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डॉ. गुनीशा कौर को सीनेटर शूमर ने USCIRF में नियुक्त किया

डॉ. कौर इस आयोग में सेवा देने वाली सिख समुदाय की पहली सदस्य बन गई हैं। उनके नामांकन को सिख कोएलिशन नामक नागरिक अधिकार संगठन ने कैपिटल हिल में आगे बढ़ाया और समर्थन दिया है।

 डॉ. गुनीशा कौर  डॉ. गुनीशा कौर / sikhspeakersnetwork.org

मानवाधिकार शोधकर्ता और वेल कॉर्नेल मेडिसिन ह्यूमन राइट्स इम्पैक्ट लैब की संस्थापक निदेशक डॉ. गुनीशा कौर को अमेरिकी अंतरराष्ट्रीय धार्मिक स्वतंत्रता आयोग (USCIRF) में नियुक्त किया गया है। उनकी नियुक्ति न्यूयॉर्क से डेमोक्रेटिक सीनेटर चार्ल्स शूमर ने की है।

डॉ. कौर इस आयोग में सेवा देने वाली सिख समुदाय की पहली सदस्य बन गई हैं। उनके नामांकन को सिख कोएलिशन नामक नागरिक अधिकार संगठन ने कैपिटल हिल में आगे बढ़ाया और समर्थन दिया है। डॉ. गुनीशा कौर एनेस्थीसियोलॉजी की एसोसिएट प्रोफेसर हैं। उन्होंने अपने करियर में उन लोगों के स्वास्थ्य और मानवाधिकारों पर काम किया है जिन्हें धार्मिक पहचान, LGBTQ+ पहचान या अल्पसंख्यक होने के कारण उत्पीड़न झेलना पड़ा है।

इनमें शरणार्थी और शरण मांगने वाले लोग भी शामिल हैं। उन्होंने न्यूरोसाइंस रिसर्च के अपने अनुभव का इस्तेमाल मानवाधिकारों के अध्ययन के लिए वैज्ञानिक तरीके विकसित करने में किया है। उनके शोध को नेशनल इंस्टीट्यूट्स ऑफ हेल्थ, फाउंडेशन फॉर एनेस्थीसिया एजुकेशन एंड रिसर्च, नेशनल एकेडमी ऑफ मेडिसिन और कॉर्नेल यूनिवर्सिटी जैसे संस्थानों का समर्थन मिला है।

डॉ. कौर ने 2006 में कॉर्नेल यूनिवर्सिटी से बीएस की डिग्री हासिल की। इसके बाद उन्होंने 2010 में वेल कॉर्नेल मेडिकल कॉलेज से मेडिकल शिक्षा पूरी की। 2014 में उन्होंने न्यूयॉर्क प्रेस्बिटेरियन हॉस्पिटल में एनेस्थीसियोलॉजी रेजिडेंसी पूरी की। साल 2015 में उन्होंने हार्वर्ड यूनिवर्सिटी से मेडिकल एंथ्रोपोलॉजी में मास्टर डिग्री हासिल की।

USCIRF के सदस्य व्हाइट हाउस और डेमोक्रेटिक व रिपब्लिकन नेताओं द्वारा दो साल के कार्यकाल के लिए नियुक्त किए जाते हैं। यह एक स्वतंत्र और द्विदलीय एजेंसी है, जो दुनिया भर में धार्मिक स्वतंत्रता की स्थिति पर नजर रखती है। आयोग अमेरिकी राष्ट्रपति, विदेश मंत्री और कांग्रेस को नीतिगत सुझाव भी देता है और उनकी प्रगति की निगरानी करता है।

हाल के वर्षों में सिख कोएलिशन ने USCIRF के साथ मिलकर अंतरराष्ट्रीय दमन और सिख मानवाधिकार रक्षकों के मुद्दों पर जागरूकता बढ़ाने का काम किया है। सिख कोएलिशन के कार्यकारी निदेशक हरमन सिंह ने कहा कि सिख इतिहास का USCIRF के मुख्य मुद्दों उत्पीड़न, विस्थापन और मानवाधिकारों की रक्षा से गहरा संबंध है।

उन्होंने आगे कहा कि दक्षिण एशिया में धार्मिक स्वतंत्रता से जुड़े सरकारी मुद्दों से लेकर ईरान और अफगानिस्तान जैसे संघर्षग्रस्त क्षेत्रों में सिख समुदायों की मानवीय समस्याओं तक, सिख दृष्टिकोण आज USCIRF के मिशन के लिए पहले से ज्यादा महत्वपूर्ण हैं। उन्होंने डॉ. कौर को बधाई देते हुए सीनेटर शूमर और उनके नामांकन का समर्थन करने वालों का धन्यवाद भी किया।

सीनेटर चार्ल्स शूमर ने कहा कि मुझे गर्व है कि मैं डॉ. गुनीशा कौर जैसी असाधारण व्यक्ति को USCIRF के लिए नामित कर रहा हूं। वह आयोग में सेवा देने वाली पहली और एकमात्र सिख सदस्य बनेंगी। उन्होंने कहा कि डॉ. कौर एक चिकित्सक, मानवविज्ञानी, अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार समर्थक और सिख समुदाय की नेता हैं। शूमर ने कहा कि उन्हें विश्वास है कि डॉ. कौर आयोग में अपने चिकित्सा, अकादमिक, शोध और नेतृत्व अनुभव का बड़ा योगदान देंगी।
 

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