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राजा कृष्णमूर्ति ने दोबारा जीत का ताज पहना, रिपब्लिकन उम्मीदवार को बड़े अंतर से हराया

राजा कृष्णमूर्ति ने 57.1 फीसदी वोट हासिल कर चुनाव जीता है। जबकि, रिपब्लिकन पार्टी के मार्क राइस को 42.9 फीसदी वोट मिले थे। कृष्णमूर्ति ने पहली बार साल 2016 में चुानव जीता था। राजा कृष्णमूर्ति का जन्म भारत में हुआ, लेकिन वह अमेरिका के बफेलो में पले-बढ़े हैं।

 भारतीय मूल के डेमोक्रेट उम्मीदवार राजा कृष्णमूर्ति ने रिपब्लिकन उम्मीदवार को बड़े अंतर से हराया।  भारतीय मूल के डेमोक्रेट उम्मीदवार राजा कृष्णमूर्ति ने रिपब्लिकन उम्मीदवार को बड़े अंतर से हराया। / Facebook

इलिनॉय के 8वें कांग्रेसनल डिस्ट्रिक्ट में भारतीय मूल के राजा कृष्णमूर्ति दोबारा चुन लिए गए हैं। राजा कृष्णमूर्ति को 57.1% वोट मिले हैं, जबकि उनके रिपब्लिकन प्रतिद्वंद्वी मार्क राइस महज 42.9% वोट पर संतोष करना पड़ा है। यह जानकारी एसोसिएट प्रेस ने दी है। राजा कृष्णमूर्ति अपनी हेल्थकेयर और आर्थिक सुधारों पर ध्यान देने के लिए जाने जाते हैं। वह शिकागो के उत्तरी-पश्चिमी उपनगरों के कुछ हिस्सों का प्रतिनिधित्व करते रहेंगे, जहां विविध पृष्ठभूमि के लोग रहते हैं। 

इस चुनाव ने नीतियों के नजरिए में एक तेज विभाजन को उजागर किया है। कृष्णमूर्ति प्रगतिशील नीतियों के समर्थक हैं, जबकि राइस रूढ़िवादी मूल्यों पर जोर देते रहे हैं। इलिनॉय का 8वां कांग्रेसनल डिस्ट्रिक्ट परंपरागत रूप से डेमोक्रेटिक गढ़ माना जाता है। यह मजबूत वोटर भागीदारी देखी गई। इससे यह साफ होता है कि इस चुनावी जंग में लोगों की अत्यधिक रुचि थी। कृष्णमूर्ति की जीत उनकी मतदाताओं में लोकप्रियता की पुष्टि करती है, जिन्होंने कांग्रेस में उनके पहले चुनाव से ही उनका समर्थन किया है। 

2017 से राजा कृष्णमूर्ति इलिनॉय के 8वें कांग्रेसनल डिस्ट्रिक्ट का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं। वह पहली बार 2016 में चुने गए थे। एक बार फिर 2024 में 57.1% वोट के साथ दोबारा चुनाव जीते हैं। इस समय कृष्णमूर्ति हाउस सेलेक्ट कमिटी ऑन स्ट्रेटेजिक कॉम्पिटिशन विद चाइना के रैंकिंग मेंबर हैं। वह ओवरसाइट और इंटेलिजेंस कमिटीज के सीनियर सदस्य भी हैं। इसके अलावा LGBT इक्वलिटी कॉकस के उपाध्यक्ष हैं।इसके साथ ही कांग्रेस सोलर कॉकस के सह-संस्थापक हैं।

अपने पूरे करियर के दौरान कृष्णमूर्ति ने मध्यम वर्गीय परिवारों के हित से जुड़े कानून का समर्थन किया है। इनमें सामाजिक सुरक्षा और किफायती शिक्षा के लिए पहल शामिल हैं। कृष्णमूर्ति ने हार्वर्ड लॉ स्कूल से कानून की डिग्री प्राप्त की और प्रिंसटन विश्वविद्यालय से सुम्मा कम लॉड के साथ स्नातक की उपाधि प्राप्त की।

राजा कृष्णमूर्ति का जन्म भारत में हुआ, लेकिन वह अमेरिका के बफेलो में पले-बढ़े। अकादमिक और व्यावसायिक सफलता हासिल करने के लिए उन्हें वित्तीय कठिनाइयों का भी सामना करना पड़ा। कांग्रेस में शामिल होने से पहले इलिनॉय के डिप्टी स्टेट ट्रेजर का पद संभाल चुके हैं। वह इलिनॉय के स्पेशल असिस्टेंट अटॉर्नी जनरल और पूर्व राष्ट्रपति बराक ओबामा के पॉलिसी डायरेक्टर भी रह चुके हैं।

 

 

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