सांकेतिक तस्वीर / Unsplash
अमेरिका के विस्कॉन्सिन राज्य की एक जज, जिन्हें पिछले महीने अदालत में पेश हुए एक प्रवासी को इमिग्रेशन गिरफ्तारी से बचाने में मदद करने के आरोप में न्याय में बाधा डालने का दोषी ठहराया गया था, ने 3 जनवरी को अपने पद से इस्तीफा सौंप दिया। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, यह कदम उन पर रिपब्लिकन-नियंत्रित राज्य विधानसभा द्वारा महाभियोग की धमकी के बीच आया है।
मिलवॉकी काउंटी सर्किट कोर्ट की निर्वाचित जज हन्ना डुगन पर आरोप था कि उन्होंने मेक्सिको के प्रवासी एडुआर्डो फ्लोरेस-रुइज को इमिग्रेशन अधिकारियों की गिरफ्तारी से बचने में मदद करने की कोशिश की। फ्लोरेस-रुइज घरेलू हिंसा के एक मामले में डुगन की अदालत में पेश होने वाला था।
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जज डुगन ने आरोपों से इनकार करते हुए खुद को निर्दोष बताया था। उनके वकीलों का तर्क था कि उन्होंने केवल अदालत की उस नीति का पालन किया, जिसके तहत कर्मचारियों को कोर्ट परिसर में आईसीई (इमिग्रेशन एंड कस्टम्स एनफोर्समेंट) की मौजूदगी की सूचना वरिष्ठ अधिकारियों को देनी होती है। मामले की सुनवाई के दौरान विस्कॉन्सिन की सर्वोच्च अदालत ने उन्हें न्यायिक कार्यों से निलंबित कर दिया था।
विस्कॉन्सिन के गवर्नर टोनी एवर्स के कार्यालय और डुगन के वकील ने इस्तीफे पर तत्काल कोई प्रतिक्रिया नहीं दी। वहीं, अमेरिकी न्याय विभाग के अधिकारियों ने इस मामले को एक उदाहरण बताते हुए कहा कि सरकार प्रभावशाली सार्वजनिक पदाधिकारियों के खिलाफ भी सख्त कार्रवाई करने को तैयार है।
यह मामला ऐसे समय सामने आया है जब राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प का प्रशासन अवैध प्रवासियों के खिलाफ सख्त रुख अपनाते हुए स्थानीय अदालतों में इमिग्रेशन कार्रवाई पर लगी पाबंदियों को ढीला कर रहा है। ट्रम्प प्रशासन का लक्ष्य अमेरिका में अवैध रूप से रह रहे लाखों प्रवासियों को देश से बाहर करना है।
हन्ना डुगन पहली बार 2016 में काउंटी जज चुनी गई थीं। इससे पहले वह कैथोलिक चैरिटीज़ की स्थानीय शाखा की प्रमुख रह चुकी हैं, जो शरणार्थियों के पुनर्वास समेत कई सामाजिक सेवाएं प्रदान करती है।
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