भारत में नए अमेरिकी राजदूत की नियुक्ति से द्विपक्षीय रिश्तों को मिल सकती है नई मजबूती: USIBC प्रमुख / IANS
अमेरिका द्वारा सर्जियो गोर को भारत में अगला राजदूत नियुक्त किया जाना भारत-अमेरिका संबंधों के लिए बेहद अहम साबित हो सकता है। यह बात यूएस-इंडिया बिजनेस काउंसिल (USIBC) के अध्यक्ष अतुल केशप ने कही है। उनका कहना है कि सर्जियो गोर की सबसे बड़ी ताकत अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप तक उनकी सीधी पहुंच है जो दोनों देशों के रिश्तों को नई दिशा दे सकती है।
अतुल केशप ने कहा कि भारत में अमेरिकी राजदूत की भूमिका पूरी अमेरिकी सरकार की टीम के क्वार्टरबैक जैसी होती है जो भारत में मौजूद अमेरिकी संस्थानों के साथ-साथ वॉशिंगटन में विभिन्न एजेंसियों के बीच तालमेल बनाता है। उन्होंने इसे एक बेहद महत्वपूर्ण और प्रभावशाली जिम्मेदारी बताया।
केशप के मुताबिक सर्जियो गोर को अपने पूर्ववर्तियों से अलग बनाती है राष्ट्रपति ट्रंप तक उनकी सीधी और प्राथमिक पहुंच। उन्होंने कहा कि भारत में तैनात किसी भी अमेरिकी राजदूत को अब तक राष्ट्रपति तक इतनी सीधी पहुंच नहीं मिली है। अगर कोई राजदूत किसी भी समय राष्ट्रपति को फोन कर सकता है, तो वह दिल्ली में एक बेहद ताकतवर और प्रभावी प्रतिनिधि साबित होता है।
उन्होंने कहा कि ऐसी पहुंच रणनीतिक, आर्थिक और तकनीकी फैसलों को आगे बढ़ाने में मददगार हो सकती है। इसमें सप्लाई चेन, क्वाड सहयोग और उभरती तकनीकों जैसे अहम क्षेत्र शामिल हैं। केशप ने कहा कि इस स्तर का प्रभाव रखने वाला राजदूत बहुत दुर्लभ होता है और द्विपक्षीय रिश्तों के लिए बेहद कीमती साबित हो सकता है।
हालांकि उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि किसी भी राजदूत की पहली जिम्मेदारी अपने देश के हितों को आगे बढ़ाना होती है, लेकिन साथ ही मेजबान देश के साथ संतुलित और आपसी लाभ वाला रिश्ता बनाना भी उतना ही जरूरी होता है। उन्होंने कहा कि दुनिया के दो सबसे बड़े लोकतंत्रों को एक-दूसरे का सबसे अच्छा मित्र होना चाहिए।
अतुल केशप ने कहा कि प्रभावी कूटनीति का मतलब सिर्फ अपनी बात रखना नहीं, बल्कि दूसरे पक्ष की बात को ध्यान से सुनना और उसे वॉशिंगटन तक सही ढंग से पहुंचाना भी होता है। उनके अनुसार अगर भारत में ऐसा राजदूत मौजूद है जो भारतीय पक्ष की बात को गंभीरता से सुने और उसे सीधे अमेरिकी नेतृत्व तक पहुंचा सके, तो रिश्तों में सकारात्मक प्रगति की मजबूत संभावना बनती है।
उन्होंने यह भी कहा कि भारत-अमेरिका संबंधों में हाल के वर्षों में कई बार खुलकर बातचीत हुई है और ईमानदार संवाद ही सच्ची दोस्ती की नींव होता है।
फिलहाल भारत और अमेरिका के रिश्ते रक्षा, तकनीक, ऊर्जा, अंतरिक्ष और सप्लाई चेन जैसे कई क्षेत्रों में तेजी से आगे बढ़ रहे हैं। भारत की बढ़ती रणनीतिक और आर्थिक ताकत के चलते नई दिल्ली में अमेरिकी राजदूत का पद वॉशिंगटन के सबसे अहम कूटनीतिक पदों में गिना जाता है।
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