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साउथ डकोटा: आप भी कर लीजिए यहां घूमने की प्लानिंग...

जितना इंतज़ार हमनें किया उससे कहीं ज़्यादा प्यार इन राज्यों ने हमपर लुटाया। मौसम के सारे रंग तो दिखाए ही, अपनी ख़ूबसूरती से मन भी मोहा।

तैयारी घूमने की... / Tapasya Chaubey

अमेरिका में घूमते- घूमते हमने क़रीब 25 या 27 राज्य पूरे कर लिए थे। ऐसे में एक दिन हमें खयाल आया कि क्यों न अब बाक़ी के बचे हुए राज्यों को ही घूमा जाए और पचासों राज्य की यात्रा पूरी की जाए। हमने बचे हुए राज्यों की एक लिस्ट बना ली। उस लिस्ट में दूरी और कम प्रचलित जगह, कम प्रचलित जगह पर जाने और रहने के बड़े खर्च की वजह से नॉर्थ और साउथ डकोटा हर बार कहीं जाने के प्लान में अंत में आते। जाने और रहने का खर्च थोड़ा महंगा इस सेंस में होता कि हर जगह से डायरेट फ़्लाइट नहीं। कम एयरलाइन इस रूट पर हैं तो जाहिर है महंगा टिकट। दूसरा यह की इतनी दूर जाना हो तो कम से एक सप्ताह तो रहा जाए। वैसे घूमते-फिरते इतना तो मालूम हो ही गया था कि कई बार जिन जगहों की बहुत तारीफ़ सुनी होती थी वह बस तारीफ़ भर ही होती। वहीं कुछ जगह छिपे हुए खजाने की तरह होतीं। 

अब पचास राज्य पूरा होने में पांच ही बचे थें। ऐसे में हमें नार्थ और साउथ डकोटा ही जाना था। कई बार यह अफ़सोस भी होता कि काश आयोवा, नेब्रस्का या फिर वायोमिंग घूमते वक़्त ही थोड़े दिन और छुट्टी लेकर उसी वक़्त यह भी घूम लिया होता। इसका मुख्य कारण यह कि यह दो राज्य इन तीनों राज्यों से सटे हैं। ख़ैर मेरा बड़ा विश्वास रहता है कि हर चीज़ का एक वक्त तय है। 

इस ट्रिप के साथ एक यह भी अनुभव रहा। अब से पहले हम कोई भी ट्रिप एक से डेढ़ महीनें के बीच फ़ाइनल कर के टिकट वगैरह बुक कर लिया करते थे। ऐसे में हमने पिछले साल यानी जुलाई 2024 में यहां जाने का टिकट देखा। टिकट के प्राइस देख कर होश उड़ गए। उतने में तो थोड़ा और मिला कर हम भारत चले जाते। ऐसे में सोचा छोड़ो, दिसम्बर में चलते हैं। पर उस वक़्त कुछ नेशनल पार्क बहुत ज़्यादा ठंढ की वजह से शायद बंद हो सकते थें, ऐसा हमें एक फ़ोरम से मालूम हुआ।

हमने अब तय कर किया लिया कि कुछ भी हो अगला राज्य तो यही दोनों होंगें। ऐसे में हम उसी दिन बैठ कर 2025 के मार्च से जुलाई तक के टिकट और मौसम का आकड़ा निकालना शुरू किया । एक सप्ताह की छुट्टी, मौसम और पहले टिकट के हिसाब से जून में सब कुछ हमारे अनुसार फिट बैठा और हमने टिकट होटल और कार रेंट  दो-चार दिन के भीतर बुक कर लिया। यह अब तक की हमारी पहली यात्रा रही जिसकी तैयारी हमने क़रीब छह-सात महीनें पहले कर ली थी। 

जितना इंतज़ार हमनें किया उससे कहीं ज़्यादा प्यार इन राज्यों ने हमपर लुटाया। मौसम के सारे रंग तो दिखाए ही, अपनी ख़ूबसूरती से मन भी मोहा। कई बार मैं यही सोचती रही कि हम भारतीय यहां इतना कम क्यों आते हैं? मुझे यह इस कदर पसंद आया कि अगर कम दूरी होती तो मैं फिर यहां जाती। हां, यहां जितने मैंने नो लिटरिंग( कचरा न फेकें) के बोर्ड देखे उतने अमेरिका के किसी राज्य में नहीं देखे। कम आबादी, खूब साफ़ सुथरा, हरा-भरा, घुमावदार- रंगीन पहाड़ियां, जीव-जंतु और ढेर सारे कैंपिंग ग्राउंड।  

अगली बार लिखूंगी कहां घूमें, क्या देखें और उस जगह का विवरण। आज यह लेख पूरा हो उससे पहले जान ले कैसे जाएं? 

अगर आप इससे सटे किसी राज्य (आयोवा, नेब्रेस्का, वायोमिंग, मोटाना या थोड़ी दूर विस्कॉन्सिन या डेनवर) में हैं तो बाई ड्राइव इज बेस्ट ऑप्शन। फ़्लाइट आप रैपिड सिटी या सू फॉल के लिये ले सकते हैं। पर मेरे हिसाब से रैपिड सिटी का लेना बेहतर होगा। कारण, साउथ डकोटा के कुछ महत्वपूर्ण अट्रैक्शन इसी एयरपोर्ट से पास है। ऐसे में आप ज़्यादा ड्राइविंग से थोड़ा बच सकतें हैं। 

रैपिड सिटी में रहने के लिए ठीक होटल हैं। खाने के भी ठीक ठिकाने हैं। पर बहुत ज़्यादा चेन वाली शॉप्स नहीं हैं। लगभग हर एक शहर में एक भारतीय रेस्टोरेंट है। वह कैसे वह अगली बार लिखूंगी। 

ध्यान रखने योग्य... 
जब भी आप यात्रा शुरू करें सुनिश्चित कर लें कि आपकी गाड़ी में गैस फुल हो। साथ में पानी की एक्स्ट्रा बॉटल हो, खाने की कुछ चीजें हों और बाथरूम वगैरह हो चुकें हों। इसका कारण गैस स्टेशन की बीच की दूरी, हाईवे पर कोई एग्जिट या रेस्ट एरिया का क़रीब न होना है। 

क्रमशः

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