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US में कुचीपुड़ी नृत्य की धरोहर को संजोने वाली अनुराधा नेहरू को मिला हेरिटेज अवॉर्ड

कुचीपुड़ी नृत्य की मशहूर कलाकार अनुराधा नेहरू को मैरीलैंड स्टेट आर्ट्स काउंसिल ने प्रतिष्ठित हेरिटेज अवॉर्ड से सम्मानित किया है। यह पुरस्कार 10,000 डॉलर की ग्रांट के साथ दिया गया है। अनुराधा ने अपने लगन से अमेरिका में कुचीपुड़ी को नई ऊंचाइयां दी हैं। 

वर्जीनिया में कलानिधि डांस स्कूल एंड कंपनी की संस्थापक और आर्टिस्टिक डायरेक्टर अनुराधा नेहरू। / Courtesy Photo

वर्जीनिया में कलानिधि डांस स्कूल एंड कंपनी की संस्थापक और आर्टिस्टिक डायरेक्टर अनुराधा नेहरू को मैरीलैंड स्टेट आर्ट्स काउंसिल ने प्रतिष्ठित ‘हेरिटेज अवॉर्ड’ से नवाजा है। मैरीलैंड स्टेट आर्ट्स काउंसिल (MSAC) ने 10 फरवरी को अपने ट्रेडिशनल आर्ट्स प्रोग्राम, मैरीलैंड ट्रेडिशंस के जरिए 2025 के हेरिटेज अवॉर्ड्स के विजेताओं का ऐलान किया था। 

ये अवॉर्ड पारंपरिक कला में लंबे समय से काम करने वालों को दिया जाता है। हर साल तीन कैटेगरी- व्यक्ति, जगह और परंपरा में नॉमिनेशन होते हैं। इस साल छह अवॉर्ड दिए गए। हर अवॉर्ड के साथ 10,000 डॉलर की ग्रांट भी मिली। 

MSAC की चेयरपर्सन रूबी लोपेज हार्पर ने कहा, 'इस साल के हेरिटेज अवॉर्ड विनर्स दिखाते हैं कि मैरीलैंड की कल्चरल पहचान कितनी रंगीन है। यहां स्थानीय और दुनिया भर की परंपराएं मिलती हैं। हमें इनके काम को सम्मानित करने में खुशी हो रही है और हमें बहुत अच्छा लग रहा है कि ये कलाकार मैरीलैंड को अपना घर बनाते हैं।' 

डॉ. अल्टा शॉक की स्मृति में 2007 में हेरिटेज अवॉर्ड्स शुरू हुए थे। डॉ. शॉक गैरेट काउंटी की एक बहुत ही सम्मानित सामुदायिक लीडर थीं। उन्होंने अपना पूरा जीवन अप्पलाचियन मैरीलैंड और उसके बाहर के पारंपरिक कला के लिए लगा दिया था। 

ये सम्मान अनुराधा नेहरू के करियर में एक और बड़ी उपलब्धि है। वो एक मशहूर कुचीपुड़ी नृत्यांगना, कोरियोग्राफर, आर्टिस्टिक डायरेक्टर और शिक्षक हैं। कलानिधि डांस ने इंस्टाग्राम पर इस खुशखबरी को शेयर करते हुए लिखा, 'हमें ये बताते हुए बेहद खुशी हो रही है कि हमारी संस्थापक आर्टिस्टिक डायरेक्टर अनुराधा नेहरू को मैरीलैंड स्टेट आर्ट्स काउंसिल का प्रतिष्ठित हेरिटेज अवॉर्ड मिल गया है। ये कुचीपुड़ी डांसर, कोरियोग्राफर, आर्टिस्टिक डायरेक्टर और टीचर के तौर पर उनके शानदार करियर की एक और बड़ी उपलब्धि है।'

कुचीपुड़ी नृत्य की शुरुआत 17वीं सदी में हुई थी जब सिद्धेन्द्र योगी ने इसे व्यवस्थित किया और लोकप्रिय बनाया। अनुराधा नेहरू गुरु चिन्ना सत्यम की शिष्या हैं। उन्होंने उनके विजन को आगे बढ़ाया है। कुचीपुड़ी के वैश्विक पुनर्जागरण और विस्तार में उनका बहुत बड़ा योगदान है। अमेरिका में उन्हें कई तरह की रुकावटों का सामना करना पड़ा। इसकी वजह ये है कि यहां पश्चिमी नृत्य शैलियों को ज्यादा ध्यान और फंडिंग मिलती है। लेकिन अनुराधा अपने काम में लगातार बनी रहीं।

पहले 15 साल तक उन्होंने स्थानीय, राज्य या राष्ट्रीय कला संगठनों से किसी भी आर्थिक मदद के बिना मैरीलैंड में कुचीपुड़ी को आगे बढ़ाया। अपनी लगन से उन्होंने कुचीपुड़ी के शिक्षण और प्रदर्शन को बदल दिया है। उन्होंने कुचीपुड़ी को सिर्फ परिवारों तक सीमित नहीं रखा, बल्कि भारतीय-अमेरिकी समुदाय तक पहुंचाया। 

अनुराधा के काम को पहले भी कई सम्मान मिल चुके हैं। मैरीलैंड के गवर्नर ने कला में उनके योगदान के लिए उन्हें सम्मानित किया है और उन्हें मैरीलैंड स्टेट आर्ट्स काउंसिल का भी सहयोग मिला है।

उन्हें काउंसिल की ओर से मास्टर/ अपरेंटिस ग्रांट और नेशनल फाउंडेशन फॉर एडवांसमेंट इन द आर्ट्स का 'टीचर रिकॉग्निशन सर्टिफिकेट' भी मिला है। 2016 में उन्हें कला और मानविकी में उत्कृष्टता के लिए मोंटगोमरी काउंटी एग्जीक्यूटिव का आउटस्टैंडिंग आर्टिस्ट अवॉर्ड मिला। जून 2020 में उन्हें नृत्य में उत्कृष्ट उपलब्धियों के लिए पोला निरेन्स्का अवॉर्ड से सम्मानित किया गया।

अनुराधा की विरासत लगातार बढ़ रही है। वह कुचीपुड़ी को संरक्षित करने और इसे नया करने, नर्तकों की पीढ़ियों को प्रेरित करने और संयुक्त राज्य अमेरिका में भारतीय शास्त्रीय कलाओं की उपस्थिति को मजबूत करने के लिए समर्पित हैं।

 

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