फ्रांस का सामना पहले सेमीफाइनल में डलास स्टेडियम में स्पेन से होगा। / FIFA
फीफा वर्ल्ड कप 2026 में आज फ्रांस और स्पेन के बीच पहला सेमीफाइनल खेला जाएगा। सेमीफाइनल मुकाबले से पहले जर्मनी के महान गोलकीपर ओलिवर कान ने फ्रांस को खिताब जीतने का सबसे मजबूत दावेदार बताया है। कान का मानना है कि फ्रांस की टीम संतुलन, खिलाड़ियों की गहराई और अलग-अलग तरीकों से मैच जीतने की क्षमता के कारण बाकी टीमों से थोड़ी आगे नजर आ रही है।
फ्रांस का सामना पहले सेमीफाइनल में डलास स्टेडियम में स्पेन से होगा। वर्ल्ड कप के नॉकआउट चरण में दोनों टीमें दूसरी बार आमने-सामने होंगी। इससे पहले 2006 के राउंड ऑफ 16 मुकाबले में फ्रांस ने स्पेन को 3-1 से हराया था। ओलिवर कान ने कहा कि अगर अब तक के प्रदर्शन को देखते हुए किसी एक टीम को चुनना हो तो वह फ्रांस का नाम लेंगे।
कान ने 'जी5' पर बात करते हुए कहा, "अगर मुझे अब तक के खेल के आधार पर किसी एक टीम को चुनना हो, तो मैं शायद फ्रांस का नाम लूंगा। बैलेंस, गहराई और अलग-अलग तरीकों से मैच जीतने की काबिलियत के मामले में वे सबसे बेहतरीन टीम दिखते हैं। हालांकि, इन चार टीमों के बीच बहुत कम अंतर है, और इनमें से कोई भी टीम वर्ल्ड कप जीत सकती है।"
स्पेन और फ्रांस के बीच होने वाले मुकाबले को कान ने टूर्नामेंट की सबसे रोमांचक रणनीतिक लड़ाइयों में से एक बताया। पूर्व गोलकीपर के अनुसार, स्पेन गेंद पर ज्यादा नियंत्रण रखने और लगातार आक्रमण करने के लिए जाना जाता है, जबकि फ्रांस तेज पलटवार करने में माहिर है। उन्होंने कहा कि इस मैच में वही टीम सफल होगी जो मिडफील्ड पर नियंत्रण बनाए रखेगी और अपने डिफेंस को मजबूत रखेगी।
कान के मुताबिक, सेमीफाइनल जैसे बड़े मुकाबलों में जीत अक्सर छोटे-छोटे अंतर से तय होती है। स्पेन के लिए फ्रांस के मजबूत डिफेंस को तोड़ना आसान नहीं होगा। कान का मानना है कि स्पेन को धैर्य के साथ खेलना होगा। उन्होंने कहा कि स्पेन को तेजी से पासिंग करनी होगी, मैदान के कुछ हिस्सों में ज्यादा खिलाड़ियों को लाना होगा और साथ ही अपने डिफेंस का संतुलन बनाए रखना होगा, क्योंकि फ्रांस पलटवार में दुनिया की सबसे खतरनाक टीमों में से एक है।
कान ने कहा कि मैच का फैसला मिडफील्ड की लड़ाई से भी हो सकता है। उन्होंने बताया कि सिर्फ ज्यादा दबाव बनाने से काम नहीं बनेगा, बल्कि सही समय पर समझदारी से प्रेसिंग करना जरूरी होगा। उन्होंने कहा कि जो टीम मिडफील्ड पर कब्जा बनाए रखेगी और विपक्षी टीम को वहां से खेलने से रोकेगी, उसके जीतने की संभावना ज्यादा होगी।
अपने गोलकीपिंग अनुभव के आधार पर कान ने आधुनिक फुटबॉल में गोलकीपर की बढ़ती भूमिका पर भी बात की। उन्होंने कहा कि आज के समय में गोलकीपर सिर्फ गोल बचाने वाला खिलाड़ी नहीं है, बल्कि वह हमले की शुरुआत करने और टीम को संभालने में भी अहम भूमिका निभाता है।
उन्होंने कहा, "आजकल के गोलकीपर असल में पहले अटैकर और आखिरी डिफेंडर दोनों होते हैं... गोलकीपर का एक अच्छा फैसला या एक गलती मैच का नतीजा पूरी तरह बदल सकती है। सबसे अच्छी टीमें अपने गेम प्लान पर टिकी रहती हैं। वे घबराती नहीं हैं, भावनाओं पर नियंत्रण रखती हैं और दबाव में भी अच्छे फैसले लेती रहती हैं।"
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