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सिलिकॉन वैली में ‘ब्रांड बंगाल’ को बढ़ावा देने की तैयारी में उद्यमी राहुल रॉय

रॉय पिछले दो दशकों से पश्चिम बंगाल में कई क्षेत्रों से जुड़ी पहलों में निवेश और भागीदारी करते रहे हैं।

 राहुल रॉय  राहुल रॉय / Supplied

पश्चिम बंगाल में भारतीय जनता पार्टी की चुनावी जीत और सुवेंदु अधिकारी के नेतृत्व में नई सरकार बनने के बाद इस बदलाव को लेकर विदेशों में बसे बंगाली समुदाय में भी उत्साह देखने को मिल रहा है। सिलिकॉन वैली के उद्यमी, एंजेल निवेशक और परोपकारी राहुल रॉय भी उन लोगों में शामिल हैं जो इस राजनीतिक बदलाव को बंगाल के लिए नए अवसर के रूप में देख रहे हैं।

ARC डॉक्यूमेंट सॉल्यूशंस के मुख्य प्रौद्योगिकी अधिकारी और रॉय फाउंडेशन के अध्यक्ष राहुल रॉय अब इस ऊर्जा को एक बड़े वैश्विक मंच में बदलना चाहते हैं। इसी दिशा में उन्होंने कॉन्फ्लुएंस 2027 नाम के एक बड़े सम्मेलन की योजना बनाई है जो अगले साल 9 से 11 अप्रैल तक कैलिफोर्निया के सैन जोस स्थित मैकएनरी कन्वेंशन सेंटर में आयोजित होगा। इस हाई-प्रोफाइल सम्मेलन का उद्देश्य सिलिकॉन वैली में ब्रांड बंगाल को मजबूती से स्थापित करना है।

सिलिकॉन वैली में तैयार किए गए इस सम्मेलन में संस्थापक, निवेशक, डॉक्टर, शिक्षाविद और इंजीनियर शामिल होंगे। कार्यक्रम को चार प्रमुख मंचों कैपिटल, वर्टिकल, वाइटल और सांस्कृतिक मंच इटरनल में बांटा गया है।

राहुल रॉय ने कहा कि स्वास्थ्य सेवा, मेडिकल तकनीक, कृत्रिम बुद्धिमत्ता, वेंचर कैपिटल, शिक्षा तकनीक और निवेश बैंकिंग जैसे क्षेत्रों से बंगाल से जुड़े दुनिया के बड़े नामों को हम इस सम्मेलन में ला रहे हैं। हम इसे सबसे बड़े प्रवासी भारतीय आयोजनों में से एक बनाना चाहते हैं, ताकि पश्चिम बंगाल में निवेश आकर्षित किया जा सके।

रॉय पिछले दो दशकों से पश्चिम बंगाल में कई क्षेत्रों से जुड़ी पहलों में निवेश और भागीदारी करते रहे हैं। सम्मेलन में अत्याधुनिक कृत्रिम बुद्धिमत्ता, पुनर्योजी चिकित्सा और पूंजी निवेश जैसे विषयों पर चर्चा होगी। तीन दिनों तक विशेष संवाद, स्टार्टअप संस्थापकों और निवेशकों की बैठकें तथा लाइव प्रस्तुति सत्र आयोजित किए जाएंगे।

राहुल रॉय इस पहल को कोलकाता और सिलिकॉन वैली के बीच एक पुल बताते हैं। उनका लक्ष्य केवल एक सम्मेलन आयोजित करना नहीं, बल्कि बंगाल और कैलिफोर्निया के बीच निवेश, उद्यमिता, प्रतिभा और परोपकार का स्थायी कॉरिडोर तैयार करना है।

इस आयोजन की टीम में कई प्रमुख भारतीय-अमेरिकी नाम शामिल हैं। इनमें सैन फ्रांसिस्को स्टेट यूनिवर्सिटी के अर्थशास्त्र प्रोफेसर सुदीप चट्टोपाध्याय, एस5 एडवाइजरी के योगी चुघ, वर्ल्ड इंस्टीट्यूट ऑफ रीजेनेरेटिव मेडिसिन की डॉ. अनु नवानी, निवेशक विशाल त्रिपाठी, द चटर्जी ग्रुप के डॉ. पूर्णेंदु चटर्जी और जीएचएफ केयरपॉइंट हेल्थ के डॉ. अचिंत्य मौलिक शामिल हैं।

कॉन्फ्लुएंस 2027 को सिलिकॉन वैली में एक बहु-मंचीय मंच के रूप में विकसित किया जा रहा है। इसके तहत बिल्ड बंगाल एक्स सिलिकॉन वैली नाम की पहल भी शुरू होगी, जिसका उद्देश्य पश्चिम बंगाल और सिलिकॉन वैली के बीच तकनीक और निवेश का कॉरिडोर बनाना है।

रॉय ने कहा कि यह पहल पूंजी, प्रतिभा और परोपकार के दोतरफा आदान-प्रदान को बढ़ावा देगी। हमारा लक्ष्य केवल बातचीत नहीं, बल्कि एक स्थायी साझेदारी बनाना है। यह कॉरिडोर कृत्रिम बुद्धिमत्ता अनुसंधान, तकनीकी ढांचा, सॉफ्टवेयर तकनीक, मेडिकल तकनीक, स्वास्थ्य तकनीक, शिक्षा, कौशल विकास, प्रतिभा आदान-प्रदान और परोपकार जैसे क्षेत्रों पर केंद्रित होगा।

रॉय ने कहा कि बंगाल के पास प्रतिभाशाली इंजीनियर, तकनीकी क्षमता और उद्यमिता की मजबूत नींव है। दूसरी ओर सिलिकॉन वैली के पास पूंजी, नेटवर्क और वैश्विक स्तर पर कंपनियां खड़ी करने का अनुभव है। लेकिन अब तक इन दोनों क्षेत्रों को जोड़ने वाला कोई संगठित ढांचा नहीं था। बिल्ड बंगाल कॉरिडोर वही काम करेगा।

उन्होंने कहा कि यह पहल तीन मुख्य स्तंभों सीमा-पार निवेश, प्रतिभा और नेटवर्क का पुल, और प्रवासी भारतीयों के नेतृत्व में परोपकारी सहयोग पर आधारित होगी। राहुल रॉय का मानना है कि अमेरिका में भारतीय समुदाय दुनिया के सबसे सफल समुदायों में से एक है और अब वह भारत के विकास में ज्यादा सक्रिय भूमिका निभाना चाहता है।

उन्होंने कहा कि बंगाल में हालिया राजनीतिक बदलाव और विकास की नई उम्मीद ने एक बड़ा अवसर पैदा किया है। बंगाली प्रवासी समुदाय के पास पूंजी, विशेषज्ञता और बंगाल के प्रति भावनात्मक जुड़ाव तीनों मौजूद हैं। रॉय के अनुसार कॉन्फ्लुएंस 2027 उसी क्षमता को बंगाल के विकास की दिशा में मोड़ने का मंच बनेगा।

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