण की वोटिंग 19 अप्रैल को और आखिरी दौर का मतदान 1 जून को होगा। नतीजों की घोषणा 4 जून को की जाएगी। 



सीईसी राजीव कुमार ने बताया कि पहले चरण में 19 अप्रैल को 102 सीटों पर वोट डाले जाएंगे। दूसरे चरण में 26 अप्रैल को 89 सीटों पर मतदान होगा। तीसरे चरण में 7 मई को 94 सीटों के वोटर अपने मताधिकार का इस्तेमाल करेंगे। इसी तरह चौथे चरण में 13 मई को 96 सीट, पांचवें चरण में 20 मई को 49 सीटों, छठे चरण में 25 मई को 57 सीटों पर और सातवें और आखिरी चरण में 1 जून को 57 सीटों पर वोटिंग होगी। चुनाव नतीजे 4 जून को घोषित किए जाएंगे।



चुनाव आयोग ने बताया कि लोकसभा चुनाव के साथ साथ चार राज्यों में विधानसभा चुनाव भी कराए जाएंगे। इनमें आंध्र प्रदेश और ओडिशा में 13 मई को विधानसभा चुनाव के लिए मतदान होगा। वहीं अरुणाचल प्रदेश और सिक्किम में 19 मई को विधानसभा चुनाव के लिए वोट पड़ेंगे। नतीजे 4 जून को ही आएंगे।

मुख्य चुनाव आयुक्त राजीव कुमार ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि लोकसभा चुनाव के दौरान 55 लाख ईवीएम का इस्तेमाल होगा। मतदान प्रक्रिया में 1.5 करोड़ मतदान व सुरक्षा अधिकारी-कर्मचारी हिस्सा लेंगे। इनकी सहूलियत के लिए चार लाख वाहनों का प्रयोग किया जाएगा। 

उन्होंने बताया कि भारत में 97 करोड़ रजिस्टर्ड वोटर हैं। इनमें 49.7 करोड़ पुरुष और 47 करोड़ महिला वोटर हैं। कुल 21.50 करोड़ युवा मतदाता चुनावों में हिस्सा लेंगे। इस बार के आम चुनाव में 1.82 करोड़ मतदाता पहली बार अपना वोट डालेंगे। उन्होंने बताया कि 12 राज्यों में महिला वोटरों का अनुपात पुरुष मतदाताओं से ज्यादा है।

सीईसी राजीव कुमार ने बताया कि 85 वर्ष से अधिक उम्र के सभी वोटरों को घर से मतदान करने की सुविधा दी जाएगी। इनके अलावा 40 प्रतिशत से अधिक की विकलांगता वाले मतदाओं के पास भी मतदान फॉर्म पहुंचाया जाएगा। उन्होंने बताया कि इस बार के चुनाव में 100 साल के ऊपर के 2.18 लाख वोटर हैं जबकि दिव्यांग मतदाताओं की संख्या 88.5 लाख है।

चुनाव आयोग ने कहा कि आगामी चुनावों में उसके सामने चार प्रमुख चुनौतियां हैं- पैसा, पावर, फेक न्यूज और चुनाव आचार संहिता का उल्लंघन। आयोग चुनावों को हिंसा मुक्त, भय मुक्त और गड़बड़ी मुक्त बनाने के लिए प्रतिबद्ध है। चुनावी हिंसा और खूनखराबे की घटनाओं को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। जहां कहीं से भी ऐसी सूचना मिलेगी, उस पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि चुनावों में काले धन का इस्तेमाल रोकने के कड़े प्रयास किए जाएंगे। 

मुख्य चुनाव आयुक्त ने राजनीतिक नेताओं को एकदूसरे पर निजी हमले न करने और रेड लाइन पार न करने की भी नसीहत दी। उन्होंने बशीर बद्र का शेर पढ़ते हुए कहा कि दुश्मनी जमकर करो, लेकिन ये गुंजाइश रहे कि जब कभी हम दोस्त हो जाएं तो शर्मिंदा ना हों। उन्होंने बताया कि चुनाव में मुफ्त की रेवड़ियां बांटने पर लगाम कसी जाएगी। 

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