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भारत में PRAGATI के जरिए 1 बिलियन डॉलर की 382 मेगा इंफ्रास्ट्रक्चर परियोजनाओं को रफ्तार

PRAGATI के तहत इन 382 प्रमुख परियोजनाओं की नियमित समीक्षा और कड़ी निगरानी की गई।

भारतीय पीएम नरेंद्र मोदी / IANS/PMO

भारत सरकार के प्रमुख डिजिटल गवर्नेंस प्लेटफॉर्म PRAGATI (Pro-Active Governance and Timely Implementation) ने देश के विकास को नई गति देते हुए 85 लाख करोड़ रुपये (करीब एक बिलियन डॉलर) से अधिक की 382 बड़ी राष्ट्रीय इंफ्रास्ट्रक्चर परियोजनाओं को तेज़ी से आगे बढ़ाने में सफलता हासिल की है। यह जानकारी मंगलवार को जारी एक आधिकारिक बयान में दी गई।

बयान के अनुसार, PRAGATI के तहत इन 382 प्रमुख परियोजनाओं की नियमित समीक्षा और कड़ी निगरानी की गई, जिससे लंबे समय से चली आ रही देरी और लागत बढ़ने की समस्या में काफी कमी आई है।

PRAGATI के माध्यम से परियोजनाओं, सरकारी योजनाओं और जनशिकायतों का प्रधानमंत्री द्वारा प्रत्यक्ष और रियल-टाइम मूल्यांकन किया जाता है, जिसमें राज्य सरकारों और केंद्रीय मंत्रालयों की सक्रिय भागीदारी रहती है। यह प्लेटफॉर्म इस बात का सशक्त उदाहरण है कि डिजिटल गवर्नेंस कैसे नीतिगत इरादों को ज़मीन पर दिखने वाली प्रगति में बदल सकता है।

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा वर्ष 2015 में शुरू किया गया PRAGATI, नौकरशाही जड़ता को तोड़ने, केंद्र और राज्यों के बीच टीम इंडिया की भावना को मजबूत करने और समयबद्ध निर्णय व परिणाम आधारित कार्य संस्कृति को बढ़ावा देने की दिशा में एक अहम पहल है। इसके तहत पिछली सरकारों के समय से अटकी कई परियोजनाओं को भी गति मिली।

इनमें बोगीबील रेल-सह-सड़क पुल (जिसकी परिकल्पना 1997 में की गई थी), नवी मुंबई अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा (1997) और भिलाई स्टील प्लांट का आधुनिकीकरण (2007) जैसी दीर्घकाल से लंबित परियोजनाएं शामिल हैं, जिन्हें PRAGATI के माध्यम से आगे बढ़ाया गया या पूरा किया गया।

भारत में सार्वजनिक परियोजनाओं में समय और लागत में बढ़ोतरी लंबे समय से एक बड़ी चुनौती रही है। इसी समस्या के समाधान के लिए प्रधानमंत्री ने PRAGATI को एक समग्र समाधान के रूप में परिकल्पित किया। यह एक एकीकृत, इंटरएक्टिव और डिजिटल प्लेटफॉर्म है, जो न केवल जनशिकायतों का समाधान करता है, बल्कि केंद्र और राज्यों की प्रमुख योजनाओं व परियोजनाओं की निगरानी और समीक्षा भी करता है।

PRAGATI तीन आधुनिक तकनीकों—डिजिटल डेटा मैनेजमेंट, वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग और जियो-स्पेशियल टेक्नोलॉजी—को एक साथ जोड़ता है। इसके जरिए प्रधानमंत्री संबंधित केंद्रीय और राज्य अधिकारियों से सीधे संवाद करते हैं और उन्हें परियोजना स्थलों से जुड़ी अपडेटेड विजुअल जानकारी भी उपलब्ध होती है। यह पहल ई-गवर्नेंस और सुशासन का एक नवोन्मेषी उदाहरण मानी जा रही है।

PRAGATI को प्रेरणा गुजरात में मुख्यमंत्री रहते हुए नरेंद्र मोदी द्वारा अप्रैल 2003 में शुरू किए गए SWAGAT (State Wide Attention on Grievances by Application of Technology) प्लेटफॉर्म से मिली है, जो देश के शुरुआती टेक्नोलॉजी-आधारित जनशिकायत समाधान तंत्रों में से एक था।

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