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2025 की ग्लोबल रैंकिंग : भारतीय और अमेरिकी पासपोर्ट की ताकत में गिरावट

नोमैड कैपिटलिस्ट पासपोर्ट इंडेक्स 2025 के मुताबिक, भारत के पासपोर्ट की वैश्विक रैंकिंग में गिरावट आई है। ये अब 148वें स्थान पर पहुंच गया है। अमेरिका का पासपोर्ट भी नीचे खिसका है।

प्रतीकात्मक तस्वीर / Pexels

भारत के पासपोर्ट की रैंकिंग में गिरावट आई है। नोमैड कैपिटलिस्ट पासपोर्ट इंडेक्स 2025 (Nomad Capitalist Passport Index ) में भारत का पासपोर्ट 147वें स्थान से घटकर 148वें स्थान पर आ गया है। अमेरिका का पासपोर्ट भी 2024 में 44वें स्थान से 2025 में 45वें स्थान पर आ गया है। नोमैड कैपिटलिस्ट पासपोर्ट इंडेक्स 199 देशों की नागरिकताओं का मूल्यांकन करता है, जो ग्लोबल नागरिक होने के वास्तविक अर्थ को डेटा के आधार पर बताता है।

पासपोर्टों को पांच मुख्य फैक्टर्स – वीजा-मुक्त यात्रा, टैक्सेशन, ग्लोबल परसेप्शन, डुअल सिटिजनशिप और पर्सनल फ्रीडम  के आधार पर रैंक किया जाता है। ये फैक्टर मॉडर्न नोमैड्स, इन्वेस्टर्स, एंटरप्रेन्योर्स और अंतरराष्ट्रीय मानसिकता वाले लोगों की चिंताओं को दर्शाते हैं।

नोमैड कैपिटलिस्ट वेबसाइट के मुताबिक, बदलती जियोपॉलिटिक्स, आर्थिक अस्थिरता, और नीतियों में बदलावों के कारण कई पासपोर्ट्स के वीजा-मुक्त पहुंच को कम कर दिया गया है। इसमें कहा गया है, 'आज की अनिश्चित दुनिया में, कई नागरिकताएं रखना अब शौक नहीं, बल्कि जरूरत है।'

नोमैड पासपोर्ट इंडेक्स ने भारत को परसेप्शन में 20 अंक दिए। इसके लिए वर्ल्ड हैप्पीनेस रिपोर्ट, ह्यूमन डेवलपमेंट इंडेक्स और दूसरे फैक्टर्स का आधार लिया गया। इसमें कहा गया है कि 10 का न्यूनतम अंक उन देशों को दिया जाता है, जिनके नागरिकों को कई देशों में प्रवेश से मना किया जाता है। या जिनके नागरिकों को काफी दुश्मनी का सामना करना पड़ता है। नोमैड पासपोर्ट इंडेक्स ने भारत को 20 अंक दिए हैं क्योंकि इनके मुताबिक भारतीयों के साथ कई जगहों पर दुश्मनी का व्यवहार होता है। दूसरी तरफ, अमेरिका को परसेप्शन और फ्रीडम दोनों में 30 अंक मिले।

इस इंडेक्स में आयरलैंड 109 अंकों के साथ स्विट्जरलैंड को पीछे छोड़ते हुए पहले नंबर पर है। ये दोनों देश दुनिया भर में घूमने-फिरने के लिहाज से बेहतरीन हैं।

 

 

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