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देसी अंदाज में क्रिसमस का स्वाद: जब भारतीय-अमेरिकी रसोई में लौटी अपनी पहचान

कभी क्रिसमस रोस्ट को आत्मसात होने का प्रतीक माना जाता था। यह दिखाने की कोशिश होती थी कि परिवार अमेरिकी संस्कृति में घुल-मिल गया है।

देसी अंदाज में क्रिसमस / image provided

अमेरिका में बसे भारतीय-अमेरिकी समुदाय के लिए क्रिसमस डिनर अब सिर्फ एक पश्चिमी परंपरा नहीं रह गया है। जहां पहली पीढ़ी के प्रवासी अक्सर क्रिसमस पर सूखी टर्की और डिब्बाबंद क्रैनबेरी सॉस के साथ ‘अमेरिकन’ बनने की कोशिश करते थे, वहीं आज उनकी नई पीढ़ी ने इस परंपरा को देसी स्वाद के साथ नया रूप दे दिया है।

कभी क्रिसमस रोस्ट को आत्मसात होने का प्रतीक माना जाता था। यह दिखाने की कोशिश होती थी कि परिवार अमेरिकी संस्कृति में घुल-मिल गया है। लेकिन सच यह भी था कि वह खाना ज्यादातर मजबूरी में बनाया जाता था, स्वाद के लिए नहीं। अब हालात बदल चुके हैं। आज भारतीय-अमेरिकी युवा अपनी जड़ों को गर्व के साथ अपनाते हुए क्रिसमस टेबल पर गोवा, पंजाब और दक्षिण भारत की खुशबू ले आ रहे हैं।

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इस सांस्कृतिक बदलाव की झलक हाल ही में एक वायरल इंस्टाग्राम रील में देखने को मिली, जिसे कंटेंट क्रिएटर मधुरा देसाई (@thedesidesai) ने शेयर किया। “American at Indian Christmas” नाम की इस रील में एक पश्चिमी मेहमान की ‘कल्चर शॉक’ को मजेदार अंदाज में दिखाया गया है। घर के बीचों-बीच रखी साधारण रोस्ट की जगह तंदूरी मसालों से सजी टर्की और टिक्का मसाला फ्लेवर वाला हैम नजर आता है। सबसे ज्यादा चर्चा में रहा “क्रैनबेरी सॉस अचार” — पारंपरिक क्रैनबेरी सॉस का तीखा-खट्टा देसी अचार रूप, जिसने सोशल मीडिया पर हजारों लोगों का दिल जीत लिया।

मधुरा देसाई की यह रील सिर्फ मनोरंजन नहीं, बल्कि एक संदेश भी देती है — ‘अमेरिकन होने’ का मतलब यह नहीं कि स्वाद से समझौता किया जाए।

 

क्रिसमस डिनर / image provided

मियामी में रहने वाली 36 वर्षीय मार्केटिंग एग्जीक्यूटिव प्रिया पी कहती हैं, “सालों तक मेरे माता-पिता क्रिसमस पर वही थैंक्सगिविंग-स्टाइल टर्की बनाते थे, क्योंकि उन्हें लगता था कि अमेरिकी बनने के लिए ऐसा करना जरूरी है। वह हमेशा सूखी होती थी और हम उसे हॉट सॉस में डुबो-डुबोकर खाते थे।”

आज यह बदलाव सिर्फ मिर्च या मसाले डालने तक सीमित नहीं है, बल्कि भारतीय कुकिंग तकनीकों को पूरे आत्मविश्वास के साथ अपनाया जा रहा है।

लॉस एंजिल्स के मार्केटिंग प्रोफेशनल निखिल एस कहते हैं, “पहले फ्यूजन खाना थोड़ा हिचकिचाहट भरा होता था। अब यह कॉन्फिडेंट है। अब हम आलू पर बस करी पाउडर नहीं छिड़कते, बल्कि सरसों के दाने और करी पत्ते का पूरा तड़का लगाते हैं।”

फीनिक्स की फूड ब्लॉगर श्वेता, जो ‘Masala And Chai’ नाम से जानी जाती हैं, ने तो पूरा इंडियन-अमेरिकन क्रिसमस मेन्यू ही तैयार कर डाला है। उन्होंने ऑनलाइन रेसिपी शेयर करते हुए लिखा, “क्रिसमस को अपने परिवार के साथ देसी ट्विस्ट के साथ सेलिब्रेट करें। क्रैनबेरी कॉफी केक मफिन्स, रोस्टेड तंदूरी चिकन और चाय-मसाला फ्लेवर वाले डेजर्ट्स और ड्रिंक्स — यकीन मानिए, हर साल आपका परिवार आपके घर क्रिसमस का इंतजार करेगा।”

देसी मसालों और बेबाक स्वाद के साथ भारतीय-अमेरिकी समुदाय वही कर रहा है, जो प्रवासी हमेशा से करते आए हैं — नई जमीन की संस्कृति में अपना रंग घोलना। आज भी ओवन में रोस्ट है, लेकिन उसका स्वाद पूरी तरह बदल चुका है। और जैसा कि मधुरा देसाई की वायरल रील साबित करती है, यह बदलाव हर तीखे और स्वादिष्ट कौर के साथ जश्न के लायक है।

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