टेक्सस में दिवंगत भारतीय मेडिकल छात्र वैभव दुग्गल। / Courtesy: YouTube/Vaibhav Duggal
टेक्सस के एक मेडिकल स्कूल में पढ़ाई कर रहे भारतीय मूल के मेडिकल छात्र की आत्महत्या से मौत के बाद, उसके परिवार ने उस अनुशासनात्मक प्रक्रिया की कानूनी समीक्षा की मांग की है जिसका उसे सामना करना पड़ा था। उन्होंने उचित प्रक्रिया और मानसिक स्वास्थ्य सहायता को लेकर चिंताएं जताई हैं।
24 वर्षीय वैभव दुग्गल की जुलाई 2025 में टेक्सस के एल पासो स्थित टेक्सस टेक यूनिवर्सिटी हेल्थ साइंसेज सेंटर में पढ़ाई के तीसरे साल के दौरान मौत हो गई। उनकी मौत उस समय हुई जब विश्वविद्यालय में उनके खिलाफ शैक्षणिक अनुशासनात्मक कार्यवाही चल रही थी।
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दुग्गल के परिवार और समर्थकों ने अनुशासनात्मक प्रक्रिया के संचालन पर सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि इसमें स्पष्टता की कमी थी और उचित प्रक्रिया का पालन नहीं किया गया। उन्होंने अनुशासनात्मक कार्रवाई का सामना कर रहे छात्रों के लिए मानसिक स्वास्थ्य सहायता की उपलब्धता पर भी चिंता जताई है। परिवार का मानना है कि अनुशासनात्मक कार्यवाही के कारण अत्यधिक तनाव पैदा हुआ और यह दुग्गल की मौत का एक कारण बना।
एक एडवोकेसी अभियान के तहत जारी बयान में परिवार ने कहा कि इस प्रयास का उद्देश्य जवाबदेही, स्वतंत्र समीक्षा और सुधार सुनिश्चित करना है ताकि कोई अन्य छात्र पर्याप्त सुरक्षा उपायों या सहायता के बिना ऐसी परिस्थितियों में न फंसे।
इस मामले ने इस बात की ओर ध्यान आकर्षित किया है कि अमेरिका में विश्वविद्यालय अनुशासनात्मक कार्यवाही का प्रबंधन कैसे करते हैं, खासकर चिकित्सा जैसे उच्च दबाव वाले पेशेवर कार्यक्रमों में।
एडवोकेसी समूहों ने नीतिगत बदलावों की मांग की है, जिसमें मजबूत सुरक्षा उपाय, आघात-संवेदनशील (trauma-informed) अनुशासनात्मक प्रणालियां और छात्रों के लिए बेहतर मानसिक स्वास्थ्य सहायता शामिल हैं। उनका कहना है कि विश्वविद्यालयों को अनुशासनात्मक कार्रवाई का सामना कर रहे छात्रों के लिए पारदर्शी प्रक्रियाएं और पर्याप्त सहायता प्रदान करनी चाहिए।
टेक्सास टेक यूनिवर्सिटी हेल्थ साइंसेज सेंटर ने पहले कहा है कि वह अमेरिकी संघीय कानून के तहत गोपनीयता सुरक्षा के कारण किसी छात्र के व्यक्तिगत मामलों पर टिप्पणी नहीं कर सकता है। विश्वविद्यालय ने दुग्गल के मामले के बारे में पूछे गए सवालों के जवाब में इन्हीं सुरक्षा उपायों का हवाला दिया है।
इस घटना ने छात्र कल्याण, संस्थागत जवाबदेही और शैक्षणिक अनुशासनात्मक प्रणालियों में सुरक्षा उपायों की आवश्यकता पर व्यापक चर्चा को जन्म दिया है, खासकर चुनौतीपूर्ण पेशेवर शिक्षा कार्यक्रमों में।
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