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Microsoft भारत में करेगी 17.5 अरब डॉलर का निवेश, मोदी से मिले नडेला

माइक्रोसॉफ्ट ने कहा कि यह निवेश एशिया में उसका अब तक का सबसे बड़ा निवेश है। कंपनी पहले ही तीन अरब डॉलर के निवेश की घोषणा कर चुकी है जिसे 2026 तक खर्च कर दिया जाएगा।

 माइक्रोसॉफ्ट के सीईओ सत्या नडेला और भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी माइक्रोसॉफ्ट के सीईओ सत्या नडेला और भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी / (Photo: IANS/X/@satyanadella)

टेक दिग्गज माइक्रोसॉफ्ट ने घोषणा की है कि वह 2026 से 2029 के बीच भारत में 17.5 अरब डॉलर का निवेश करेगी ताकि देश में AI और क्लाउड ढांचे का विस्तार हो सके। भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि भारत के युवा इस अवसर का उपयोग करके नवाचार करेंगे और AI की शक्ति से धरती को एक बेहतर ग्रह बनाने में योगदान देंगे।

माइक्रोसॉफ्ट ने कहा कि यह निवेश एशिया में उसका अब तक का सबसे बड़ा निवेश है। कंपनी पहले ही तीन अरब डॉलर के निवेश की घोषणा कर चुकी है जिसे 2026 तक खर्च कर दिया जाएगा।

यह घोषणा माइक्रोसॉफ्ट के चेयरमैन और सीईओ सत्य नडेला की प्रधानमंत्री मोदी से मुलाकात के बाद हुई।
नडेला ने X पर लिखा कि भारत की AI संभावनाओं पर बातचीत बेहद प्रेरणादायक रही। माइक्रोसॉफ्ट भारत के AI-फर्स्ट भविष्य को मजबूत करने के लिए 17.5 अरब डॉलर का निवेश कर रही है।

PM मोदी ने जवाब में लिखा कि AI के मामले में दुनिया भारत को लेकर आशावान है। मुझे खुशी है कि माइक्रोसॉफ्ट एशिया में अपना सबसे बड़ा निवेश भारत में करेगी। हमारे युवा इसे नवाचार के लिए उपयोग करेंगे।

माइक्रोसॉफ्ट ने कहा कि भारत AI की यात्रा के एक निर्णायक मोड़ पर खड़ा है और बड़े पैमाने पर बदलाव की क्षमता दिखा रहा है। तकनीक भारत के समावेशी विकास और आर्थिक परिवर्तन की गति को तेज कर रही है।

सत्य नडेला भारत के AI दौरे पर हैं जिसके दौरान उन्होंने PM मोदी के साथ देश की AI रणनीति और विकास योजनाओं पर चर्चा की। कंपनी के अनुसार भारत में निवेश का ध्यान स्केल, स्किल और सोवरेनिटी के तीन स्तंभों पर है।

माइक्रोसॉफ्ट का नया निवेश देशभर में क्लाउड और AI इंफ्रास्ट्रक्चर बढ़ाने, स्किलिंग कार्यक्रमों को मजबूत करने और भारत में अपनी मौजूदा गतिविधियों को विस्तार देने में उपयोग होगा। कंपनी के भारत में 22,000 से अधिक कर्मचारी हैं, जो मॉडल डेवलपमेंट से लेकर इंजीनियरिंग, प्रोडक्ट इनोवेशन, डेटा सेंटर संचालन और सेल्स तक सभी क्षेत्रों में योगदान देते हैं। ये टीमें न केवल भारत की डिजिटल प्रगति को आगे बढ़ा रही हैं, बल्कि वैश्विक AI इनोवेशन में भी भूमिका निभा रही हैं।

नए निवेश का एक प्रमुख उद्देश्य सुरक्षित और सोवरेन-रेडी हाइपरस्केल इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार करना है। माइक्रोसॉफ्ट का India South Central क्लाउड रीजन 2026 के मध्य में शुरू होगा। यह हैदराबाद में बन रहा है। कंपनी के अनुसार यह भारत में उसका सबसे बड़ा हाइपरस्केल रीजन होगा, जिसमें तीन अवेलेबिलिटी जोन होंगे।

इसके अलावा कंपनी चेन्नई, हैदराबाद और पुणे में पहले से मौजूद डेटा सेंटर रीजन का भी विस्तार कर रही है, जिससे भारतीय कंपनियों को तेज और विश्वसनीय क्लाउड सेवाएं मिल सकेंगी।

इलेक्ट्रॉनिक्स एवं आईटी मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा कि AI डिजिटल अर्थव्यवस्था को नया रूप दे रहा है। माइक्रोसॉफ्ट का ऐतिहासिक निवेश इस बात का संकेत है कि दुनिया के लिए भारत एक भरोसेमंद तकनीकी साझेदार बन रहा है।

माइक्रोसॉफ्ट इंडिया एवं साउथ एशिया के अध्यक्ष पुनीत चंदोक ने कहा कि यह निवेश भारत की AI महत्वाकांक्षाओं को वास्तविक प्रभाव में बदलने की दिशा में बड़ा कदम है। उन्होंने कहा कि कंपनी का ध्यान बड़े पैमाने पर AI इंफ्रास्ट्रक्चर, भरोसेमंद समाधान और व्यापक स्किलिंग पर है।

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