भारत के विदेश मंत्री एस. जयशंकर और चिली के विदेश मंत्री फ्रांसिस्को पेरेज मैकेना / X/@DrSJaishankar)
भारत के विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने बुधवार को चिली के अपने समकक्ष फ्रांसिस्को पेरेज मैकेना से मुलाकात की। द्विपक्षीय वार्ता के दौरान दोनों नेताओं ने विभिन्न क्षेत्रों में सहयोग को और मजबूत बनाने पर चर्चा की।
विदेश मंत्री जयशंकर ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर जानकारी दी। उन्होंने लिखा- सुबह चिली के विदेश मंत्री फ्रांसिस्को पेरेज मैकेना से मुलाकात सकारात्मक रही। दोनों देशों ने बाजारों और आपूर्ति स्रोतों में विविधता लाने, प्राथमिकता वाले उत्पादों के निर्यात को बढ़ावा देने और सर्विस इकोनॉमी को सुगम बनाने पर चर्चा की। हमने बहुपक्षीय और बहु-देशीय मंचों पर मिलकर काम करने पर भी सहमति जताई।
मैकेना 9 मई से भारत की सात दिवसीय आधिकारिक यात्रा पर हैं। पहले दिन ही नई दिल्ली पहुंचने पर उन्होंने एक्स पर लिखा- यह यात्रा चिली और भारत के बीच संबंधों को और मजबूत करने का शानदार अवसर होगी। हम अपनी साझेदारी को गहरा करने, व्यापार और निवेश के अवसरों का विस्तार करने और विभिन्न क्षेत्रों में सहयोग को आगे बढ़ाने के लिए उत्सुक हैं।
मंगलवार को केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने चिली के विदेश मंत्री और उनके प्रतिनिधिमंडल के सदस्यों के साथ नाश्ते पर चर्चा की। बैठक के बाद गोयल ने कहा कि भारत और चिली ने प्रस्तावित व्यापक आर्थिक साझेदारी समझौते (सीईपीए) पर चल रही वार्ताओं की प्रगति की समीक्षा की और द्विपक्षीय व्यापार, निवेश तथा रणनीतिक सहयोग को और मजबूत करने के उपायों पर चर्चा की।
गोयल ने कहा कि चिली गणराज्य के विदेश मंत्री फ्रांसिस्को पेरेज मैकेना और चिली प्रतिनिधिमंडल के सदस्यों के साथ नाश्ते पर अच्छी चर्चा हुई। हमने सीईपीए वार्ताओं की प्रगति की समीक्षा की और व्यापार, निवेश तथा रणनीतिक साझेदारी को और गहरा करने के तरीकों पर विचार-विमर्श किया।
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि चिली के साथ अपनी लंबे समय से चली आ रही मैत्रीपूर्ण साझेदारी को भारत पूरा महत्व देता है और साझा विकास एवं समृद्धि के लिए आर्थिक संबंधों और लोगों के बीच संपर्क को बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध है।
उन्होंने कहा कि भारत चिली के साथ अपने संबंधों को महत्व देता है। हम साझा विकास और समृद्धि के लिए आर्थिक जुड़ाव और लोगों के बीच संबंधों को मजबूत करने को प्रतिबद्ध है।
यह चर्चा ऐसे समय में हुई है जब भारत वैश्विक आर्थिक अनिश्चितताओं के बीच निर्यात बढ़ाने, निवेश आकर्षित करने और आपूर्ति श्रृंखलाओं में विविधता लाने के उद्देश्य से प्रमुख वैश्विक साझेदारों के साथ कई समझौतों को आगे बढ़ा रहा है।
बाद में मैकेना ने भारतीय और चिली के कारोबारी नेताओं के साथ एक गोलमेज चर्चा में भी हिस्सा लिया था, जिसमें दोनों देशों के बीच व्यापार और निवेश बढ़ाने पर जोर दिया गया।
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