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इशानी दत्तगुप्ता को दिए एक विस्तृत इंटरव्यू में ठाकुर ने बताया कि भारतीय IT बूम और H-1B सिस्टम की पड़ताल करने की प्रेरणा उन्हें कहां से मिली। उन्होंने इस चिंता पर भी बात की कि सिस्टम की आलोचना को भारतीय कामगारों के खिलाफ जेनोफोबिया माना जा सकता है। ठाकुर का कहना है कि दो भारतीय IT पेशेवरों और एक अमेरिकी कर्मचारी की कहानी आखिरकार सत्ता, अस्तित्व और इंसानी आज़ादी की कहानी बन गई।

तनुज ठाकुर, 'वाइल्ड वाइल्ड ईस्ट: एक्साइल्ड अमेरिकन्स, एनस्लेव्ड इंडियंस एंड द सिस्टमिक अब्यूज़ ऑफ़ द H-1B वीजा प्रोग्राम' के लेखक
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