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महारिकॉर्ड्स का कुंभ : 66 करोड़ श्रद्धालुओं ने कुंभ में डुबकी लगाकर रचा इतिहास

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि यह महाकुंभ केवल एक धार्मिक आयोजन नहीं बल्कि वसुधैव कुटुंबकम् का संदेश देने वाला एक महापर्व है।

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इन ऐतिहासिक रिकॉर्ड्स की घोषणा की। / X @myogiadityanath

उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में आयोजित महाकुंभ मेला 'महारिकॉर्ड्स का कुंभ' बनकर संपन्न हो गया। 45 दिनों तक चले इस विशाल धार्मिक आयोजन के दौरान 66 करोड़ से अधिक श्रद्धालुओं ने संगम पर डुबकी लगाई। 

महाकुंभ के दौरान कई गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड्स बने। इसने दुनिया की सबसे बड़े धार्मिक मेले के रूप में अपनी पहचान को और भी मज़बूत कर लिया। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इन ऐतिहासिक रिकॉर्ड्स की घोषणा करते हुए कहा कि वसुधैव कुटुंबकम् का संदेश देने वाला यह महापर्व ‘महा रिकॉर्ड्स का कुंभ’ भी बन गया है।
 
कौन-कौन से रिकॉर्ड बने?
महाकुंभ 2025 में निम्न गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड्स बने:  
1. सबसे बड़ा एक साथ नदी सफाई का अभियान 
2. एक ही स्थान पर सबसे अधिक स्वयंसेवकों द्वारा सफाई अभियान में भागीदारी 
3. महज आठ घंटों में सबसे अधिक लोगों द्वारा हैंडप्रिंट पेंटिंग बनाना 

महाकुंभ हर 12 साल में चार पवित्र स्थलों– प्रयागराज, हरिद्वार, उज्जैन और नासिक में आयोजित होता है।  इस साल का आयोजन प्रयागराज में 13 जनवरी से 26 फरवरी तक हुआ, जिसने दुनिया भर के श्रद्धालुओं को आकर्षित किया।  

शुरुआत में अनुमान था कि करीब 45 करोड़ लोग इस मेले में शामिल होंगे, लेकिन पहले महीने में ही श्रद्धालुओं की संख्या ने सभी अनुमानों को पार कर लिया। महाकुंभ मेला का सबसे मुख्य आकर्षण गंगा, यमुना और पौराणिक सरस्वती के संगम में स्नान रहा।  

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि यह महाकुंभ केवल एक धार्मिक आयोजन नहीं बल्कि वसुधैव कुटुंबकम् का संदेश देने वाला एक महापर्व है जो दुनिया को भारत की आध्यात्मिक शक्ति एवं सांस्कृतिक धरोहर का परिचय देता है। 



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