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गुप्त जांच में ब्रिटेन के वर्क वीजा घोटाले का पर्दाफाश

जांच में दावा किया गया है कि कोमल शिंदे ने फर्जी जॉब ऑफर, जाली रोजगार रिकॉर्ड और मनगढ़ंत पेरोल लेनदेन के आधार पर ‘स्किल्ड वर्कर वीजा’ दिलाने की पेशकश की।

प्रतीकात्मक तस्वीर / Consulate General of India in Russia

सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स के जरिए प्रवासियों को अवैध रूप से UK वर्क वीजा बेचने के आरोपों में कोमल शिंदे का नाम सामने आया है। यह खुलासा ब्रिटेन के प्रतिष्ठित अख़बार डेली मेल की एक अंडरकवर जांच में हुआ है। रिपोर्ट के अनुसार, डेली मेल की टीम ने क्रिशिव कंसल्टेंसी लिमिटेड के माध्यम से कोमल शिंदे से संपर्क किया था, जिसके बाद कथित वीजा फर्जीवाड़े की परतें खुलीं।

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जांच में दावा किया गया है कि कोमल शिंदे ने फर्जी जॉब ऑफर, जाली रोजगार रिकॉर्ड और मनगढ़ंत पेरोल लेनदेन के आधार पर ‘स्किल्ड वर्कर वीजा’ दिलाने की पेशकश की। रिपोर्ट के मुताबिक, आवेदकों से प्रति वीजा 12,000 से 19,000 पाउंड (लगभग 16,000 से 25,000 अमेरिकी डॉलर) तक की रकम वसूली गई।

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