काउंसिलमैन अशफाक सैयद / Image Provided
अमेरिका के नेपरविल सिटी काउंसिल के सदस्य अशफाक सैयद ने अमेरिका में पढ़ाई कर रहे और पढ़ाई के लिए जाने की तैयारी कर रहे भारतीय छात्रों को सतर्क रहने की सलाह दी है। उन्होंने कहा है कि मौजूदा हालात में भारतीय छात्रों को अपने सभी दस्तावेज पूरी तरह साफ और नियमों के अनुरूप रखने चाहिए, क्योंकि अमेरिका में इमिग्रेशन प्रक्रिया और सोशल मीडिया गतिविधियों की जांच पहले से कहीं ज्यादा सख्त हो गई है।
अशफाक सैयद का कहना है कि हाल ही में भारत दौरे के दौरान उन्होंने कई ऐसे छात्रों और युवा प्रोफेशनल्स से बातचीत की, जो भविष्य में अमेरिका जाकर पढ़ाई या काम करना चाहते हैं, लेकिन इमिग्रेशन नियमों में बदलाव और सख्ती को लेकर वे असहज और चिंतित हैं। सैयद ने कहा, “अमेरिकी इमिग्रेशन अधिकारी अब सोशल मीडिया प्रोफाइल तक की गहन जांच कर रहे हैं। ऐसे में वीजा धारकों के लिए सभी नियमों का पालन करना बेहद जरूरी है।”
पढ़ाई के नाम पर काम की तलाश न करें
भारतीय छात्रों को विशेष सलाह देते हुए सैयद ने कहा कि कई छात्र स्टूडेंट वीजा मिलने के तुरंत बाद अमेरिका पहुंचते ही नौकरी की तलाश शुरू कर देते हैं, जो गंभीर गलती साबित हो सकती है। “अगर आप छात्र वीजा पर जा रहे हैं तो आपका पहला और मुख्य उद्देश्य पढ़ाई होना चाहिए। अमेरिका पहुंचते ही दोस्तों या रिश्तेदारों से नौकरी ढूंढने को कहना इमिग्रेशन अधिकारियों की नजर में आ सकता है और इससे वीजा से जुड़ी समस्याएं पैदा हो सकती हैं,” उन्होंने चेताया।
समुदाय से जुड़ाव और सेवा को बताया प्राथमिकता
पिछले साल गर्मियों में जब अशफाक सैयद ने नेपरविल सिटी काउंसिल के सदस्य के रूप में शपथ ली, तो यह उनके लिए सिर्फ राजनीतिक सफलता नहीं थी, बल्कि उस शहर के प्रति कृतज्ञता जताने का अवसर था जिसने उन्हें और उनके परिवार को अपनाया। उनके चुनाव अभियान का फोकस जिम्मेदार विकास और स्थानीय कारोबार को समर्थन देने पर था, लेकिन काउंसिल में उनका कार्यकाल लोगों से सीधे जुड़ाव के लिए जाना जा रहा है।
सैयद कहते हैं, “मेरा संदेश साफ है—लोग मुझसे किसी भी समय संपर्क कर सकते हैं। मैं एक निर्वाचित प्रतिनिधि हूं और जनता की सेवा के लिए यहां हूं।” इसी सोच के तहत वे लगातार अलग-अलग समुदायों और संगठनों से मिलते रहे हैं।
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विकास नहीं, नेपरविल के हित में फैसले
हाल ही में अशफाक सैयद ने पांच अन्य काउंसिल सदस्यों के साथ मिलकर नेपरविल में प्रस्तावित डेटा सेंटर के खिलाफ वोट किया। यह फैसला तब लिया गया जब शहर के निवासी लंबे समय से इस परियोजना का विरोध कर रहे थे, भले ही नगर की योजना एवं जोनिंग आयोग ने पहले इसे मंजूरी दे दी थी। सैयद ने कहा, “यह फैसला विकास विरोधी नहीं था, बल्कि नेपरविल के हित में था।” वे स्वच्छ ऊर्जा, पर्यावरण संरक्षण और जलवायु कार्रवाई के भी मजबूत समर्थक हैं।
भारतीय-अमेरिकी समुदाय का मजबूत समर्थन
नेपरविल में भारतीय-अमेरिकी समुदाय तेजी से बढ़ रहा है और इस समुदाय का अशफाक सैयद को मजबूत समर्थन मिला है। उन्होंने बताया कि चुनाव अभियान से लेकर बाद के कार्यों तक भारतीय-अमेरिकी समुदाय उनके साथ खड़ा रहा है। कई सदस्य कारोबारी हैं और शिक्षा जगत में अग्रणी भूमिका निभा रहे हैं। सैयद ने भारतीय-अमेरिकी संगठनों के साथ मिलकर वरिष्ठ नागरिकों के लिए भी कई पहल की हैं।
हाल के महीनों में भारतीय-अमेरिकी समुदाय के बीच इमिग्रेशन सख्ती और भारत से आयात होने वाले उत्पादों पर बढ़े टैरिफ को लेकर चिंता बढ़ी है। सैयद के अनुसार, “कई व्यवसाय ऐसे हैं जो भारत से सामान मंगाते हैं। ऊंचे टैरिफ की वजह से उनके कारोबार को नुकसान हो रहा है।”
हैदराबाद से नेपरविल तक का सफर
हैदराबाद में जन्मे और पले-बढ़े अशफाक सैयद ने उस्मानिया विश्वविद्यालय से वाणिज्य में स्नातक की डिग्री हासिल की है और बैंकिंग क्षेत्र में एक सफल करियर बनाया है। वे नेपरविल पब्लिक लाइब्रेरी बोर्ड ऑफ ट्रस्टीज के अध्यक्ष भी रह चुके हैं, जहां उन्होंने 18 मिलियन डॉलर के बजट की जिम्मेदारी संभाली। इसके अलावा, 2020 की जनगणना के दौरान वे नेपरविल की ‘कम्प्लीट काउंट कमेटी’ के सह-अध्यक्ष रहे, जिसके चलते शहर को राज्य और संघीय स्तर पर करोड़ों डॉलर की फंडिंग मिली।
अपने सफर को याद करते हुए सैयद कहते हैं, “भारत में अपने करियर के दौरान मैंने कई युवाओं को रोजगार दिलाने में मदद की। लोगों को जोड़ना और सहयोग से काम करना मेरी ताकत है।” वर्तमान में अशफाक सैयद का कार्यकाल 2029 तक नेपरविल सिटी काउंसिल में रहेगा।
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