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जिम नहीं, अब देसी रन क्लब: अमेरिका में फिटनेस का नया ट्रेंड

पहले जहां फिटनेस एक निजी और कई बार उबाऊ रूटीन माना जाता था, वहीं अब यह एक सोशल और सांस्कृतिक अनुभव बनता जा रहा है।

देसी रन क्लब / image provided

साल 2026 की शुरुआत के साथ ही दक्षिण एशियाई समुदाय में फिटनेस का नजरिया तेजी से बदल रहा है। ट्रेडमिल पर अकेले पसीना बहाने की बजाय अब लोग ‘देसी रन क्लब’ का हिस्सा बनकर सड़कों, पार्कों और ट्रेल्स पर सामूहिक दौड़ को अपना रहे हैं। न्यू जर्सी, फ्रेमोंट, ह्यूस्टन, सिएटल और न्यूयॉर्क जैसे बड़े अमेरिकी शहरों में ये रन क्लब न सिर्फ शरीर को फिट रख रहे हैं, बल्कि समुदाय और संस्कृति को भी एक नई ऊर्जा दे रहे हैं।

पहले जहां फिटनेस एक निजी और कई बार उबाऊ रूटीन माना जाता था, वहीं अब यह एक सोशल और सांस्कृतिक अनुभव बनता जा रहा है। इन क्लबों में रनिंग के साथ बॉलीवुड और भांगड़ा बीट्स, पोस्ट-रन चाय, समोसे और आपसी बातचीत एक अहम हिस्सा बन चुके हैं।

मियामी की 35 वर्षीय फाइनेंस एक्जीक्यूटिव प्रिया पी. बताती हैं, “मुझे पहले दौड़ना एक बोझ लगता था। लेकिन क्लब से जुड़ने के बाद रन एक इवेंट बन गया है। हम एक-दूसरे को मोटिवेट करते हैं, छोटी-छोटी जीत सेलिब्रेट करते हैं और सच कहूं तो दौड़ के बाद की चाय-समोसा सबसे बड़ा आकर्षण है।”

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फिटनेस के साथ सांस्कृतिक जुड़ाव
देसी रन क्लबों की खासियत यही है कि ये पारंपरिक वर्कआउट को सांस्कृतिक पहचान से जोड़ते हैं। यहां प्रोटीन शेक की जगह चाय, और साइलेंट रन की जगह म्यूजिक के साथ दौड़ देखने को मिलती है। यह मॉडल खासकर उन युवाओं और प्रोफेशनल्स को आकर्षित कर रहा है जो सेहत के साथ सामाजिक जुड़ाव भी चाहते हैं।

ये हैं प्रमुख साउथ एशियन रन क्लब
जैसे-जैसे यह ट्रेंड बढ़ रहा है, कुछ संगठन देसी फिटनेस मूवमेंट का चेहरा बन चुके हैं—

इंडियन अमेरिकन रनिंग क्लब (IARC)
न्यूयॉर्क से शुरू हुआ यह 501(c)(3) नॉन-प्रॉफिट क्लब आज देशभर में देसी रन क्लबों के लिए एक मॉडल बन चुका है। यह सभी स्तर के रनर्स के लिए ग्रुप रन, मैराथन ट्रेनिंग, ट्रैक और ट्रेल रन, एजुकेशन सेशंस और सोशल इवेंट्स आयोजित करता है। साथ ही, समुदाय में रनिंग के स्वास्थ्य लाभों को लेकर जागरूकता भी फैलाता है।

मसाला मिलर्स (न्यूयॉर्क)
मैनहैटन और ब्रुकलिन में सक्रिय यह क्लब अपने “इन्क्लूसिव और सोशल” माहौल के लिए जाना जाता है। सेंट्रल पार्क में वीकेंड रन के बाद साउथ एशियन कैफे में सोशल मीटअप इसकी पहचान है।

साउथ एशियन रन क्लब (SARC)
न्यूयॉर्क रनिंग सीन का बड़ा नाम SARC खुद को समुदाय के लिए एक फ्री रिसोर्स के रूप में पेश करता है। यह रेस कैलेंडर, नेटवर्किंग और उन लोगों को सपोर्ट देता है जो रनिंग को प्रोफेशनल या प्रतियोगी स्तर तक ले जाना चाहते हैं।

देसी रनर्स (सिएटल)
पैसिफिक नॉर्थवेस्ट में यह क्लब शहर की आउटडोर संस्कृति को देसी मूल्यों से जोड़ता है। “समिट एंड समोसे” फिलॉसफी के तहत यह ग्रुप रोड रन के साथ-साथ टाइगर माउंटेन और रैटलस्नेक लेज जैसे ट्रेल्स पर रन करता है। सिएटल की बारिश में होने वाले ‘रेनी सिटी चाय रन’ और बेलव्यू-रेडमंड के कैफे में पोस्ट-रन चाय इसकी खास पहचान हैं।

सेहत से आगे, एक सामाजिक आंदोलन
‘देसी रन क्लब’ सिर्फ फिटनेस ट्रेंड नहीं, बल्कि भारतीय-अमेरिकी समुदाय के बदलते स्वरूप की तस्वीर है। ये क्लब दिखाते हैं कि कैसे स्वास्थ्य, संस्कृति और कम्युनिटी एक साथ चल सकते हैं। जैसे-जैसे ये समूह फैल रहे हैं, वे यह संदेश दे रहे हैं कि दौड़ सिर्फ मंजिल तक पहुंचने का जरिया नहीं, बल्कि एक-दूसरे के साथ चलने का तरीका भी हो सकती है—एक ज्यादा स्वस्थ और जुड़े हुए भविष्य की ओर।

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