13वें वर्ल्ड अर्बन फोरम (WUF) में भारत मंडप का उद्घाटन किया गया। / X/@stefan_priesner)
अजरबैजान की राजधानी बाकू में 13वें वर्ल्ड अर्बन फोरम (WUF) में भारत मंडप का उद्घाटन किया गया, जो बदलते भारत की बुलंद तस्वीर पेश करता है। पवेलियन का उद्घाटन भारत में संयुक्त राष्ट्र के रेजिडेंट कोऑर्डिनेटर स्टीफन प्रीसनर और भारतीय राजदूत अभय कुमार ने किया।
केंद्रीय आवास और शहरी कार्य मंत्रालय द्वारा ‘भारत का शहरी परिवर्तन: एक अरब सपनों को घर’ थीम पर तैयार किए गए इंडिया पवेलियन में देश के शहरी विकास और बदलाव की यात्रा को प्रदर्शित किया गया है। इसका उद्देश्य भारत के शहरी बदलाव की यात्रा के साथ ही टिकाऊ और समावेशी शहरों के लिए तैयार की जा रही व्यवस्था दुनिया के सामने पेश करना है।
ऐसा ही राजदूत अभय कुमार ने कहा। उन्होंने भारत पवेलियन का उद्देश्य भारत की शहरी परिवर्तन यात्रा और इसके समावेशी, लचीले और सतत विकास के प्रयासों को प्रदर्शित करना है। यह दिखाता है कि कैसे राष्ट्रीय और शहर-स्तरीय पहलें आम लोगों की आकांक्षाओं को साकार कर रही हैं और उन्हें इनोवेटिव नीतियों, जनभागीदारी और साझेदारियों के माध्यम से जमीनी हकीकत में बदल रही हैं।
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अभय कुमार ने कहा कि आने वाले दिनों में आप यहां समय बिताएंगे, इसलिए मैं आप सभी को इसे देखने और समझने के लिए प्रोत्साहित करता हूं। आयोजकों को विश्वास है कि भारत पवेलियन वैश्विक साझेदारों और विभिन्न हितधारकों के बीच संवाद, सहयोग और विचारों के आदान-प्रदान का एक मंच बनेगा।
WUF सतत शहरीकरण और शहरों से जुड़ी चुनौतियों पर चर्चा करने के लिए संयुक्त राष्ट्र की ओर से स्थापित एक प्रमुख वैश्विक सम्मेलन है। 2001 में शुरू हुआ यह मंच हर दो साल में आयोजित किया जाता है। 13वां वर्ल्ड अर्बन फोरम बाकू में 17 से 22 मई 2026 तक आयोजित किया जा रहा है।
इस बार की थीम 'हाउसिंग द वर्ल्ड: सेफ एंड रेजिलिएंट सिटीस एंड कम्युनिटीज' है, जिसका सीधा सा मतलब है ऐसे शहर सौंपना जिसमें सुरक्षा व्यवस्था सुदृढ़ हो और सभी समुदाय मूलभूत सुख सुविधा से लाभांवित हों।
PMY (U) की आधिकारिक साइट के अनुसार, भारत में शहरी परिवर्तन का मुख्य उद्देश्य किफायती, समावेशी और टिकाऊ आवास प्रदान करके एक अरब सपनों को साकार करना है। प्रमुख योजनाओं जैसे प्रधानमंत्री आवास योजना, अर्बन (PMY (U) ) और PMY (U) 2.0 के माध्यम से सरकार करोड़ों शहरी गरीबों और मध्यम वर्गीय परिवारों को घर निर्माण, खरीद और किराए के लिए केंद्रीय सहायता प्रदान कर रही है।
2036 तक भारतीय शहरों में लगभग 60 करोड़ (600 मिलियन) लोगों के निवास करने की संभावना है। सरकार की ओर से जारी किए गए दिशा-निर्देशों के तहत शहरी गरीबों और मध्यम वर्ग के 1 करोड़ से अधिक लोगों को किफायती दर पर घर बनाने या खरीदने के लिए वित्तीय सहायता और सब्सिडी प्रदान की जा रही है।
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