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दावोस समिट में हिस्सा लेंगे ये दो युवा भारतीय, शेपर्स कम्युनिटी का करेंगे प्रतिनिधित्व

देवयानी पवार और अवि अग्रवाल की दावोस समिट में भागीदारी ज्वलंत मुद्दों के समाधान में भारत के युवाओं की बढ़ती भागीदारी को रेखांकित करती है।

देवयानी पवार और अवि अग्रवाल / Photo Courtesy #LinkedIn

स्विट्जरलैंड के दावोस में आगामी 20 जनवरी से होने वाली वर्ल्ड इकनोमिक फोरम (WEF) समिट में दो युवा भारतीय देवयानी पवार और अवि अग्रवाल भी हिस्सा लेंगे। दावोस समिट के लिए चुने गए 50 ग्लोबल डेलीगेट्स में शामिल ये दोनों ग्लोबल शेपर्स कम्युनिटी का प्रतिनिधित्व करेंगे। 

दावोस में 20 से 24 जनवरी तक आयोजित होने वाले सालाना सम्मेलन में सरकार, व्यापार जगत और सिविल सोसायटी के ग्लोबल लीडर्स शामिल होंगे और भू-राजनीतिक घटनाओं, समावेशी ऊर्जा संक्रमण और जीवन स्तर में सुधार सहित प्रमुख वैश्विक चुनौतियों के समाधान पर चर्चा करेंगे। 

दावोस समिट तक पहुंचने की देवयानी पवार की यात्रा भारत के बारामती से शुरू हुई थी, जहां वह विश्व आर्थिक मंच- बारामती हब के अंतर्गत भारत के पहले ग्रामीण ग्लोबल शेपर्स हब की संस्थापक सदस्य बनीं।

इसके माध्यम से उन्होंने जलवायु परिवर्तन, कृषि में एआई, स्वास्थ्य देखभाल, शिक्षा एवं महिला सशक्तिकरण जैसे क्षेत्रों में परिवर्तनकारी परियोजनाओं का नेतृत्व किया। इन प्रोजेक्टों ने देवयानी को जिनेवा में WEF मुख्यालय और संयुक्त राष्ट्र मुख्यालय जैसे वैश्विक मंचों पर भी जगह दिलाई। 

अब दावोस में वह 'कोलैबरेशन फॉर द इंटेलिजेंट एज' थीम के साथ अपनी बात रखेंगी। उनका उद्देश्य जमीनी स्तर पर बदलाव लाने वालों को सामने लाना और स्थानीय अनुभवों के आधार पर वैश्विक चुनौतियों के समाधान का उपाय सुझाना है।

ग्लोबल शेपर्स कम्युनिटी के अलावा, देवयानी पवार स्टोरीटेलिंग मार्केटिंग फर्म ForSapio और डीपी हाउस ऑफ मीडिया की सह-संस्थापक भी हैं जिसने भारत, यूके और यूरोप में डिजाइनर मार्केटिंग समाधान पेश किए हैं। वह पिछले दस वर्षों में 500 से अधिक प्रोजेक्टों को सफलतापूर्वक पूरा कर चुकी हैं।

दावोस समिट में डेलीगेट के रूप में चयन पर देवयानी ने लिंक्डइन पर कहा कि यह सिर्फ मेरी उपलब्धि नहीं है, यह उन सभी की सामूहिक उपलब्धि है जिन्होंने मुझ पर विश्वास किया, मेरे साथ काम किया और मुझे आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया।

देवयानी पवार की तरह ही अवि अग्रवाल भी विश्व आर्थिक मंच पर अपनी छाप छोड़ने के लिए तैयार हैं। अग्रवाल एक क्रिएटर, कम्युनिटी लीडर और क्लाइमेट एडवोकेट हैं। उन्होंने बैक टू लेटर्स की स्थापना की है, जो पत्र लेखन की विधा को पुनर्जीवित करने और मानवीय संबंधों को मजबूत करने की एक पहल है।

ग्लोबल शेपर के रूप में वह यंग लीडर्स के साथ मिलकर वैश्विक चुनौतियों के समाधान में योगदान दे रहे हैं। वह जलवायु शिक्षा एवं स्थिरता को बढ़ावा देने वाले द क्लाइमेट रियलिटी प्रोजेक्ट के लीडर भी हैं। इसके अलावा अवि अग्रवाल beVisioneers के फेलो हैं, जो युवा इनोवेटर्स को प्रकृति अनुरूप आइडियाज को साकार बनाने में सहयोग करता है। 

लिंक्डइन पर अवि अग्रवाल ने लिखा कि मैं WEF25 में ग्लोबल शेपर्स अहमदाबाद और आईएफपी का प्रतिनिधित्व करने के लिए बेहद उत्साहित हूं और दुनिया भर के प्रेरणादायी लोगों से मिलने को आतुर हूं।

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