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आयुर्वेदिक चाय से सुबह की शुरुआत, पूरा दिन बन सकता है सेहतमंद और ऊर्जावान

विज्ञान भी इस बात को मानता है कि सुबह के समय हल्का, गर्म और प्राकृतिक तत्वों से बना पेय शरीर के मेटाबॉलिज्म को बेहतर ढंग से सक्रिय करता है।

प्रतीकात्मक तस्वीर / AI

सुबह का समय शरीर और मन दोनों के लिए अहम माना जाता है। यही वह समय होता है, जब हमारा शरीर रातभर की सुस्ती से बाहर निकलकर नए दिन के लिए खुद को तैयार करता है। आयुर्वेद के अनुसार, सुबह लिया गया सही पेय न केवल पाचन अग्नि को जगाता है, बल्कि पूरे दिन की ऊर्जा और संतुलन भी तय करता है।  

विज्ञान भी इस बात को मानता है कि सुबह के समय हल्का, गर्म और प्राकृतिक तत्वों से बना पेय शरीर के मेटाबॉलिज्म को बेहतर ढंग से सक्रिय करता है। इसी वजह से आयुर्वेदिक चाय आज फिर से लोगों की दिनचर्या में लौट रही है। ये धीरे-धीरे शरीर को भीतर से मजबूत बनाने का काम करती है।

आयुर्वेदिक चाय की खास बात यह है कि इनमें इस्तेमाल होने वाली जड़ी-बूटियां और मसाले रसोई में आसानी से मिल जाते हैं। विज्ञान भी इन तत्वों पर रिसर्च कर चुका है और मानता है कि इनमें मौजूद प्राकृतिक रसायन शरीर को कई समस्याओं से बचाते हैं। आइए जानते हैं ऐसी ही पांच चाय के बारे में, जो रोजाना सुबह पी जाए तो सेहत को कई तरह से फायदे पहुंचा सकती है।

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अदरक की चाय :- अदरक की चाय को आयुर्वेद में 'दीपन' यानी पाचन अग्नि को बढ़ाने वाला माना गया है। अदरक में जिंजरोल नाम का तत्व पाया जाता है, जो सूजन को कम करने और शरीर में गर्माहट बनाए रखने में मदद करता है। यही कारण है कि सर्दी, जुकाम और गले की खराश में अदरक की चाय आराम देती है। विज्ञान के अनुसार, अदरक पेट की गैस, मतली और अपच जैसी समस्याओं को शांत करता है। सुबह अदरक की चाय पीने से रक्त संचार बेहतर होता है, जिससे शरीर में फुर्ती बनी रहती है।

तुलसी की चाय :- तुलसी की चाय को आयुर्वेद में अमृत के समान माना गया है। तुलसी शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को संतुलित करने में मदद करती है। इसमें मौजूद एंटीऑक्सीडेंट्स शरीर को संक्रमण से लड़ने की ताकत देते हैं। वैज्ञानिक शोध बताते हैं कि तुलसी तनाव को कम करने में भी सहायक हो सकती है, क्योंकि यह शरीर में स्ट्रेस हार्मोन को संतुलित करती है। बदलते मौसम में तुलसी की चाय पीने से सर्दी-खांसी और बुखार जैसी समस्याओं से बचाव में मदद मिलती है।

पुदीने की चाय :- पुदीने की चाय पेट के लिए बहुत ही हल्की और आराम देने वाली मानी जाती है। आयुर्वेद के अनुसार, पुदीना पाचन तंत्र को ठंडक देता है और पेट में जमी गैस को बाहर निकालने में सहायक होता है। विज्ञान भी मानता है कि पुदीने में मौजूद मेन्थॉल पाचन नली की मांसपेशियों को आराम देता है। इससे पेट दर्द, बेचैनी और एसिडिटी जैसी समस्याएं कम हो सकती हैं। सुबह पुदीने की चाय पीने से दिमाग भी तरोताजा महसूस करता है।

हल्दी की चाय :- हल्दी की चाय को आज के समय में 'नेचुरल इम्युनिटी ड्रिंक' कहा जाने लगा है। हल्दी में करक्यूमिन नाम का तत्व होता है, जो सूजन को कम करने और शरीर को अंदर से साफ रखने में मदद करता है। आयुर्वेद में हल्दी को रक्त शोधक माना गया है। विज्ञान के अनुसार, हल्दी जोड़ों के दर्द, हल्की सूजन और थकान में सहायक हो सकती है। रोज सुबह हल्दी की चाय पीने से शरीर की प्रतिरोधक क्षमता धीरे-धीरे मजबूत होती है।

नींबू की चाय :- यह शरीर को तरोताजा करने वाली चाय मानी जाती है। नींबू में मौजूद विटामिन-सी शरीर की रोगों से लड़ने की ताकत बढ़ाता है। आयुर्वेद के अनुसार, नींबू पाचन को सुधारता है और शरीर से विषैले तत्वों को बाहर निकालने में मदद करता है। विज्ञान भी मानता है कि नींबू मेटाबॉलिज्म को सक्रिय करता है और त्वचा के लिए भी फायदेमंद हो सकता है। सुबह नींबू की चाय पीने से शरीर हल्का और मन ताजा महसूस करता है।

 

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