Vivek Ramaswamy / Wikimedia commons
भारतीय मूल के रिपब्लिकन विवेक रामास्वामी ने घोषणा की है कि उन्होंने सभी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म से दूरी बना ली है और बचे हुए समय का उपयोग लोगों से सीधे जुड़ने में करने का संकल्प लिया है।
रामास्वामी आगामी ओहायो गवर्नर चुनाव में एक प्रमुख उम्मीदवार हैं। वे अपनी ही पार्टी में नस्ल-आधारित नफरत का शिकार हो रहे हैं। पिछले कई महीनों से उनकी भारतीय पहचान को लेकर लगातार मानहानि और ऑनलाइन दुर्व्यवहार किया जा रहा है।
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अपने इस निर्णय के बारे में बताते हुए रामास्वामी ने द वॉल स्ट्रीट जर्नल के लिए एक लेख में लिखा कि उन्होंने अपने फोन से X और इंस्टाग्राम अनइंस्टॉल कर दिए हैं। हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि उनकी टीम द्वारा सोशल मीडिया पर उनकी उपस्थिति बनाए रखी जाएगी।
विवेक ने लिखा कि मैं अपने नए मिले समय का उपयोग वास्तविक ओहियो में अधिक मतदाताओं की बात सुनने, अपने राज्य को किफायती बनाने के लिए और अधिक नीतियां विकसित करने और अपने परिवार के साथ अधिक समय बिताने में करूंगा।
ऑनलाइन स्क्रॉल करने में बर्बाद हुए समय के अलावा, रामास्वामी ने स्वीकार किया कि उनके इस निर्णय का एक प्रमुख कारण यह एहसास था कि उन्हें ऑनलाइन जो नफरत मिली, उसका उनके वास्तविक जीवन के अनुभवों से कोई सीधा संबंध नहीं था।
उन्होंने लिखा कि मैंने ओहायो की सभी 88 काउंटियों में हजारों मतदाताओं से मुलाकात की। शहरी क्षेत्रों से लेकर खेतों तक, यूनियन हॉल से लेकर कारखानों तक, रिपब्लिकन रैलियों से लेकर प्रदर्शनकारियों के साथ आमने-सामने की बातचीत तक। मगर पूरे साल ओहायो के किसी भी मतदाता से मुझे एक भी कट्टरपंथी टिप्पणी सुनने को नहीं मिली।
रामास्वामी ने यह भी आरोप लगाया कि राजनेताओं के प्रति निर्देशित अधिकांश नफरत बॉट्स द्वारा निर्मित और बढ़ाई जाती है और अक्सर इसकी उत्पत्ति विदेशी होती है।
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