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उम्मीदवारों पर रकम क्यों लुटाती हैं कंपनियां, इन छह संगठनों को मिलता है सबसे ज्यादा दान

रिटेल बैंकिंग सेक्टर की दिग्गज कंपनी वेल्स फ़ार्गो ने चुनावों को प्रभावित करने पर केंद्रित समूहों पर खर्च को पिछले एक दशक में तिगुना तक बढ़ा दिया है। 

 चुनावी फंडिंग में रिटेल बैंकिंग सेक्टर की दिग्गज कंपनी वेल्स फ़ार्गो भी आगे हैं। चुनावी फंडिंग में रिटेल बैंकिंग सेक्टर की दिग्गज कंपनी वेल्स फ़ार्गो भी आगे हैं। / REUTERS/Jeenah Moon/File Photo

अमेरिकी चुनावों में कंपनियां पानी की तरह पैसा बहाती हैं, ये किसी से छिपा नहीं है। अब खुलासा हुआ है कि रिटेल बैंकिंग सेक्टर की दिग्गज कंपनी वेल्स फ़ार्गो ने चुनावों को प्रभावित करने पर केंद्रित समूहों पर खर्च को पिछले एक दशक में तिगुना तक बढ़ा दिया है। 

सार्वजनिक आंकड़ों के मुताबिक और बैंक के प्रवक्ता ने भी माना है कि ऐसा स्थानीय स्तर पर नीति निर्धारण को प्रभावित करने के प्रयास के तहत किया जाता है। वेल्स फार्गो के चुनावी खर्च में वृद्धि यह दिखाती है कि कंपनियों के लिए राज्य की राजनीति कितनी महत्वपूर्ण हो चुकी है।

वॉल स्ट्रीट की नामी कंपनियां, टेक मुगल्स, बैंक और अन्य कॉरपोरेशन भी अपने चुनावी खर्च को लेकर सुर्खियों में हैं। कई बार तो उन्हें सरकारी अधिकारियों का भी सामना करना पड़ता हैं जो इस तरह की फंडिंग को 'वोक कैपिटलिज्म' करार देते हैं। 

गैर-पक्षपातपूर्ण पारदर्शिता संगठन सेंटर फॉर पॉलिटिकल अकाउंटेबिलिटी (CPA) के आंकड़े बताते हैं कि 2024 के चुनावों में 30 सितंबर तक वेल्स फ़ार्गो ने तीन डेमोक्रेटिक और तीन रिपब्लिकन संगठन जिन्हें 527 कहा जाता है, को कुल 704,300 डॉलर दिए थे। ये फंडिंग गवर्नर, अटॉर्नी जनरल और राज्य विधायकों के चुनाव पर केंद्रित है। यह डोनेशन दोनों पार्टियों को समान रूप से दी गई है। 2014 की तुलना में देखें तो इसमें 200 % से अधिक का इजाफा हुआ है। 

527 संगठन के बारे में बताएं तो ये एडवोकेसी ग्रुप्स हैं जो उम्मीदवारों के लिए असीमित कॉर्पोरेट फंडिंग जुटाने में सक्षम हैं। सीपीए का दावा है कि इनमें से छह को सबसे ज्यादा कॉर्पोरेट मनी मिलती है। इनमें से किसी ने रॉयटर्स के सवालों का जवाब नहीं दिया।

वेल्स फार्गो के एक प्रवक्ता का कहना था कि 527 के साथ बैंक का जुड़ाव नीति निर्माण पर केंद्रित है और वह सुनिश्चित करता है कि उसके डोनेशन का इस्तेमाल उम्मीदवारों के समर्थन या विरोध के बजाय केवल प्रशासनिक उद्देश्यों के लिए किया जाए।

प्रवक्ता ने आगे कहा कि कई अन्य कंपनियों की तरह वेल्स फार्गो भी नियमित रूप से स्थानीय, राज्य  और केंद्रीय स्तर पर निर्वाचित अधिकारियों के साथ ऐसे सार्वजनिक नीति समाधानों पर चर्चा में हिस्सा लेता है जो हमारे ग्राहकों और समुदायों के लिए महत्वपूर्ण हैं।

सीपीए के अनुसार, एक और खुदरा बैंकिंग दिग्गज कंपनी बैंक ऑफ अमेरिका भी इन्हीं छह समूहों को दान देती रही है, लेकिन उसने 2014 से अपना दान लगभग 400,000 डॉलर बनाए रखा है। वहीं इस अवधि में सिटीग्रुप का हिस्सा लगभग 60% कम हो चुका है।  बैंक ऑफ अमेरिका के प्रवक्ता ने कहा कि हम चुनावी उम्मीदवारों के समर्थन या विरोध के लिए दान का इस्तेमाल करने की अनुमति नहीं देते हैं। सिटीग्रुप ने इस मामले पर टिप्पणी करने से इनकार कर दिया।

2023 में जेपी मॉर्गन ने इन्हीं छह 527 समूहों में से चार पर 101,500 डॉलर खर्च किए थे। ये कर्मचारियों की वित्त पोषित राजनीतिक कार्रवाई समितियों से मिली रकम से दी गई थी। कहा गया कि यह सदस्यता बकाया का भुगतान करने के लिए की गई थी। हालांकि बैंक की वेबसाइट की मानें तो वह कॉर्पोरेट फंड का दान नहीं करता है।
 

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