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FIFA World Cup 2026: दूसरा सेमीफाइनल आज, चिर प्रतिद्वंद्वी इंग्लैंड-अर्जेंटीना की भिड़ंत

पहले सेमीफाइनल में स्पेन ने फ्रांस को 2-0 से हराकर फाइनल में जगह बना ली है।

 आज बड़ा मुकाबला। आज बड़ा मुकाबला। / Instagram/@fifaworldcup

फीफा विश्व कप 2026 के दूसरे सेमीफाइनल में आज चिर प्रतिद्वंद्वी इंग्लैंड और अर्जेंटीना की टीमें फाइनल का टिकट पाने के लिए अटलांटा में आमने-सामने होंगी। कल पहले सेमीफाइनल में स्पेन ने फ्रांस को 2-0 से हराकर फाइनल में जगह बना ली है। 

कई दशक बाद 16 जुलाई गुरुवार को इंग्लैंड और अर्जेंटीना की टीमें फीफा वर्ल्ड कप 2026 के सेमीफाइनल में आमने-सामने होने वाली हैं। दोनों टीमों के बीच खेले जाने वाले मुकाबले से वर्ल्ड कप की सबसे पुरानी प्रतिद्वंद्विताओं में से एक हो गया है। 

यह भी पढ़ें: स्पेन फाइनल में, सेमीफाइनल में फ्रांस को 2-0 से हराया

इंग्लैंड और अर्जेंटीना पांच मुकाबलों में आमने सामने हुए हैं। इस दौरान इंग्लैंड का पलड़ा भारी रहा है। इंग्लैंड की टीम तीन मुकाबले जीती है, जबकि अर्जेंटीना को दो मैचों में जीत मिली है, जिसमें एक पेनल्टी भी शामिल है।

बता दें कि स्विट्जरलैंड को हराने के बाद अर्जेंटीना फीफा वर्ल्ड कप के सेमीफाइनल में पहुंची थी। इसी के साथ ही लियोनेल स्कालोनी ने एक बार फिर रिकॉर्ड तोड़ने के साथ ही नेशनल टीम के इतिहास के सबसे अहम मैनेजरों में अपनी जगह पक्की कर ली है।

स्विट्जरलैंड के खिलाफ मैच लियोनेल स्कालोनी का नेशनल टीम के कोच के तौर पर 13वां वर्ल्ड कप मैच था। उन्होंने वर्ष 1978 वर्ल्ड कप चैंपियन सीजर लुइस मेनोट्टी का रिकॉर्ड तोड़ा है। सीजर लुइस मेनोट्टी ने 12 वर्ल्ड कप मैचों में टीम को संभाला था।

अब लियोनेल स्कालोनी की नजर कार्लोस साल्वाडोर बिलार्डो से आगे निकलने पर है। कार्लोस साल्वाडोर बिलार्डो ने 14 वर्ल्ड कप मैचों में टीम को संभाला है। इनके बाद अब दूसरे नंबर पर लियोनेल स्कालोनी ही हैं।

मैच का परिणाम मिडफील्ड की लड़ाई पर
फीफा विश्व कप 2026 के सेमीफाइनल में अर्जेंटीना और इंग्लैंड की भिड़ंत फुटबॉल की सबसे चर्चित प्रतिद्वंद्विताओं में से एक है। इंग्लैंड के पूर्व स्टार स्ट्राइकर रॉबी फाउलर ने इस मुकाबले को सिर्फ एक मैच नहीं, बल्कि फुटबॉल इतिहास की सबसे यादगार प्रतिद्वंद्विताओं में से एक बताया है। दोनों टीमें फाइनल में जगह बनाने के लिए आमने-सामने होंगी और दुनिया भर के फुटबॉल प्रशंसकों की निगाहें इस मुकाबले पर टिकी हैं। 

फाउलर ने जी5 से बातचीत में कहा कि अर्जेंटीना और इंग्लैंड के बीच मुकाबले का महत्व केवल मैदान तक सीमित नहीं है। उनके अनुसार, इस प्रतिद्वंद्विता के पीछे दोनों देशों का इतिहास भी जुड़ा हुआ है। उन्होंने 1986 विश्व कप में डिएगो माराडोना के चर्चित 'हैंड ऑफ गॉड' गोल, 1998 विश्व कप में डेविड बेकहम को मिले रेड कार्ड और 2002 में उनकी पेनल्टी के जरिए वापसी जैसे ऐतिहासिक पलों का जिक्र किया। फाउलर का मानना है कि ऐसे मुकाबले खिलाड़ियों को फुटबॉल इतिहास का हिस्सा बनने का अवसर देते हैं।

उन्होंने कहा कि सेमीफाइनल का परिणाम काफी हद तक मिडफील्ड की लड़ाई पर निर्भर करेगा। अर्जेंटीना के एलेक्सिस मैक एलिस्टर, एंजो फर्नांडीज और रोड्रिगो डी पॉल जैसी मजबूत तिकड़ी इंग्लैंड के जूड बेलिंगहम की अगुवाई वाले मिडफील्ड को कड़ी चुनौती देगी। फाउलर के अनुसार, अर्जेंटीना गेंद पर कब्जा बनाए रखते हुए खेल की गति नियंत्रित करने की कोशिश करेगा, इसलिए इंग्लैंड को रक्षात्मक अनुशासन बनाए रखना होगा और जरूरत से ज्यादा पीछे नहीं हटना चाहिए।

पूर्व लिवरपूल स्ट्राइकर ने यह भी कहा कि नॉकआउट मुकाबलों में मानसिक मजबूती सबसे बड़ा अंतर पैदा करती है। उनके मुताबिक, बड़ी टीमें दबाव की स्थिति में भी अपने गेम प्लान पर कायम रहती हैं और घबराहट में गलत फैसले नहीं लेतीं। टूर्नामेंट के इस चरण में तकनीकी स्तर पर टीमों के बीच अंतर बेहद कम होता है, इसलिए मानसिकता ही जीत और हार तय कर सकती है।

मौजूदा विश्व चैंपियन अर्जेंटीना लगातार दूसरी बार खिताब जीतने के लक्ष्य के साथ मैदान में उतरेगा। क्वार्टर फाइनल में स्विट्जरलैंड को हराने के बाद कप्तान लियोनेल मेसी की अगुआई में टीम शानदार लय में दिखाई दे रही है। दूसरी ओर, थॉमस ट्यूशेल के नेतृत्व में इंग्लैंड ने पूरे टूर्नामेंट में अनुशासित प्रदर्शन किया है और अब उसकी नजर 1966 के बाद पहली बार विश्व कप फाइनल में पहुंचने पर है। ऐसे में यह मुकाबला केवल फाइनल का टिकट ही नहीं, बल्कि फुटबॉल इतिहास की सबसे प्रतिष्ठित प्रतिद्वंद्विताओं में एक और यादगार अध्याय लिखने का मौका भी होगा।

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