ADVERTISEMENT

ADVERTISEMENT

15 अगस्त 2027 को दौड़ सकती है भारत की पहली बुलेट ट्रेन, सरकार ने बताया- कहां होगा रूट

बुलेट ट्रेन परियोजना को भारत की रेल अवसंरचना के आधुनिकीकरण, यात्रा समय में कमी और कॉरिडोर के आसपास आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा देने वाली एक परिवर्तनकारी पहल माना जा रहा है।

बुलेट ट्रेन / Xinhua/IANS

भारत की पहली बुलेट ट्रेन परियोजना एक बार फिर चर्चा के केंद्र में आ गई है। केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने घोषणा की है कि देश को 15 अगस्त 2027 को अपनी पहली हाई-स्पीड रेल सेवा मिलने की संभावना है। इस ऐलान के बाद विभिन्न राजनीतिक नेताओं ने प्रतिक्रिया दी और इसे विकास की दिशा में बड़ा कदम तथा राष्ट्रीय गौरव का विषय बताया।

1 दिसंबर को नई दिल्ली में मीडिया को संबोधित करते हुए रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बताया कि मुंबई–अहमदाबाद हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर पर देश की पहली बुलेट ट्रेन परियोजना का निर्माण कार्य तेजी से चल रहा है। उन्होंने कहा कि परियोजना का पहला परिचालन खंड सूरत से बिलीमोरा के बीच शुरू होने की उम्मीद है, जिसके बाद वापी से सूरत खंड को जोड़ा जाएगा। करीब 508 किलोमीटर लंबे इस पूरे कॉरिडोर का निर्माण जापान के सहयोग से किया जा रहा है, जिसमें अत्याधुनिक हाई-स्पीड रेल तकनीक का इस्तेमाल हो रहा है।

इस घोषणा पर प्रतिक्रिया देते हुए जेडीयू के राष्ट्रीय प्रवक्ता राजीव रंजन प्रसाद ने कहा कि बुलेट ट्रेन परियोजना को केवल राजनीतिक नजरिए से नहीं देखा जाना चाहिए। उन्होंने कहा, “यह विपक्ष के लिए मुद्दा हो सकता है, लेकिन यही सवाल मंगल या चंद्र मिशन पर भी उठाया जा सकता है। आम लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी भी उतनी ही अहम है और बुलेट ट्रेन से कई लोगों को सीधा लाभ मिलेगा।”

यह भी पढ़ें- पाकिस्तान ने तेज की अमेरिका में लॉबिंग, भारत सतर्क... गतिविधियों पर नजर

उन्होंने आगे कहा कि ऐसी परियोजनाओं को सरकार के व्यापक विकास कार्यों के हिस्से के रूप में देखा जाना चाहिए। “निस्संदेह बुलेट ट्रेन को भारत लाने का फैसला एक बड़ी उपलब्धि है और इसे सफलतापूर्वक लागू किया जाना देश के लिए गर्व की बात है,” उन्होंने कहा।

शिवसेना नेता शाइना एनसी ने भी रेल मंत्री के बयान का स्वागत करते हुए इसे देश के लिए गर्व का क्षण बताया। उन्होंने कहा, “यह गर्व की बात है कि भारतीय सरकार और रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने घोषणा की है कि देश की पहली बुलेट ट्रेन 15 अगस्त से शुरू होगी।”

परियोजना के महत्व को रेखांकित करते हुए शाइना एनसी ने कहा कि मुंबई–अहमदाबाद हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर जापान के सहयोग से और बेहतरीन तकनीक के साथ विकसित किया जा रहा है। “इससे यात्रियों को बड़ा लाभ मिलेगा और यह विकसित भारत की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगा,” उन्होंने जोड़ा।

बुलेट ट्रेन परियोजना को भारत की रेल अवसंरचना के आधुनिकीकरण, यात्रा समय में कमी और कॉरिडोर के आसपास आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा देने वाली एक परिवर्तनकारी पहल माना जा रहा है। सरकार द्वारा स्पष्ट समय-सीमा तय किए जाने के बाद यह परियोजना विश्वस्तरीय और तेज़ परिवहन व्यवस्था की ओर भारत की प्रगति का प्रमुख प्रतीक बनकर उभर रही है।

Comments

Related