Memorial Day / X/ Suhas Subramanyam
अमेरिका भर में भारतीय-अमेरिकी सांसदों और सार्वजनिक अधिकारियों ने 25 मई को मेमोरियल डे के मौके पर देश की सेवा करते हुए जान गंवाने वाले सैन्य कर्मियों को श्रद्धांजलि दी है।
पूर्व उपराष्ट्रपति कमला हैरिस ने कहा कि आज हम उन अमेरिकियों को याद करने के लिए रुकते हैं जिन्होंने देश की सेवा में अपना जीवन बलिदान कर दिया। हम हमेशा उनकी विरासत का सम्मान करें और उनके पीछे छूटे परिवारों का साथ दें। वहीं कांग्रेस सदस्य प्रमिला जयपाल ने एक पोस्ट में कहा कि मेमोरियल डे उन बहादुर सैनिकों को याद करने और सम्मान देने का दिन है जिन्होंने देश के लिए सर्वोच्च बलिदान दिया।
एक अन्य संदेश में जयपाल ने कहा कि उनके बलिदान का सम्मान करने का सबसे अच्छा तरीका ऐसा देश बनाना है जो उस बलिदान के योग्य हो। उन्होंने कहा कि सांसदों को उस देश के लिए लड़ते रहना चाहिए जहां लौटने का सपना उन सैनिकों ने देखा था।
कांग्रेस सदस्य रो खन्ना ने कहा कि अमेरिकियों को उन लोगों का सम्मान करना चाहिए। जिन्होंने हमारे देश के लिए सर्वोच्च बलिदान दिया और साथ ही ऐसा भविष्य बनाना चाहिए जो देश के मूल लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा करे। एक अलग पोस्ट में खन्ना ने शहीद सैनिकों और उनके परिवारों के प्रति गहरी कृतज्ञता और सम्मान व्यक्त किया।
कांग्रेस सदस्य राजा कृष्णमूर्ति ने कहा कि मेमोरियल डे उन बहादुर सैनिकों का सम्मान करने का अवसर है जिन्होंने हमारे देश और हमारी आजादी की रक्षा में सर्वोच्च बलिदान दिया। उन्होंने लिखा कि हम उनके साहस को याद करते हैं, उनके निधन पर शोक व्यक्त करते हैं और ऐसा राष्ट्र बनाने के लिए खुद को फिर से समर्पित करते हैं जो उनके बलिदान के योग्य हो।
कांग्रेस सदस्य सुहास सुब्रमण्यम ने कहा कि यह दिन हमारे सैनिकों और उनके परिवारों द्वारा दिए गए बलिदानों पर विचार करने और शहीद सैनिकों का सम्मान करने का अवसर है। उन्होंने कहा कि हम हमेशा उनके आभारी रहेंगे।
वर्जीनिया की लेफ्टिनेंट गवर्नर गजाला हाशमी ने कहा कि मेमोरियल डे पर देश उन पुरुषों और महिलाओं को याद करने और सम्मान देने के लिए रुकता है जिन्होंने राष्ट्र की सेवा में अपने प्राण न्योछावर कर दिए। उन्होंने लिखा कि उनका बलिदान कभी भुलाया नहीं जाएगा और हम हमेशा उनके साहस और समर्पण के लिए आभारी रहेंगे।
न्यूयॉर्क सिटी के मेयर जोहरान ममदानी ने कहा कि मेमोरियल डे केवल स्मरण का दिन नहीं है। बल्कि हर पूर्व सैनिक, हर सेवा सदस्य और हर सैन्य परिवार के प्रति अपनी जिम्मेदारियों को निभाने का आह्वान भी है।
ममदानी ने कहा कि न्यूयॉर्क सिटी में 1 लाख 35 हजार पूर्व सैनिक और गोल्ड स्टार परिवार रहते हैं। उन्होंने कहा कि एक आभारी राष्ट्र सिर्फ धन्यवाद कहकर नहीं रुक सकता। उसे उन लोगों के साथ खड़ा रहना होगा जिन्होंने देश की सेवा की, समारोह खत्म होने के बाद भी।
वर्जीनिया के डेलीगेट जेजे सिंह ने हमारी आजादी की रक्षा के लिए बलिदान देने वाले बहादुर पुरुषों और महिलाओं का धन्यवाद किया।
वर्जीनिया के सीनेटर कन्नन श्रीनिवासन ने कहा कि मेमोरियल डे उन बहादुर पुरुषों और महिलाओं को सम्मान देने और याद करने का समय है जिन्होंने देश और आजादी की रक्षा में सर्वोच्च बलिदान दिया।
उन्होंने लिखा कि उनका साहस और बलिदान कभी भुलाया नहीं जाएगा।
मेमोरियल डे हर साल मई के आखिरी सोमवार को मनाया जाता है। यह अमेरिका का संघीय अवकाश है, जो अमेरिकी सशस्त्र बलों में सेवा करते हुए शहीद हुए सैन्य कर्मियों के सम्मान में समर्पित है। इस दिन पूरे देश में समारोह, परेड, कब्रिस्तानों और स्मारकों पर श्रद्धांजलि कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं।
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