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शिकागो में दक्षिण एशियाई रियल एस्टेट पेशेवरों ने टिकाऊ विकास पर दिया जोर

पूरे कार्यक्रम में एक मुख्य विषय यह रहा कि बाजार की अपेक्षाएं तेजी से बदल रही हैं खासकर किरायेदारों की नई पसंद और बढ़ते नियामकीय दबाव के कारण।

 सहभागी सहभागी / Asian Media USA

टिकाऊ विकास और लंबे समय की मूल्य निर्माण की सोच को केंद्र में रखते हुए दक्षिण एशियाई रियल एस्टेट क्षेत्र के कई प्रमुख लोग शिकागो क्षेत्र में एक बड़े उद्योग कार्यक्रम में एकत्र हुए। यह कार्यक्रम दक्षिण एशियाई रियल एस्टेट पेशेवर संघ यानी ASARP और हॉथॉर्न वर्ल्ड ग्रुप के सहयोग से आयोजित किया गया। अप्रैल 2026 में एल्महर्स्ट के वॉटरफोर्ड बैंक्वेट एंड कॉन्फ्रेंस सेंटर में आयोजित इस कार्यक्रम में रियल एस्टेट पेशेवरों, निवेशकों, ब्रोकरों और सामुदायिक नेताओं ने भाग लिया।

यहां इस बात पर चर्चा हुई कि उद्योग के भविष्य को आकार देने में टिकाऊ विकास की भूमिका लगातार कैसे बढ़ रही है। शाम के कार्यक्रम का संचालन शिकागो क्षेत्र की रियल एस्टेट पेशेवर अंजलि मोहंती ने किया जो अमेरिकन स्टार रियल्टी से जुड़ी हैं।
कार्यक्रम की शुरुआत नेटवर्किंग सत्रों से हुई जिससे यह स्पष्ट हुआ कि अब टिकाऊ विकास केवल नैतिक जिम्मेदारी नहीं, बल्कि आर्थिक और रणनीतिक प्राथमिकता भी बन चुका है।

ASARP की उपाध्यक्ष शिरीन मारवी ने अपने उद्घाटन संबोधन में संगठन को दक्षिण एशियाई रियल एस्टेट समुदाय के लिए सामूहिक विकास और नेतृत्व का मंच बताया। उन्होंने कहा कि जब हमारे पेशेवर आगे बढ़ते हैं तो हमारे समुदाय भी मजबूत होते हैं। उन्होंने ASARP के उस लक्ष्य को भी रेखांकित किया जिसके तहत वह पूरे उत्तर अमेरिका में एक प्रमुख संसाधन केंद्र बनना चाहता है।

पूरे कार्यक्रम में एक मुख्य विषय यह रहा कि बाजार की अपेक्षाएं तेजी से बदल रही हैं खासकर किरायेदारों की नई पसंद और बढ़ते नियामकीय दबाव के कारण। मिडवेस्ट रियल्टी एंड ब्रोकरेज के संस्थापक निक वर्मा ने कहा कि ऊर्जा-कुशल और ईएसजी मानकों का पालन करने वाली इमारतें अब सीधे तौर पर बेहतर किरायेदार मांग, आसान वित्तपोषण और ऊंचे संपत्ति मूल्य से जुड़ी हैं। 

उन्होंने कहा कि असल सवाल यह नहीं है कि हमें टिकाऊ विकास में निवेश करना चाहिए या नहीं, बल्कि यह है कि अगर हम ऐसा नहीं करते, तो इसकी कीमत क्या होगी। उन्होंने उन संपत्तियों के बढ़ते जोखिम की ओर भी इशारा किया जो समय के साथ खुद को नहीं बदल पातीं।

वित्त और निवेश के नजरिए पर भी चर्चा हुई।
 

कार्यक्रम में उपस्थित लोग / Asian Media USA

अनिल पुंजवानी ने यूएस बैंक की ओर से रियल एस्टेट विकास के लिए ऋण के अवसरों पर बात की। वहीं अमेरिकन स्टार रियल्टी के प्रबंधक ब्रोकर प्रदीप बी शुक्ला ने लागत विभाजन, अतिरिक्त मूल्यह्रास और 1031 एक्सचेंज जैसी कर रणनीतियों पर चर्चा की जो बेहतर रिटर्न और दीर्घकालिक संपत्ति निर्माण में मदद करती हैं। 

शाम का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा डॉ. गणेशन विश्वभारती का मुख्य भाषण था। वे हॉथॉर्न वर्ल्ड कॉरपोरेशन के संस्थापक और अध्यक्ष हैं। उन्होंने टिकाऊ रियल एस्टेट को पर्यावरणीय ही नहीं, बल्कि आर्थिक आवश्यकता भी बताया।

चार दशक से अधिक के अनुभव के आधार पर उन्होंने नेट-जीरो विकास के कई मॉडल समझाए जिनमें भू-तापीय प्रणाली, सौर ऊर्जा और पर्यावरण के अनुकूल निर्माण सामग्री का उपयोग शामिल है। उन्होंने इसे टिकाऊ निवेश की चौथी लहर का हिस्सा बताया जिसमें वैश्विक स्तर पर ईएसजी आधारित संपत्तियों में पूंजी का निवेश लगातार बढ़ रहा है। 

उन्होंने हवाई के कौआई में स्थित कोको पाम्स रिजॉर्ट के पुनर्विकास का उदाहरण दिया, जिसे पूरी तरह टिकाऊ और कार्बन-न्यूट्रल रिसॉर्ट के रूप में विकसित करने की योजना है। इसके अलावा इलिनॉय के ड्यूपेज काउंटी में बड़े स्तर पर नेट-जीरो बहु-परिवार ईको-समुदाय की भी योजना बताई गई। 

विश्वभारती ने जोर देकर कहा कि आधुनिक रियल एस्टेट में टिकाऊ विकास अब विकल्प नहीं बल्कि आवश्यकता है। अगर मैं लोगों के जीवन में बदलाव नहीं ला सकता, तो मैं इस व्यवसाय में क्यों हूं?

कार्यक्रम का समापन नेटवर्किंग डिनर और अंतिम संबोधन के साथ हुआ जहां सहयोग और ज्ञान साझा करने में ऐसे उद्योग मंचों की भूमिका पर फिर जोर दिया गया। आयोजकों ने कहा कि यह आयोजन दक्षिण एशियाई रियल एस्टेट समुदाय के भीतर एक बड़े बदलाव को दिखाता है, जहां पेशेवर आर्थिक लक्ष्यों को पर्यावरणीय जिम्मेदारी के साथ जोड़ रहे हैं।

एशियन मीडिया यूएसए के अध्यक्ष सुरेश बोडीवाला ने इसे उद्योग के लिए एक महत्वपूर्ण मोड़ बताया। उन्होंने कहा कि टिकाऊ रियल एस्टेट की चौथी लहर आ चुकी है और ऐसे कार्यक्रम दिखाते हैं कि लाभ कमाना और पृथ्वी की रक्षा करना एक-दूसरे के विरोधी नहीं, बल्कि मजबूत साझेदार हैं।

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