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भारतीय अरबपति को मिली कुवैत की पहली 15 साल की गोल्डन रेजिडेंसी

गोल्डन रेजिडेंसी योग्य निवेशकों और कुशल व्यक्तियों के लिए लंबे समय तक रहने का एक प्रोग्राम है।

 (बाएं से दाएं) यूसुफ अली एम.ए. और शेख फहद यूसुफ सऊद अल-सबा। (बाएं से दाएं) यूसुफ अली एम.ए. और शेख फहद यूसुफ सऊद अल-सबा। / X/ Moi_kuw

कुवैत ने लुलु ग्रुप इंटरनेशनल के चेयरमैन और भारतीय अरबपति व्यवसायी यूसुफ अली एम.ए. को अपना पहला 15 साल का 'गोल्डन रेजीडेंसी' परमिट दिया है। यह परमिट कुवैत की नई शुरू की गई गोल्डन रेजीडेंसी व्यवस्था के तहत पहले डिप्टी प्राइम मिनिस्टर और इंटीरियर मिनिस्टर शेख फहद यूसुफ सऊद अल-सबा ने सौंपा। इस समारोह में सपोर्ट सिक्योरिटी सर्विसेज के असिस्टेंट अंडरसेक्रेटरी फवाज अल-रूमी भी शामिल हुए।

इंटीरियर मिनिस्ट्री ने कहा कि गोल्डन रेजीडेंसी पहल सरकार की उस बड़ी रणनीति का हिस्सा है जिसका मकसद राष्ट्रीय अर्थव्यवस्था को सहारा देना, निवेश का माहौल बेहतर बनाना और कुवैत के रेजीडेंसी ढांचे को आधुनिक बनाना है।

अधिकारियों ने इस प्रोग्राम को बेहतरीन निवेश और पूंजी को आकर्षित करने की दिशा में एक रणनीतिक कदम बताया, साथ ही देश की लंबी अवधि की विकास योजनाओं के अनुरूप कुवैत की क्षेत्रीय आर्थिक केंद्र के तौर पर स्थिति को मजबूत करने वाला कदम भी कहा।

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शेख फहद ने कहा कि रेजीडेंसी प्रोग्राम देश के उस विजन को दिखाता है जिसके तहत कुवैत के कानूनी और प्रशासनिक ढांचे में भरोसा बढ़ाकर एक स्थिर और निवेश के अनुकूल माहौल बनाया जा सके। उन्होंने कहा कि यह पहल लंबी अवधि के निवेश को बढ़ावा देकर और विकास के मौकों का विस्तार करके टिकाऊ आर्थिक विकास में योगदान देगी।

मंत्री ने आगे कहा कि इंटीरियर मिनिस्ट्री ने कुवैत डायरेक्ट इन्वेस्टमेंट प्रमोशन अथॉरिटी और पब्लिक अथॉरिटी फॉर सिविल इंफॉर्मेशन के साथ मिलकर एक इंटीग्रेटेड गोल्डन रेजीडेंसी सिस्टम तैयार किया है। यह सिस्टम अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनाए जाने वाले बेहतरीन तरीकों के अनुरूप स्पष्ट नियमों और मानकों पर आधारित है। उन्होंने कहा कि यह ढांचा आसान प्रक्रियाओं और कानूनी व नियामक जरूरतों के पालन के बीच संतुलन बनाता है।

शेख फहद ने यह भी कहा कि मिनिस्ट्री लगातार प्रशासनिक सुधारों के जरिए निवेशकों के लिए सेवाओं को बेहतर बनाने के लिए प्रतिबद्ध है, जो कुवैत की आधुनिक छवि को दर्शाते हैं और भरोसा व स्थिरता को बढ़ावा देते हैं।

मिनिस्ट्री ने कहा कि पहला 15 साल का गोल्डन रेजीडेंसी परमिट देना निजी क्षेत्र के साथ साझेदारी को सहारा देने और निवेशकों को सुरक्षित व स्थिर माहौल में काम करने में सक्षम बनाने के प्रति कुवैत की प्रतिबद्धता को दिखाता है। साथ ही, यह बदलती आर्थिक और विकास प्राथमिकताओं को पूरा करने के लिए नियमों और प्रक्रियाओं को अपडेट करने की दिशा में भी एक कदम है।

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