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​​​​​​​पहलगाम में हिंदुओं पर हमले के खिलाफ प्रवासी विशेषज्ञों ने आक्रोश का इजहार किया

कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकवादी हमले की दुनियाभर में निंदा हो रही है। इस घटना में कई निर्दोष हिंदू पर्यटकों की जान चली गई। अमेरिका में रह रहे प्रवासी विशेषज्ञों ने इस हमले की कड़ी निंदा करते हुए आतंकवादियों को कठोर सजा देने की मांग की है।

 अमृतसर में भारत-पाकिस्तान सीमा पर अटारी-वाघा बॉर्डर पर सीमा सुरक्षा बल (BSF) के जवान तैनात। अमृतसर में भारत-पाकिस्तान सीमा पर अटारी-वाघा बॉर्डर पर सीमा सुरक्षा बल (BSF) के जवान तैनात। / REUTERS/Pawan Kumar

कश्मीर के पहलगाम में हिंदुओं पर हुए आतंकी हमले से अमेरिका में रहने वाले भारतीयों में बहुत गुस्सा है। ओवरसीज फ्रेंड्स ऑफ बीजेपी-यूएसए के अध्यक्ष अदापा प्रसाद ने बताया कि पिछले 25-35 सालों से ऐसे हमले होते आ रहे हैं। इससे भारतीय समुदाय बहुत नाराज और आक्रोशित है। उन्होंने न्यू इंडिया अब्रॉड को बताया, 'पूरी दुनिया जानती है कि पाकिस्तान आतंकवाद का अड्डा है। वो आतंकवाद को पनाह देता है, और खासकर भारत के खिलाफ आतंकवाद को बढ़ावा देता है। ये उनकी तरफ से एक तरह का सस्ता जंग है और इस वजह से लोग बहुत गुस्से में हैं। अमेरिका के कई शहरों में लोग विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं।' 

प्रसाद ने आगे कहा, 'इस खौफनाक घटना के पीछे पाकिस्तान का हाथ होना तय है। और इस बात को और भी मजबूत करता है पाकिस्तान के आर्मी चीफ आसिफ मुनीर का बयान, जिसने इस घटना से दो दिन पहले ही हिंदुओं और मुसलमानों के बारे में कुछ कहा था, कि कैसे वो अलग हैं वगैरह। शायद उनके अपने कारण हैं, क्योंकि वो पाकिस्तान में सबसे ना-पसंद किए जाने वाले जनरल हैं।' 

कैंसर इंस्टिट्यूट, मेथोडिस्ट हॉस्पिटल्स के मेडिकल डायरेक्टर डॉ. भरत बरई का मानना है कि इस आतंकी हमले ने भारत में सभी धर्मों, राजनीतिक दलों और विचारधाराओं के लोगों को एकजुट कर दिया है। उन्होंने न्यू इंडिया अब्रॉड को बताया कि सभी ने मिलकर 26 मासूम लोगों की जान लेने की इस क्रूर हत्या की निंदा की है।

डॉ. बरई ने कहा, 'ये सैलानी थे, जो दोपहर की सैर कर रहे थे। कश्मीर में पिछले दो सालों में टूरिज्म बहुत बढ़ा था। कश्मीर के लोग बहुत खुश थे। होटल, शिकारे और रेस्टोरेंट्स, सबको अच्छा बिजनेस मिल रहा था। लेकिन इन हत्याओं के बाद ज्यादातर सैलानी कश्मीर छोड़कर चले गए।' 

उन्होंने कहा कि पहले जैसे फिर से सैलानियों का आना शुरू हो, इसके लिए ज्यादा सुरक्षा, भरोसा दिलाना, या फिर थोड़ा वक्त लगेगा। उन्होंने पाकिस्तानी आर्मी चीफ आसिफ मुनीर को भी जिम्मेदार ठहराया जिनके बयानों ने शायद इस पूरे मामले को भड़काया है। 'मैंने उनका भाषण सुना, जो बेहद भयावह था। लगभग ऐसा ही जैसे ओसामा बिन लादेन या हमास का कोई लीडर बोल रहा हो।'

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