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भारत में बीते 11 वर्षों में हाई-स्पीड रेलवे ट्रैक की संख्या दोगुनी

वित्तीय वर्ष 2024-25 के दौरान, भारतीय रेलवे ने 6,851 किलोमीटर से अधिक पटरियों का नवीनीकरण किया।

हाई-स्पीड रेल / IANS

भारत में हाई-स्पीड रेलवे ट्रैक की लंबाई बीते 11 वर्षों में दोगुनी से अधिक बढ़कर 84,244 किलोमीटर हो गई है, जो कि 2014 में 31,445 किलोमीटर थी। यह बयान रेल मंत्रालय की ओर से रविवार को दिया गया। 

मंत्रालय ने बताया कि समीक्षा अवधि में देश में कुल रेलवे ट्रैक नेटवर्क में हाई-स्पीड ट्रैक की हिस्सेदारी बढ़कर 80 प्रतिशत हो गई है, जो कि पहले 40 प्रतिशत पर थी। इससे ट्रेन ऑपरेशन पहले के मुकाबले अधिक तेज हो गए हैं।

मंत्रालय ने बयान में कहा कि भारतीय रेलवे ने बीते 11 वर्षों में ट्रैक इन्फ्रास्ट्रक्चर और सुरक्षा को बढ़ाने पर तेजी से ध्यान केंद्रित किया है, जिससे ट्रैक इन्फ्रास्ट्रक्चर और सुरक्षा मानकों को बढ़ाने में महत्वपूर्ण प्रगति दर्ज की गई है। इन प्रयासों से देश भर में सुरक्षित, तेज और अधिक विश्वसनीय रेल संचालन में योगदान मिला है।

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बयान में आगे बताया गया कि वित्तीय वर्ष 2024-25 के दौरान, भारतीय रेलवे ने 6,851 किलोमीटर से अधिक पटरियों का नवीनीकरण किया। चालू वित्तीय वर्ष 2025-26 में 7,500 किलोमीटर से अधिक पटरियों के नवीनीकरण का कार्य चल रहा है। इसके अतिरिक्त, 2026-27 के लिए 7,900 किलोमीटर पटरियों के नवीनीकरण की योजना बनाई गई है, जो परिसंपत्ति की विश्वसनीयता और सुरक्षा पर निरंतर फोकस को दर्शाता है।

मंत्रालय ने कहा कि रेलवे ट्रैक के किनारे सुरक्षा बाड़ लगाने का काम भी प्राथमिकता के आधार पर शुरू किया गया है ताकि मवेशियों के कुचले जाने और अतिक्रमण की घटनाओं को कम किया जा सके और समग्र सुरक्षा को बढ़ाया जा सके। अब तक लगभग 15,000 किलोमीटर की बाड़ लगाई जा चुकी है, जिससे उन खंडों पर सुरक्षा में सुधार हुआ है जहां ट्रेनें 110 किमी प्रति घंटे से अधिक की गति से चलती हैं।

रेलगाड़ियों की सुचारू आवाजाही के लिए महत्वपूर्ण टर्नआउट रिन्यूएबल में भी मजबूत प्रगति हुई है। 2024-25 में 7,161 थिक वेब स्विच और 1,704 वेल्डेबल सीएमएस (कास्ट मैंगनीज स्टील) क्रॉसिंग स्थापित किए गए। 2025-26 में 8,000 से अधिक थिक वेब स्विच और 3,000 से अधिक वेल्डेबल सीएमएस क्रॉसिंग स्थापित किए जा रहे हैं।

बयान में बताया गया है कि ट्रैक की स्थिरता बनाए रखने और राइड की गुणवत्ता में सुधार के लिए आवश्यक गिट्टी की मशीनीकृत गहन स्क्रीनिंग लगातार की जा रही है। 2024-25 के दौरान 7,442 किलोमीटर ट्रैक की गहन स्क्रीनिंग पूरी की गई, जबकि 2025-26 में 7,500 किलोमीटर से अधिक ट्रैक की गहन स्क्रीनिंग का काम जारी है।

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