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वर्जीनिया में क्यों मचा बवाल? अंतरिम अटॉर्नी के पद से हटीं लिंडसे हेलिगन

अमेरिकी मीडिया के अनुसार, एक कानूनी विवाद था जिसमें एक फेडरल जज ने उनके अधिकारों पर सवाल उठाया और लिंडसे को उनका उत्तराधिकारी नियुक्त करने से मना कर दिया।

अमेरिकी ध्वज / Xinhua/Liu Jie/IANS

वर्जीनिया के पूर्वी जिले के लिए अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की चुनी हुई अंतरिम यूएस अटॉर्नी लिंडसे हैलिगन को जस्टिस डिपार्टमेंट में अपना पद छोड़ना पड़ा। फेडरल जज की तरफ से कड़ी आलोचनाओं के चलते नियुक्ति के 120 दिनों के बाद ही अमेरिकी अटॉर्नी को अपने पद से हटना पड़ा। 

अमेरिकी मीडिया के अनुसार, एक कानूनी विवाद था जिसमें एक फेडरल जज ने उनके अधिकारों पर सवाल उठाया और लिंडसे को उनका उत्तराधिकारी नियुक्त करने से मना कर दिया।

ट्रंप की पूर्व वकील लिंडसे हैलिगन ने मंगलवार की शाम को हटाए जाने की घोषणा करते हुए कहा कि एक फेडरल जज ने नवंबर में फैसला सुनाया था कि उनकी नियुक्ति अमान्य थी और एरिक सीबर्ट के जाने के बाद सिर्फ जिला कोर्ट के पास अंतरिम उत्तराधिकारी का नाम बताने का अधिकार था।

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इस्तीफे के ऐलान के साथ लिंडसे ने कहा, "मुझ पर ट्रिब्यूनल से झूठ बोलने और गलत या गुमराह करने वाले बयान देने के बेबुनियाद आरोप लगाए गए। मुझे खुद से ऑर्डर का जवाब देने और खुद फाइलिंग पर हस्ताक्षर करके यह बताने का आदेश दिया गया कि मेरा नाम प्लीडिंग में क्यों आया, जिससे पब्लिक सेफ्टी की जिम्मेदारियों से समय और रिसोर्स हट गए। असिस्टेंट यूएस अटॉर्नी को खुली कोर्ट में बताया गया कि मुझे इस्तीफा दे देना चाहिए।"

अमेरिकी जिला जज डेविड नोवाक को राष्ट्रपति ट्रंप ने ही 2019 में नियुक्त किया था। हैलिगन एक इंश्योरेंस लॉयर थीं, जो बाद में अभियोजक बन गईं। नवंबर में एक जज ने यह तय किया कि वह गैर-कानूनी तरीके से यह भूमिका अदा कर रही थीं, जिसके बाद अंतरिम यूएस अटॉर्नी के तौर पर उनका कार्यकाल कम हो गया।

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