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अजरबैजान में भारत, विश्व धरोहर स्थलों की स्थायी प्रदर्शनी का उद्घाटन

इस कार्यक्रम में एक 'इंडियन स्ट्रीट फूड फेस्टिवल' भी शामिल था, जहां आने वाले लोगों ने कई तरह के असली भारतीय व्यंजनों और पेय पदार्थों का स्वाद लिया।

 भारतीय दूतावास में यह स्थायी प्रदर्शनी आम जनता के लिए खुली रहेगी।  भारतीय दूतावास में यह स्थायी प्रदर्शनी आम जनता के लिए खुली रहेगी। / IANS/X

अजरबैजान में भारत के दूतावास ने बाकू स्थित अपने परिसर में भारत की यूनेस्को वर्ल्ड हेरिटेज साइट्स (विश्व धरोहर स्थलों) पर एक स्थायी प्रदर्शनी का उद्घाटन किया। यह प्रदर्शनी भारत की समृद्ध सांस्कृतिक और प्राकृतिक धरोहर को दर्शाती है और साथ ही भारत और अजरबैजान के बीच लोगों के आपसी और सांस्कृतिक संबंधों को और मजबूत करती है।

शनिवार को आयोजित इस खास कार्यक्रम में कई देशों के राजदूत और राजनयिक, अजरबैजान की संसद के सदस्य, व्यापार जगत के प्रतिनिधि, टूर और ट्रैवल ऑपरेटर, प्रमुख मीडिया संगठन, सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर और भारतीय समुदाय के लोग शामिल हुए।

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इस प्रदर्शनी का उद्घाटन संयुक्त रूप से अजरबैजान में भारत के राजदूत अभय कुमार और यूएन-हैबिटैट अजरबैजान की कंट्री प्रोग्राम हेड एना सोएव ने किया। दोनों ने मिलकर 17 प्रदर्शनी पैनलों का अनावरण किया, जिनमें भारत के सबसे मशहूर सांस्कृतिक और प्राकृतिक स्थलों को दिखाया गया है। इन स्थलों को उनके असाधारण वैश्विक महत्व के कारण यूनेस्को से मान्यता मिली हुई है।

सभा को संबोधित करते हुए राजदूत कुमार ने कहा कि भारत दुनिया की सबसे पुरानी लगातार चलने वाली सभ्यताओं में से एक है, जिसकी सांस्कृतिक विरासत हजारों साल पुरानी है। उन्होंने बताया कि भारत में यूनेस्को की 44 विश्व धरोहर स्थल हैं, जिनमें 36 सांस्कृतिक स्थल, सात प्राकृतिक स्थल और एक मिश्रित स्थल शामिल हैं। यह न केवल भारत की असाधारण विरासत को बल्कि मानवता की साझा विरासत को भी दर्शाते हैं।

राजदूत कुमार ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मशहूर जगहों जैसे प्राचीन नालंदा विश्वविद्यालय, मशहूर ताजमहल, सांची में बौद्ध स्मारक और हम्पी व खजुराहो के शानदार मंदिर परिसरों का जिक्र किया, जो भारत की विविध सभ्यतागत यात्रा, कलात्मक उत्कृष्टता और वास्तुकला की शानदार मिसाल हैं। उन्होंने कहा कि इससे भारत की सांस्कृतिक और प्राकृतिक संपदा की बेहतर समझ बढ़ेगी और साथ ही भारत और अजरबैजान के बीच सांस्कृतिक जुड़ाव भी गहरा होगा।

इस मौके अन्ना सोवे ने स्थायी प्रदर्शनी शुरू करने के लिए भारतीय दूतावास की तारीफ की। उन्होंने इसे एक नई पहल बताया, जो सांस्कृतिक जागरूकता, बातचीत और इंसानियत की साझा विरासत की समझ को बढ़ावा देती है।

उन्होंने आने वाली पीढ़ियों के लिए अपनी बेशकीमती ऐतिहासिक और प्राकृतिक धरोहरों को बचाने के भारत के संकल्प की सराहना की। उन्होंने कहा कि देश की यूनेस्को विश्व धरोहर स्थल एक असाधारण सभ्यतागत विरासत और समृद्ध सांस्कृतिक विविधता को दर्शाते हैं।

उद्घाटन के बाद मेहमानों ने एक रंगारंग 'हेरिटेज-कम-फैशन वॉक' का आनंद लिया। इसमें अजरबैजानी प्रतिभागियों ने भारत के अलग-अलग राज्यों और क्षेत्रों का प्रतिनिधित्व करते हुए पारंपरिक भारतीय पोशाकें पहनी थीं।

इस कार्यक्रम में एक 'इंडियन स्ट्रीट फूड फेस्टिवल' भी शामिल था, जहां आने वाले लोगों ने कई तरह के असली भारतीय व्यंजनों और पेय पदार्थों का स्वाद लिया। इन व्यंजनों ने भारतीय खान-पान की विविधता और बेहतरीन स्वाद को पेश किया। भारत की कलात्मक परंपराओं से प्रेरित अजरबैजानी कलाकारों द्वारा पेश किए गए शानदार सांस्कृतिक कार्यक्रमों ने उत्सव के माहौल को और भी खुशनुमा बना दिया।

भारतीय दूतावास में यह स्थायी प्रदर्शनी आम जनता के लिए खुली रहेगी। इससे आने वाले लोगों को भारत की मशहूर सांस्कृतिक और प्राकृतिक जगहों को देखने और देश की सदियों पुरानी सभ्यता और विरासत को बेहतर ढंग से समझने का मौका मिलेगा।

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