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भारत-ओमान फ्री ट्रेड एग्रीमेंट अगले तीन महीनों में होगा लागू

इस समझौते में उन भारतीय दवा उत्पादों और मैन्युफैक्चरिंग यूनिट्स के लिए 90 दिनों के भीतर ऑटोमेटिक एप्रूवल का प्रावधान है जिन्हें कई देशों द्वारा मान्यता प्राप्त है।

 पीयूष गोयल पीयूष गोयल / Photo courtesy Commerce Minister Piyush Goyal X handle)

भारत के केंद्रीय वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने शुक्रवार को कहा कि भारत और ओमान कॉम्प्रिहेंसिव इकोनॉमिक पार्टनरशिप एग्रीमेंट (सीईपीए) अगले तीन महीनों में लागू हो सकता है। इससे भारत और ओमान के बीच ज्यादातर वस्तुओं में शून्य शुल्क के साथ व्यापार हो पाएगा। 

केंद्रीय मंत्री ने कहा,"ओमान और अमेरिका के बीच व्यापार समझौता 2006 में साइन हुआ था और इससे लागू होने में तीन साल का समय लगा था। इस अनुभव से सीखते हुए भारत और ओमान ने नए सीईपीए को जितना जल्दी तो उतना जल्दी लागू करने का फैसला किया है।"

इस समझौते में उन भारतीय दवा उत्पादों और मैन्युफैक्चरिंग यूनिट्स के लिए 90 दिनों के भीतर ऑटोमेटिक एप्रूवल का प्रावधान है जिन्हें कई देशों द्वारा मान्यता प्राप्त है। भारत और ओमान सीईपीए गुरुवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मस्कट यात्रा के दूसरे दिन साइन हुआ था।

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यह समझौता भारत को ओमान के बाजारों तक पहुंच प्रदान करता है, जिसमें ओमान की 98.08 प्रतिशत टैरिफ लाइनों पर जीरो ड्यूटी की पेशकश की गई है, जो वैल्यू के हिसाब से भारत के 99.38 प्रतिशत निर्यात को कवर करती है। इससे लेबर-इंटेंसिव सेक्टर्स को काफी फायदा होगा, रोजगार पैदा होंगे और एमएसएमई, कारीगरों और महिलाओं के नेतृत्व वाले उद्यमों को मजबूती मिलेगी।

सीईपीए से टेक्सटाइल, लेदर, फुटवियर, रत्न और आभूषण, इंजीनियरिंग सामान, प्लास्टिक, फर्नीचर, कृषि उत्पाद, फार्मास्यूटिकल्स, मेडिकल डिवाइस और ऑटोमोबाइल जैसे प्रमुख एक्सपोर्ट सेक्टर को पूरी तरह से टैरिफ खत्म होने से फायदा होगा, जिससे भारत की मैन्युफैक्चरिंग और एक्सपोर्ट कॉम्पिटिटिवनेस मजबूत होगी। साथ ही हमारे किसानों और छोटे व्यवसायों के हितों की रक्षा के लिए भारत के संवेदनशील सेक्टरों को सुरक्षा दी गई है।

वहीं, भारत की ओर से ओमान के लिए अपनी 77.79 प्रतिशत टैरिफ लाइनों पर टैरिफ कम किया गया है, जो वैल्यू के हिसाब से भारत के ओमान से 94.81 प्रतिशत आयात को कवर करती हैं।

यह समझौता सेवाओं के व्यापार के लिए एक व्यापक और भविष्योन्मुखी ढांचा प्रदान करता है, जिसमें आईटी, व्यावसायिक और पेशेवर सेवाएं, आरएंडडी, शिक्षा, स्वास्थ्य और ऑडियो-विजुअल सेवाएं शामिल हैं। सीईपीए की एक मुख्य बात यह है कि कॉन्ट्रैक्ट पर काम करने वाले सर्विस सप्लायर्स के लिए रहने की अनुमति की अवधि को 90 दिन से बढ़ाकर दो साल कर दिया गया है और इसे दो साल और बढ़ाया जा सकता है। इससे दोनों देशों को फायदा होगा।

 

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