भारतीय मूल की वैज्ञानिक वंदी वर्मा / LinkedIn/@Vandi Verma
भारतीय मूल की वैज्ञानिक वंदी वर्मा नासा के उस ऐतिहासिक प्रयोग के पीछे प्रमुख चेहरों में से एक हैं, जिसमें पहली बार मंगल ग्रह पर रोवर की ड्राइव पूरी तरह आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की मदद से प्लान की गई। यह उपलब्धि दिसंबर 2025 में हासिल की गई, जब नासा के परसिवियरेंस (Perseverance) रोवर ने 8 और 10 दिसंबर को मंगल की सतह पर अपनी ड्राइव पूरी की।
नासा के अनुसार, इन ड्राइव्स की योजना इंसानी रोवर ड्राइवर्स ने नहीं, बल्कि एडवांस्ड एआई सिस्टम्स ने तैयार की थी। यह परीक्षण जेज़ेरो क्रेटर (Jezero Crater) के किनारे किया गया, जहां एआई ने सतह का विश्लेषण किया, संभावित खतरों की पहचान की और सुरक्षित ड्राइविंग के लिए वे-पॉइंट्स तय किए।
नासा का कहना है कि यह तकनीक भविष्य में रोवर की मूवमेंट प्लानिंग में लगने वाले समय और मेहनत को काफी हद तक कम कर सकती है, जबकि अंतरग्रहीय मिशनों के लिए आवश्यक कड़े सुरक्षा मानकों को भी बनाए रखेगी।
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