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इंडिया AI समिट: 'मशीन से बड़ी इंसानी बुद्धिमत्ता', एस्टोनियाई राष्ट्रपति का शिक्षा पर जोर

समिट में वर्ष 2026 को 'कार्यान्वयन के वर्ष' के रूप में देखा गया। विशेषज्ञों ने समन्वित राष्ट्रीय रणनीतियों, शिक्षक-केंद्रित क्षमता निर्माण और पारदर्शी शासन तंत्र का आह्वान किया।

 एस्टोनिया गणराज्य के राष्ट्रपति अलार कारिस और पीएम मोदी एस्टोनिया गणराज्य के राष्ट्रपति अलार कारिस और पीएम मोदी / Handout

नई दिल्ली में आयोजित 'इंडिया AI इम्पैक्ट समिट 2026' के दौरान एस्टोनिया गणराज्य के राष्ट्रपति अलार कारिस ने जोर देकर कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के जिम्मेदार और नैतिक उपयोग के लिए शिक्षा सबसे महत्वपूर्ण आधार है।

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"AI और शिक्षा: नवाचार से प्रभाव तक" विषय पर आयोजित सत्र को संबोधित करते हुए राष्ट्रपति कारिस ने कहा कि AI पहले ही कक्षाओं में प्रवेश कर चुका है। उन्होंने कहा, "असली चुनौती यह नहीं है कि AI का उपयोग करें या नहीं, बल्कि यह है कि इसका उपयोग बुद्धिमानी और जिम्मेदारी से कैसे किया जाए।" उन्होंने रेखांकित किया कि AI के इस दौर में मशीनों की बुद्धिमत्ता से ज्यादा इंसानी समझ और बुद्धिमत्ता का महत्व है।

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