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अमेरिकी संसद में भारतीयों की बड़ी ताकत! आखिर 200 प्रतिनिधि कैपिटल हिल क्यों पहुंचे?

FIIDS ने कहा कि यह एजेंडा अमेरिका में भारतीय-अमेरिकी समुदाय की बढ़ती भूमिका और आर्थिक प्रतिस्पर्धा, राष्ट्रीय सुरक्षा तथा लोकतांत्रिक मजबूती से जुड़े मुद्दों को दर्शाता है।

 कैपिटल हिल डे कैपिटल हिल डे / Handout

फाउंडेशन फॉर इंडिया एंड इंडियन डायस्पोरा स्टडीज (FIIDS) ने मंगलवार को अपना चौथा वार्षिक कैपिटल हिल डे आयोजित किया। इस कार्यक्रम में अमेरिका के 25 राज्यों से आए लगभग 200 प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया और 125 से अधिक कांग्रेस तथा निर्वाचित प्रतिनिधियों के कार्यालयों से मुलाकात की।

इस वकालत अभियान का केंद्र पांच प्रमुख मुद्दे रहे। इनमें इंडो-पैसिफिक व्यापार और सुरक्षा, अमेरिका-भारत रणनीतिक साझेदारी, भारतीय-अमेरिकी समुदाय से जुड़े मुद्दे, आव्रजन सुधार और महत्वपूर्ण खनिज आपूर्ति श्रृंखला शामिल थे।

FIIDS ने कहा कि यह एजेंडा अमेरिका में भारतीय-अमेरिकी समुदाय की बढ़ती भूमिका और आर्थिक प्रतिस्पर्धा, राष्ट्रीय सुरक्षा तथा लोकतांत्रिक मजबूती से जुड़े मुद्दों को दर्शाता है।

FIIDS के नीति एवं रणनीति प्रमुख खंडेराव कंद ने कहा कि यह प्रभाव को नीतिगत असर में बदलने का समय है। भारतीय-अमेरिकी तकनीक, शोध, शिक्षा, आतिथ्य, स्वास्थ्य सेवा, छोटे व्यवसाय और कृषि जैसे कई क्षेत्रों में योगदान दे रहे हैं। हमारा समुदाय चाहता है कि कांग्रेस उन मुद्दों को समझे जो अमेरिका के भविष्य के लिए महत्वपूर्ण हैं।

FIIDS के अनुसार प्रतिनिधियों ने सांसदों से ऐसे कानूनों का समर्थन करने का आग्रह किया जो इंडो-पैसिफिक सहयोग को मजबूत करें, अमेरिका-भारत रक्षा और तकनीकी संबंधों का विस्तार करें, उच्च-कौशल वाले आव्रजन मार्गों में सुधार लाएं, भारतीय-अमेरिकियों के खिलाफ भेदभाव का मुकाबला करें और महत्वपूर्ण खनिज आपूर्ति श्रृंखलाओं को सुरक्षित बनाएं।

प्रतिनिधियों ने क्वाड साझेदारी, इंडिया-मिडिल ईस्ट-यूरोप इकोनॉमिक कॉरिडोर (IMEC), भारत के साथ मजबूत रक्षा सहयोग और उच्च-कौशल वाले प्रवासियों को प्रभावित करने वाले ग्रीन कार्ड बैकलॉग को कम करने जैसे मुद्दों पर भी समर्थन मांगा।

संगठन ने स्वास्थ्य सेवा, तकनीक, उद्यमिता और आतिथ्य उद्योग में भारतीय-अमेरिकियों के आर्थिक योगदान को भी रेखांकित किया। साथ ही आव्रजन बहस और ऑनलाइन गलत सूचनाओं से जुड़े भारतीय-विरोधी भावनाओं और भेदभाव पर चिंता जताई।

कैपिटल हिल की बैठकों के बाद यूएस-इंडिया पार्टनरशिप समिट आयोजित किया गया। इसमें राजनयिकों, निर्वाचित प्रतिनिधियों और नीति विशेषज्ञों ने भारत-अमेरिका सहयोग के भविष्य पर चर्चा की।

कार्यक्रम के प्रमुख वक्ताओं में अमेरिकी विदेश विभाग की उप सहायक सचिव बेथानी मॉरिसन और उप मिशन प्रमुख राजदूत मंग्या खम्पा शामिल रहे।

FIIDS ने बताया कि कैपिटल हिल डे में भागीदारी लगातार बढ़ रही है। वर्ष 2023 में जहां लगभग 70 प्रतिनिधि शामिल हुए थे, वहीं इस वर्ष यह संख्या बढ़कर करीब 200 पहुंच गई है। संगठन ने इसे भारतीय-अमेरिकी नागरिक भागीदारी और नीतिगत वकालत के लिए अपने बढ़ते राष्ट्रीय मंच का प्रमाण बताया।

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