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भारत में ‘जी राम जी’ योजना पर बवाल, विपक्ष का आरोप- देश को राम भरोसे छोड़ने पर आमादा मोदी सरकार

सांसद डिंपल यादव ने कहा कि जिस तरह मनरेगा गांव-गांव तक पहुंची थी, भाजपा को इसमें अब कुछ नया नहीं करना था पर उसे प्रचार-प्रसार में बस राम का प्रयोग करना है।

 भारत में विपक्षी सांसद डिंपल यादव भारत में विपक्षी सांसद डिंपल यादव / ians

भारत में 'जी राम जी' योजना को लेकर जमकर बवाल है। भारत की सरकार कांग्रेस के समय शुरू की गई 'मनरेगा' योजना को नया रूप और नया नाम दे रही है। सरकार के इस कदम पर विपक्षी पार्टियां हमलावर हैं। उत्तरप्रदेश के पूर्व सीएम अखिलेश यादव की पत्नी और सांसद डिंपल यादव ने केंद्र सरकार के 'जी राम जी' बिल को लेकर पलटवार किया। उन्होंने कहा कि सरकार इस बिल के जरिए सरकार पूरे देश के लोगों, युवाओं, किसानों और महिलाओं को भगवान राम की दया पर छोड़ना चाहती है। यह एक तरह से महात्मा गांधी का अपमान है।  

नई दिल्ली में मीडिया से बातचीत के दौरान उन्होंने कहा कि जिस तरह मनरेगा गांव-गांव तक पहुंची थी, भाजपा को इसमें अब कुछ नया नहीं करना था पर उसे प्रचार-प्रसार में बस राम का प्रयोग करना है। इसका कोई औचित्य नहीं है। यह गलत हो रहा है।

सपा सांसद आरके चौधरी के 'शव जलाने और होलिका दहन से वायु प्रदूषण' वाले बयान पर जब सपा सांसद डिंपल यादव ने कहा कि हमें प्रदूषण को गंभीरता से लेना होगा। हम हर बार किसानों पर ठीकरा नहीं फोड़ सकते। दिल्ली और केंद्र में भाजपा की सरकार है। प्रदूषण को लेकर गंभीरता से सोचते हुए जरूरी और ठोस कदम उठाने की जरूरत है। प्रदूषण के कारण बच्चों और बुजुर्गों के जीवन पर गहरा प्रभाव पड़ रहा है।

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कांग्रेस सांसद शशि थरूर और दीपेंद्र हुड्डा ने बांग्लादेश में हिंदुओं पर हो रहे अत्याचार पर अपनी बात रखी। शशि थरूर ने कहा कि हम एक लोकतंत्र हैं। हमारे पास अपने विचार व्यक्त करने के कई तरीके हैं। हमारे पास कई रास्ते हैं, इसलिए मुझे अस्थिरता की चिंता नहीं है। हम बांग्लादेश नहीं हैं, लेकिन साथ ही हम यह सुनिश्चित करना चाहते हैं कि बांग्लादेश में शांति बनी रहे।

कांग्रेस सांसद दीपेंद्र हुड्डा ने कहा कि सच तो यह है कि बांग्लादेश में राजनीतिक अस्थिरता उस देश के हित में नहीं है और वहां कुछ ताकतें हैं जो इसका इस्तेमाल अपने स्वार्थी हितों के लिए कर रही हैं। इनमें भारत-विरोधी ताकतें भी शामिल हैं।

उन्होंने कहा कि बांग्लादेश और हिंदुस्तान की दोस्ती रही है। 1971 में बांग्लादेश अलग देश बना, उस समय भारत ने पूरी दुनिया के सामने स्टैंड लिया। अच्छी दोस्ती रही है। दोनों मुल्कों की दोस्ती दक्षिण एशिया के लिए महत्वपूर्ण है। बांग्लादेश में जो लोग हैं, वे दोनों मुल्कों के संबंध खराब नहीं चाहते।

प्रदूषण को लेकर उन्होंने कहा कि दुर्भाग्य है कि सत्र की समाप्ति पर वायु प्रदूषण पर चर्चा नहीं की गई। मैंने कोशिश की, लेकिन सरकार को वायु प्रदूषण दिखाई नहीं दे रहा है। अगर हम जनता और संसद की आवाज को लेकर नहीं चलेंगे तो अमेरिकी संसद में चर्चा होगी। मुझे दुख है कि इस सत्र में प्रदूषण पर चर्चा के लिए समय नहीं था।

 

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