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भारत दौरे पर जाएगा अमेरिकी सुरक्षा अधिकारियों का दल, पन्नू मामले पर होगी चर्चा?

अमेरिका के होमलैंड सिक्योरिटी विभाग का प्रतिनिधिमंडल अगले सप्ताह भारत की यात्रा करेगा। ये अधिकारी होमलैंड सिक्योरिटी डायलॉग (एचएसडी) के लिए भारत जा रहे हैं। इस दौरान प्रतिनिधिमंडल भारत सरकार के केंद्रीय गृह मंत्रालय के अधिकारियों से अहम वार्ता होगी। 

एक भारतीय नागरिक और भारत सरकार के एक अनाम अधिकारी पर खालिस्तानी अलगाववादी नेता गुरपतवंत सिंह पन्नू की हत्या की कथित साजिश में शामिल होने का आरोप लगाने के बाद अब अमेरिकी सरकार का एक प्रतिनिधिमंडल भारत की यात्रा पर आ रहा है। सूत्रों के हवाले से मीडिया में आई खबरों में दावा किया गया है कि इस प्रतिनिधिमंडल की अगुआई होमलैंड सिक्योरिटी की कार्यवाहक डिप्टी सेक्रेटरी क्रिस्टी कनेगेलो कर रही हैं। 

रिपोर्टस के अनुसार, अमेरिका के होमलैंड सिक्योरिटी विभाग का ये प्रतिनिधिमंडल अगले सप्ताह भारत की यात्रा करेगा। ये अधिकारी होमलैंड सिक्योरिटी डायलॉग (एचएसडी) के लिए भारत जा रहे हैं। इस दौरान प्रतिनिधिमंडल की भारत सरकार के केंद्रीय गृह मंत्रालय के अधिकारियों से अहम चर्चा होगी।  

इस सम्मेलन में भारतीय प्रतिनिधिमंडल की अगुआई केंद्रीय गृह सचिव अजय भल्ला करेंगे। होम मिनिस्ट्री के एक वरिष्ठ अधिकारी के हवाले से खबर में बताया गया है कि इस सम्मेलन में भारत के नारकोटिक्स ब्यूरो, एनआईए, सीबीआई, इंटरनल सिक्योरिटी जैसे विभागों के प्रमुखों के अलावा अन्य उच्चाधिकारी भी शामिल होंगे। इन सभी से 28 फरवरी को सम्मेलन में मौजूद रहने को कहा गया है।

भारत ने अमेरिकी अधिकारियों के साथ उठाए जाने वाले मुद्दों की रूपरेखा तैयार कर ली है। बताया जाता है कि इन मुद्दों में आपराधिक प्रवृत्ति के लोगों को शरण देने, खालिस्तान समर्थक तत्वों द्वारा भारत में आतंकी गतिविधियों को अंजाम दिया जाना, सैन फ्रांसिस्को में भारतीय दूतावास पर हमले के आरोपी की गिरफ्तारी में सहयोग, पाकिस्तानी मूल के कनाडाई कारोबारी तहव्वुर राणा के प्रत्यर्पण और टेरर फंडिंग जैसे मामले शामिल हैं। हालांकि सूत्रों के हवाले से दावा किया गया है कि पन्नू का मामला अजेंडा में नहीं है। 

बता दें कि भारत-अमेरिका होमलैंड सिक्योरिटी डायलॉग की शुरुआत 2010 में हुई थी। इसका उद्देश्य आतंकवाद निरोधी मुद्दों से मिलकर निपटने पर काम करना है। पहली एचएसडी का आयोजन मई 2011 में हुआ था। 

अमेरिका के इस उच्चस्तरीय दल से पहले दिसंबर में एफबीआई डायरेक्टर क्रिस्टोफर रे भारत यात्रा पर आए थे। उनकी एनआईए मुख्यालय में हुई बैठक के दौरान आतंकी गतिविधियों, आपराधिक नेटवर्क और भारतीय दूतावास पर हमले जैसे मामलों पर चर्चा की गई थी। 

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