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भारतीय-अमेरिकी खरीदार पर महिला ने की नस्लवादी टिप्पणी, वीडियो वायरल

महिला के एम्प्लॉयर ने कहा कि वे इन टिप्पणियों से बहुत परेशान हैं और उन्होंने मामले की जांच शुरू कर दी है।

 सरीना गुप्ता और नस्लवादी टिप्पणी करती महिला। सरीना गुप्ता और नस्लवादी टिप्पणी करती महिला। / Instagram/ @gupta_sarina

अमेरिका में एक महिला ने गुस्से की लहर पैदा कर दी है। कनेक्टिकट के एक सुपरमार्केट में उसे एक भारतीय-अमेरिकी महिला से नस्लभेदी बातें कहते हुए कैमरे में कैद किया गया। उसने महिला से कहा- अपने देश वापस जाओ। यह घटना सोशल मीडिया पर वायरल हो गई।

यह घटना 2 जून को 'शॉपराइट' स्टोर में हुई। वहां सरीना गुप्ता कस्टमर सर्विस काउंटर पर सामान लौटा रही थीं, तभी एक दूसरी महिला ने आपा खो दिया और उन पर ज़ुबानी हमला कर दिया।

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बाद में सोशल मीडिया यूजर्स ने उस महिला की पहचान विक्टोरिया लुईस मेसन के तौर पर की। वह स्टैमफोर्ड स्थित हेल्थकेयर सुविधा 'द नथानिएल विथेरेल' में नर्स के तौर पर काम करती है।

गुप्ता ने बताया कि यह घटना तब हुई जब वह परिवार के साथ अपना जन्मदिन मनाने के बाद सामान वापस करने (रिटर्न) की प्रक्रिया कर रही थीं। गुप्ता के अनुसार, सामान वापस करने की प्रक्रिया में सामान्य से अधिक समय लग रहा था। गुप्ता ने कहा कि मैंने सुझाव दिया कि वह किसी दूसरे रजिस्टर का इस्तेमाल कर सकती हैं। तभी बिना किसी उकसावे के, वह मुझ पर भड़क गईं और चिल्लाईं, 'अपने देश वापस जाओ।'

गुप्ता ने कहा कि यह बात सुनकर उन्होंने तुरंत अपने फोन पर घटना को रिकॉर्ड करना शुरू कर दिया। वीडियो में मेसन को गुप्ता पर कई नस्लवादी टिप्पणियां करते हुए देखा जा सकता है, जिसमें उनसे अमेरिका से दूर रहने और अपना बेकन खाने जाने के लिए कहना शामिल है।

एक समय पर, मेसन को यह कहते हुए सुना जा सकता है, "कोई फर्क नहीं पड़ता, मुझे इंस्टाग्राम पर डाल दो। मुझे कहीं भी डाल दो। जाओ अपना बेकन खाओ," और इसके बाद वह एक अश्लील इशारा करती हैं।

गुप्ता ने कहा कि वह इस घटना से और इस बात से हैरान थीं कि सार्वजनिक रूप से ऐसी टिप्पणियां की गईं। गुप्ता ने कहा कि मैं बस हैरान रह गई। मैंने कभी किसी को सार्वजनिक रूप से ऐसी बात कहते नहीं सुना था। हम कैसी दुनिया में रह रहे हैं जहां लोग ऐसी बात कहने की हिम्मत जुटा पाते हैं?

उन्होंने उन सुपरमार्केट कर्मचारियों का भी बचाव किया जिन्होंने इस घटना को देखा था, और कहा कि वे भी घटना से उतने ही परेशान थे जितनी वह थीं। गुप्ता ने कहा कि मैं वहां काम करने वाले कर्मचारियों को दोष नहीं देती। वे सभी भी अलग-अलग नस्ल के लोग थे। सच कहूं तो, वे भी उतने ही हैरान और डरे हुए थे जितनी मैं थी।

ऑनलाइन वीडियो वायरल होने के बाद, 'द नथानिएल विथेरेल' ने एक बयान जारी कर कहा कि उन्हें एक कर्मचारी से जुड़ी इस घटना की जानकारी है और उन्होंने जांच शुरू कर दी है। संस्थान ने एक बयान में कहा कि हम वीडियो में की गई टिप्पणियों से बहुत परेशान हैं। ये टिप्पणियां नथानिएल विथेरेल के मूल्यों, नीतियों या संस्कृति को नहीं दर्शाती हैं।

बयान में आगे कहा गया कि संगठन की हेट स्पीच (नफरत फैलाने वाली बात), भेदभाव और किसी भी तरह के उत्पीड़न के प्रति जीरो-टॉलरेंस नीति है और वह कर्मचारियों तथा जिन समुदायों की वह सेवा करता है, उनके लिए विविधतापूर्ण, समावेशी और सम्मानजनक माहौल बनाए रखने के लिए प्रतिबद्ध है।

गुप्ता ने कहा कि मेसन के पेशे के बारे में जानकर उन्हें परेशानी हुई। गुप्ता ने कहा कि मुझे पता चला है कि उसके एम्प्लॉयर, नथानिएल विदरैल नर्सिंग होम ने एक बयान जारी किया है। मुझे यह जानकर बहुत हैरानी, ​​दुख और परेशानी हुई कि वह असल में एक नर्सिंग होम में नर्स है। यह सोचकर ही बहुत डर लगता है कि वह अलग-अलग रंग-रूप वाले लोगों और मरीजों के साथ काम करती हैं।

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