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रो खन्ना की जगह लेने के लिए है जबरदस्त उर्जा: ईथन अग्रवाल

ईथन ने सोशल मीडिया पर बताया कि उनके अभियान ने पहले चार हफ्तों में 4 लाख डॉलर से ज्यादा जुटाए हैं। इसमें 56 प्रतिशत दान 300 डॉलर से कम के हैं। यह दिखाता है कि यह एक जमीनी आंदोलन है।

 बाएं से दाएं: एथन अग्रवाल, रो खन्ना बाएं से दाएं: एथन अग्रवाल, रो खन्ना / Courtesy: X/@ethanagarwal; Wikipedia

भारतीय मूल के कांग्रेस उम्मीदवार ईथन अग्रवाल ने 2 अप्रैल को कहा कि उनके अभियान को जमीनी स्तर पर अच्छा समर्थन मिल रहा है। उन्होंने कहा कि कैलिफोर्निया के 17वें डिस्ट्रिक्ट में उनके पक्ष में साफ ऊर्जा दिख रही है। बता दें कि ईथन अग्रवाल 2026 में डेमोक्रेटिक पार्टी के अंदर रो खन्ना को चुनौती दे रहे हैं।

ईथन ने सोशल मीडिया पर बताया कि उनके अभियान ने पहले चार हफ्तों में 4 लाख डॉलर से ज्यादा जुटाए हैं। इसमें 56 प्रतिशत दान 300 डॉलर से कम के हैं। यह दिखाता है कि यह एक जमीनी आंदोलन है। रो खन्ना को बदलने की ऊर्जा साफ दिखाई दे रही है। उन्होंने अपने समर्थकों और टीम का धन्यवाद किया।

आपको बताए कि ईथन अग्रवाल ने मार्च में अपने चुनाव अभियान की शुरुआत की थी। इससे पहले वह कैलिफोर्निया के गवर्नर पद के लिए दावेदारी छोड़ चुके थे। यह मुकाबला सिलिकॉन वैली में काफी चर्चा में है। अग्रवाल ने रो खन्ना पर आरोप लगाया था कि वह स्थानीय मुद्दों से ज्यादा राष्ट्रीय पहचान पर ध्यान देते हैं। इस चुनाव में तकनीक और राजनीति के बड़े नाम भी शामिल हो रहे हैं।

अग्रवाल को कुछ बड़े निवेशकों और उद्यमियों का समर्थन मिला है। इनमें गैरी टैन, चामथ पलिहापितिया और रॉन कॉनवे शामिल हैं। इन लोगों ने रो खन्ना की कुछ नीतियों की आलोचना की है। खासतौर पर संपत्ति कर के प्रस्ताव को लेकर। अग्रवाल को पूर्व सांसद माइक होंडा का भी समर्थन मिला है। माइक होंडा वही नेता हैं जिन्हें रो खन्ना ने 2016 में हराया था। माइक होंडा ने कहा कि अग्रवाल एक सच्ची और नई सोच वाले नेता हैं। वह नई पीढ़ी का प्रतिनिधित्व करते हैं।

यह चुनाव ऐसे समय में हो रहा है जब रो खन्ना और कुछ बड़े दानदाताओं के बीच मतभेद हैं। खासतौर पर संपत्ति कर और तकनीकी क्षेत्र में धन के बंटवारे को लेकर। रो खन्ना पांच बार सांसद रह चुके हैं। वह भारतीय मूल के प्रमुख नेताओं में से एक हैं। उनके पास करीब 1 करोड़ 55 लाख डॉलर का चुनाव फंड है। इससे साफ है कि अग्रवाल के लिए यह चुनौती आसान नहीं होगी। कैलिफोर्निया में प्राथमिक चुनाव 2 जून को होगा। इसमें सभी उम्मीदवार एक ही सूची में होते हैं। सबसे ज्यादा वोट पाने वाले दो उम्मीदवार आगे के चुनाव में जाते हैं।

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