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पंजाब पर पानी और जंग की दोहरी मार, भारत-पाक सीमा पर जिंदगी बेहाल

इस बार हालात इतने खराब हुए कि ऐतिहासिक गुरुद्वारा श्री करतारपुर साहिब तक बाढ़ के पानी में डूब गया।

 पाकिस्तान के पंजाब प्रांत के चिनियोट जिले के पत्राकी गांव में मानसूनी बारिश और चेनाब नदी का जलस्तर बढ़ने के बाद लोग ऊंचे स्थान पर खड़े हैं, जबकि पीछे खेत बाढ़ के पानी में डूबे दिखाई दे रहे हैं। (30 अगस्त 2025) पाकिस्तान के पंजाब प्रांत के चिनियोट जिले के पत्राकी गांव में मानसूनी बारिश और चेनाब नदी का जलस्तर बढ़ने के बाद लोग ऊंचे स्थान पर खड़े हैं, जबकि पीछे खेत बाढ़ के पानी में डूबे दिखाई दे रहे हैं। (30 अगस्त 2025) / REUTERS/Akhtar Soomro

छह महीने से सरहद पर रहने वाले लोगों की जिंदगी लगातार संघर्ष से भरी हुई है। कभी जंग का डर, तो कभी बाढ़ का कहर उनकी रोजमर्रा की जिंदगी का हिस्सा बन गया है। जर्जर घरों और अस्थायी शरण स्थलों के बीच भटकना उनकी मजबूरी है।

यह भी पढ़ें- कैदियों के धार्मिक अधिकारों पर सिख गठबंधन भी कानूनी लड़ाई में शामिल

इतना ही नहीं, इस बार हालात इतने खराब हुए कि ऐतिहासिक गुरुद्वारा श्री करतारपुर साहिब तक बाढ़ के पानी में डूब गया। जिस गुरुद्वारे तक पहुंचने के लिए सिखों ने दशकों संघर्ष किया था, वह भी कुछ दिनों तक डूबा रहा।

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