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दावोस में ट्रम्प: 'यूरोप सही दिशा में नहीं, कई इलाके पहचानने लायक नहीं'

ट्रम्प ने कहा कि यूरोप की इमिग्रेशन पॉलिसी और आर्थिक नीतियों के नतीजे विनाशकारी हुए हैं, जबकि इसके मुकाबले अमेरिका में ‘आर्थिक चमत्कार’ देखने को मिल रहा है।

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प / WEF live Stream grab/x

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने दावोस में अपने प्रयासों की प्रशंसा करते हुए बंटे हुए यूरोप पर निराशा व्यक्त की। अपने संबोधन की शुरुआत उन्होंने सधे अंदाज में की। बोले, "यहां दूसरी बार इतने सारे दोस्तों और कुछ दुश्मनों के बीच आकर अच्छा लग रहा है।"

ट्रम्प ने कहा कि यूरोप की इमिग्रेशन पॉलिसी और आर्थिक नीतियों के नतीजे विनाशकारी हुए हैं, जबकि इसके मुकाबले अमेरिका में ‘आर्थिक चमत्कार’ देखने को मिल रहा है।

उन्होंने कहा, “मुझे यूरोप से प्यार है और मैं चाहता हूं कि यूरोप आगे बढ़े, लेकिन वह सही दिशा में नहीं जा रहा है। लगातार बढ़ता सरकारी खर्च, बिना नियंत्रण का बड़े पैमाने पर प्रवासन और अंतहीन विदेशी आयात इसके लिए जिम्मेदार हैं।"

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ट्रम्प ने कहा है कि आर्थिक मामलों में यूरोप को अमेरिका जैसा बनना चाहिए और वही करना चाहिए जो अमेरिका कर रहा है।

इसके साथ ही ट्रम्प ने 'बिना रोक-टोक के बड़े पैमाने पर माइग्रेशन' और यूरोप के ग्रीन एनर्जी फोकस पर हमला किया। उन्होंने दावा किया कि यूरोप में कुछ जगहें "सच में पहचानने लायक नहीं रही हैं।"

उन्होंने कहा कि दोस्त अलग-अलग जगहों से वापस आते हैं और नेगेटिव तरीके से कहते हैं कि 'मैं इसे पहचान नहीं पा रहा हूं।' ट्रम्प ने जोर देकर कहा कि वह चाहते हैं कि यूरोप अच्छा करे, लेकिन उनका दावा है कि यूरोप सही दिशा में नहीं जा रहा है।

अमेरिका की आर्थिक स्थिति की तारीफ करते अमेरिकी राष्ट्रपति ने कहा कि देश ने महंगाई को कंट्रोल किया है और बड़ी आर्थिक कामयाबी हासिल की है। उन्होंने दावा किया कि उनके नेतृत्व में यूएस की अर्थव्यवस्था मजबूत हुई है।

ट्रम्प ने कहा कि उनकी टैरिफ नीति की वजह से अमेरिका अपने घाटे को काफी हद तक कम करने में सफल रहा है। उन्होंने जापान और दक्षिण कोरिया जैसे देशों के साथ किए गए समझौतों का जिक्र किया। कहा, " ये समझौते आर्थिक विकास को बढ़ाते हैं और शेयर बाजारों में तेजी लाते हैं। न सिर्फ अमेरिका में, बल्कि लगभग हर उस देश में जो हमारे साथ समझौता करने आता है।"

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