वित्त मंत्री सीतारमण और गोर की बैठक के दौरान भारत और अमेरिका ने आर्थिक तथा फिनटेक संबंधों को और गहरा करने पर चर्चा की। / IANS
केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण और भारत में अमेरिका के राजदूत सर्जियो गोर ने बुधवार को भारत-अमेरिका आर्थिक और वित्तीय साझेदारी को और मजबूत करने पर चर्चा की। इसमें फिनटेक सेक्टर में सहयोग, निवेश के अवसर और द्विपक्षीय सहयोग जैसे मुद्दे शामिल रहे। वित्त मंत्रालय ने बुधवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट के जरिए यह जानकारी दी।
वित्त मंत्रालय के अनुसार, दोनों पक्षों के बीच फिनटेक क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने, निवेश के अवसरों का विस्तार करने और भारत तथा अमेरिका के बीच द्विपक्षीय सहयोग को मजबूत करने पर चर्चा हुई।
वित्त मंत्रालय ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट करते हुए कहा, "केंद्रीय वित्त एवं कॉरपोरेट मामलों की मंत्री ने आज राष्ट्रीय राजधानी में भारत में अमेरिका के राजदूत सर्जियो गोर से मुलाकात की।"
मंत्रालय ने आगे कहा, "दोनों के बीच भारत-अमेरिका आर्थिक एवं वित्तीय साझेदारी को गहरा करने, भारत-अमेरिका फिनटेक सहयोग, निवेश के अवसरों और द्विपक्षीय सहयोग पर चर्चा हुई।"
यह बैठक ऐसे समय में हुई है जब दोनों देशों के बीच डिजिटल फाइनेंस, टेक्नोलॉजी और व्यापार जैसे क्षेत्रों में सहयोग लगातार बढ़ रहा है और दोनों देश रणनीतिक आर्थिक संबंधों को और मजबूत करने की दिशा में काम कर रहे हैं।
बैठक के दौरान वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने अमेरिका के आगामी 250वें स्वतंत्रता दिवस के लिए सर्जियो गोर को शुभकामनाएं भी दीं।
बता दें कि इसी महीने की शुरुआत में सर्जियो गोर ने कहा था कि डोनाल्ड ट्रंप प्रशासन भारत के साथ व्यापार और निवेश संबंधों को और बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध है।
11 मई को राष्ट्रीय राजधानी में आयोजित सीआईआई 'एनुअल बिजनेस समिट 2026' को संबोधित करते हुए उन्होंने भारत-अमेरिका आर्थिक संबंधों की बढ़ती मजबूती पर जोर दिया था।
गोर ने एक्स पर पोस्ट करते हुए कहा था, "हम व्यापार के अवसर बढ़ाने, नियामकीय बाधाओं को कम करने और भारतीय कंपनियों को अमेरिका में निवेश के लिए प्रोत्साहित करने के लिए प्रतिबद्ध हैं, जिससे दोनों देशों को लाभ होगा। साथ मिलकर हम सरकार और कारोबार के बीच इस महत्वपूर्ण पुल को और मजबूत कर सकते हैं।"
इससे पहले भी गोर ने कहा था कि राष्ट्रपति ट्रंप के नेतृत्व में अमेरिका में रिकॉर्ड स्तर पर निवेश आ रहा है, जबकि भारतीय कंपनियां टेक्नोलॉजी, मैन्युफैक्चरिंग और फार्मास्युटिकल्स समेत कई क्षेत्रों में 20.5 अरब डॉलर से अधिक निवेश की योजना बना रही हैं।
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