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पीएम मोदी से मुलाकात के बाद स्टार्टअप सीईओ: लोगों की जिंदगी बदलने वाला AI बनाने की मिली प्रेरणा

टेक महिंद्रा के चीफ इनोवेशन ऑफिसर निखिल मल्होत्रा ने पीएम मोदी से संवाद को एक शानदार अनुभव बताया।

पीएम मोदी की स्टार्टअप सीईओ से मुलाकात की तस्वीर / IANS/PMO

देशी आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) स्टार्टअप्स के संस्थापकों ने कहा है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से हुई मुलाकात ने उन्हें ऐसे AI समाधान विकसित करने की प्रेरणा दी है, जो आम लोगों की ज़िंदगी में सकारात्मक बदलाव ला सकें।

न्यूरोDx के सीईओ और सह-संस्थापक डॉ. सिद्धार्थ पंवार ने कहा कि प्रधानमंत्री की सोच ने AI की व्यापक सामाजिक भूमिका को लेकर उनका नजरिया बदला। उन्होंने कहा, “प्रधानमंत्री मोदी ने हमें पश्चिमी देशों की नकल करने के बजाय ऐसा AI विकसित करने के लिए प्रेरित किया, जो देश के आम नागरिकों के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन ला सके।”

टेक महिंद्रा के चीफ इनोवेशन ऑफिसर निखिल मल्होत्रा ने पीएम मोदी से संवाद को एक शानदार अनुभव बताया। उन्होंने कहा, “प्रधानमंत्री देश में AI अपनाने के महत्व को समझते हैं और उन्होंने ऐसे AI समाधान विकसित करने पर जोर दिया, जो नैतिक, जिम्मेदार और अब तक विकसित न किए गए हों।”

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गुरुवार को प्रधानमंत्री मोदी ने स्टार्टअप्स से सामाजिक कल्याण के लिए AI का उपयोग करने का आह्वान किया। 7, लोक कल्याण मार्ग स्थित अपने आवास पर आयोजित एक राउंडटेबल बैठक में उन्होंने AI को किफायती, समावेशी और पारदर्शी बनाने पर जोर दिया।

जेनलूप के सीईओ आयुष गुप्ता ने बताया कि बैठक में भारत के AI मॉडल कैसे होने चाहिए, इस पर चर्चा हुई। उन्होंने कहा, “प्रधानमंत्री ने स्पष्ट किया कि भारत का AI भरोसेमंद हो और नैतिक सिद्धांतों का पालन करे। भारत के लिए AI का अर्थ ‘आत्मनिर्भर इंटेलिजेंस’ होगा, जो विकसित भारत की दिशा में अहम भूमिका निभाएगा।”

फ्रैक्टल के सह-संस्थापक श्रीकांत वेलामकन्नी ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी का विज़न भारत को AI के क्षेत्र में वैश्विक नेता बनाने का है। उन्होंने कहा, “इसके लिए भारत-केंद्रित AI मॉडल तैयार करना और उन्हें हर नागरिक तक उसकी अपनी भाषा में पहुंचाना बेहद जरूरी है।”

यह बैठक अगले महीने भारत में होने वाले ‘इंडिया AI इम्पैक्ट समिट 2026’ से पहले आयोजित की गई। प्रधानमंत्री कार्यालय की ओर से जारी बयान के अनुसार, बैठक में शामिल 12 AI स्टार्टअप्स ने ‘AI फॉर ऑल: ग्लोबल इम्पैक्ट चैलेंज’ के तहत अपने विचार और कार्य प्रस्तुत किए। ये स्टार्टअप्स स्वास्थ्य, बहुभाषी लार्ज लैंग्वेज मॉडल, मैटीरियल रिसर्च, डेटा एनालिटिक्स, इंजीनियरिंग सिमुलेशन समेत कई क्षेत्रों में काम कर रहे हैं।

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